गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर पर काशी में जश्न, पीएम मोदी का जताया आभार
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा वाराणसी के लिए ₹25,446 करोड़ की गंगा एवं वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को मंजूरी मिलने पर शहर में उत्सव का माहौल रहा। नगर निगम, भाजपा काशी क्षेत्र कार्यालय और संसदीय जनसंपर्क कार्यालय में आयोजित कार्यक्रमों में महापौर, विधायक, भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। नेताओं ने कहा कि यह परियोजना वाराणसी को जाम से राहत दिलाने के साथ पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को नई गति देगी।
वाराणसी। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा वाराणसी के लिए लगभग ₹25,446 करोड़ की लागत वाली गंगा एवं वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद बुधवार को पूरे शहर में उत्सव का माहौल रहा। नगर निगम से लेकर भाजपा कार्यालय और संसदीय जनसंपर्क कार्यालय तक विभिन्न स्थानों पर बैठकें, धन्यवाद सभाएं और मिठाई वितरण कार्यक्रम आयोजित कर प्रधानमंत्री एवं वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
सबसे पहले नगर निगम में महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित विशेष बैठक में इस ऐतिहासिक परियोजना का स्वागत किया गया। बैठक में महापौर, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, पार्षदों और अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना काशी के विकास के इतिहास में नया स्वर्णिम अध्याय साबित होगी। महापौर ने कहा कि लगभग 89 किलोमीटर लंबे गंगा एवं वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण से वाराणसी की यातायात व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी। इससे ट्रैफिक जाम में भारी कमी आएगी, पर्यटन और व्यापार को नई गति मिलेगी तथा रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत गंगा और वरुणा नदी के किनारे आधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक कम समय में काशी विश्वनाथ धाम, नमो घाट, बीएचयू तथा शहर के अन्य प्रमुख स्थलों तक पहुंच सकेंगे। भारी वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने से शहर के भीतर वाहनों का दबाव काफी कम होगा।
उधर, केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद भाजपा काशी क्षेत्र कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजे और मिठाई वितरण के साथ उत्सव मनाया। भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने इसे काशी के विकास का ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि यह परियोजना शहर की आधारभूत संरचना को नई पहचान देगी। उन्होंने कहा कि 89 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड नेटवर्क से वर्षों पुरानी जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलेगी तथा एयरपोर्ट, काशी विश्वनाथ धाम, नमो घाट और अन्य प्रमुख स्थलों तक तेज एवं सुगम संपर्क स्थापित होगा।

अशोक चौरसिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है। विश्वनाथ धाम, नमो घाट, रिंग रोड और रोपवे जैसी परियोजनाओं के बाद यह मेगा रोड प्रोजेक्ट शहर को आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था की दिशा में नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष राम सकल पटेल, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, डॉ. उत्तम ओझा, संतोष सोलापुरकर, सुरेंद्र पटेल, अनिल श्रीवास्तव, अमित राय, संजय सोनकर, अरविंद प्रधान, अश्वनी पांडेय, राजेश श्रीवास्तव, प्रवीण सिंह गौतम सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इसी क्रम में संसदीय जनसंपर्क कार्यालय में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिठाई खिलाकर और ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि यह मेगा रोड प्रोजेक्ट वाराणसी की आधारभूत संरचना को नई दिशा देगा और आधुनिक, तेज तथा सुगम यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने कहा कि गंगा और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, काशी विश्वनाथ धाम, नमो घाट तथा अन्य प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक निर्बाध कनेक्टिविटी विकसित होगी। इससे ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और पर्यटन को भी व्यापक बढ़ावा मिलेगा। विधायक ने इसे “विकसित काशी” के संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया।
कार्यक्रम में शिवशरण पाठक, डॉ. नंद जी पांडेय, नवरतन राठी, अभिषेक मिश्रा, अजय प्रताप सिंह, जगन्नाथ ओझा, शिवांग दुबे, पवन शर्मा, अनुराग शर्मा, विपिन ओझा, जय प्रकाश सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
करीब ₹25,446 करोड़ की लागत से बनने वाली गंगा एवं वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को वाराणसी की अब तक की सबसे बड़ी शहरी परिवहन परियोजनाओं में माना जा रहा है। इसके पूरा होने पर शहर में ट्रैफिक जाम में उल्लेखनीय कमी आएगी, यात्रा समय घटेगा और पूर्वांचल के धार्मिक पर्यटन, व्यापार तथा आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।



