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गुजरात चुनाव में इंतजार पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने दिया स्पष्टीकरण

नयी दिल्ली : मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के साथ ही गुजरात विधानसभा के चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किये जाने पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि चुनाव कार्यक्रम तैयार करते समय नियम, परम्परा और मौसम जैसी कई बातों का ध्यान रखा जाता है।श्री कुमार ने यहां विज्ञान भवन में संवाददाता सम्मेलन में 68 सदस्यीय हिमाचल प्रदेश विधान सभा के चुनाव एक ही चरण में 12 नवंबर को कराने की शुक्रवार को घोषणा की। इसके लिए अधिसूचना 17 अक्टूबर को जारी की जाएगी और मतगणना 8 दिसंबर को होगी।

पहले हिमाचल प्रदेश और गुजरात विधानसभा के चुनावो कार्यक्रम करीब करीब एक ही समय घोषित होते थे और अटकलें थीं कि चुनाव आयोग दोनों राज्यों के लिए तिथियों की घोषणा आज ही कर सकता है क्योंकि दोनों राज्यों की विधान सभाओं का कार्यकाल करीब करीब एक ही साथ खत्म हो रहा है। हिमाचल विधानसभा का कार्यकाल 8 जनवरी और गुजरात विधान का कार्यकाल उससे 40 दिन बाद यानी 18 फरवरी तक है।श्री कुमार ने गुजरात विधानसभा चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किए जाने के बारे में संवाददाताओं के इस संबंध में नियमों के उल्लंघन करने संबंधी सवालों पर कहा, ‘आयोग चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए स्थापित परंपराओं का ध्यान रखता है।’

उन्होंने कहा कि दो विधानसभा चुनाव परिणामों के बीच कम से कम 30 दिन का अंतर होना चाहिए ताकी वे एक दूसरे को प्राभावित न करें। श्री कुमार ने कहा, ‘दोनों विधानसभाओं के कार्यकाल पूरा होने की तथि में 40 दिन का अंतर है। नियम के अनुसार तीस दिन का अंतर होना चाहिए ताकि एक परिणाम दूसरे परिणाम से प्रभावित न हो।’ उनका कहना था कि पिछले चुनावों में भी दोनों राज्यों में चुनाव की तिथियां अलग अलग दिन घोषित की गयी थीं पर मतगणना एक ही दिन करायी गयी थी।मुख्यनिर्वाचन आयुक्त ने कहा चुनाव कार्यक्रम तय करते समय मौसम जैसी कई बातों का ध्यान रखा जाता है। हम हमाचल प्रदेश में बर्फबारी शुरू होने से पहले मतदान करा लेना चाहते हैं। अनुमान है कि आयोग 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा के लिए चुनाव कार्यक्रम जल्द ही करे सकता है।(वार्ता)

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