Health

केन्द्र सरकार ने देश में डेढ़ लाख स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्र स्थापित किए: मंडाविया

हैदराबाद : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने शनिवार को कहा कि केंद्र की सरकार ने देश में 1,50,000 स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र (एचडब्ल्यूसी) स्थापित किए हैं।श्री मंडाविया ने हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट द्वारा अपने मुख्यालय कान्हा शांति वनम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एकीकृत स्वास्थ्य कल्याण (आईएचडब्ल्यू) 2022 पर तीन दिवसीय पहले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र सभी प्लेटफार्मों पर स्थापित हैं। जो ध्यान, योग और एकीकृत स्वास्थ्य और भलाई से संबंधित सभी पहलुओं और गतिविधियों को बढ़ावा देता है। यह सम्मेलन शुक्रवार को शुरु हुआ था।

उन्होंने कहा कि हम आध्यात्मिक आयाम को पहचानने वाले शोध को खोलना चाहते हैं। हमें इसे सार्वजनिक निजी भागीदारी के जरिए प्रोत्साहित करना चाहिए। शोध केवल सरकारी प्रयोगशालाओं तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए और हमें निजी शोधकर्ताओं के लिए भी अपने दरवाजे खोलने चाहिए। उन्होंने कहा कि हम भविष्य में भी कान्हा शांति वनम में शोध के अवसर देना चाहेंगे।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महान बनने के लिए बड़े काम करने की जरूरत नहीं है। काम के प्रति प्रतिबद्धता और समर्पण ही व्यक्ति को महान बनाता है। यह हमारे पारंपरिक विज्ञान की ताकत है। जब हम अपने पूर्वजों की जीवन शैली को देखते हैं, तो हम पाते हैं कि कैसे वे बिना किसी दवा के लंबे समय तक जीवित रहते थे। यह पर्याप्त शारीरिक गतिविधि तथा स्वस्थ खाने और अवलोकन के माध्यम से आने वालों के लिए ज्ञान का मार्ग है।

मंत्री ने कहा कि हम ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ में विश्वास करते हैं। यह न केवल हमारे देशवासियों बल्कि दुनिया के लोगों की भी मदद कर रहा है। हमने लॉकडाउन के दौरान कीमतों में बढ़ोतरी किए बिना 150 देशों को दवाएं भेजीं, जो अन्यथा संकट का लाभ उठाने का एक तरीका होगा। संकट के समय में मानव जाति की मदद करने के कारण ही दुनिया भारत पर भरोसा करने लगी है।अपनी तरह का यह अनूठा सम्मेलन अनुसंधान द्वारा समर्थित स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए पारंपरिक तथा एकीकृत समग्र दृष्टिकोण का मिश्रण है। सम्मेलन को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों द्वारा समथन मिला है।

श्री कमलेश पटेल दाजी-हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर के ग्लोबल गाइड ने उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा, “शिक्षित लोगों के बीच अब बहुत सारी समझ है, और अनुसंधान ने यह भी साबित किया है कि भावनात्मक और मानसिक तंदुरूस्ती का किसी के समग्र स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है।”उन्होंने कहा कि विज्ञान ने भी इसे पहचानना शुरू कर दिया है। यहां कान्हा शांति वनम में हमारे साथ शामिल होने वाले प्रख्यात चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को देखकर मुझे खुशी हो रही है। मुझे उम्मीद है कि यह एकीकृत स्वास्थ्य और कल्याण कार्यक्रम ज्ञानवर्धक है। निश्चित रूप से आने वाला दशक इसी का होगा और हम अधिक से अधिक लोगों को कल्याण के लिए इस समग्र दृष्टिकोण से लाभान्वित कर पाएंगे।डॉ. मंडाविया ने सुविधा केंद्र का दौरा किया। वह श्री दाजी से भी रू-ब-रू हुए।(वार्ता)

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