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बॉक्सिंग डे टेस्ट : भारत ने मेलबर्न में गाड़ा जीत का झंडा, 1-1 से बराबर की सीरीज

मेलबर्न/नई दिल्ली : टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को मेलबर्न में खेले गए बॉक्सिंग-डे टेस्ट में 8 विकेट से शिकस्त दी। इसी के साथ भारत ने 4 टेस्ट की सीरीज 1-1 से बराबर की। टीम इंडिया पिछले 6 साल से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉक्सिंग-डे टेस्ट में हारी नहीं है। पिछली बार दिसंबर 2018 को मेलबर्न टेस्ट में ही भारत ने मेजबान को 137 रन से हराया था। जबकि दिसंबर 2014 में इसी मैदान पर बॉक्सिंग-डे टेस्ट ड्रॉ रहा था।

मैच में टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 195 रन बनाए थे। इसके बाद टीम इंडिया ने पहली पारी में 326 रन बनाते हुए 131 रन की बढ़त ली थी। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 103.1 ओवर खेलकर 1.94 के रनरेट से 200 रन बनाए और भारत को 70 रन का टारगेट दिया। 1978 के बाद से ऑस्ट्रेलिया की घरेलू मैदान पर 80 से ज्यादा ओवर खेलकर यह अब तक की सबसे धीमी पारी रही।

लगातार दो ओवर में भारत को दो झटके
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने 19 रन पर ही दो विकेट गंवा दिए। ओपनर मयंक अग्रवाल 5 और चेतेश्वर पुजारा 3 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। ऑस्ट्रेलियन तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने पारी के चौथे ओवर में मयंक को विकेटकीपर टिम पेन के हाथों कैच आउट कराया। इसके अगले ओवर की पहली ही बॉल पर पैट कमिंस की बॉल पर पुजारा कैमरून ग्रीन के हाथों कैच आउट हुए।

टीम इंडिया ने 2 विकेट गंवाकर 70 रन बनाते हुए मैच जीत लिया। कप्तान अजिंक्य रहाणे और ओपनर शुभमन गिल आखिर तक डटे रहे और टीम को जीत दिलाई। शुभमन ने नाबाद 35 और रहाणे ने 27 रन की पारी खेली।

कोई ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर दूसरी पारी में फिफ्टी नहीं लगा सका
दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के लिए कैमरून ग्रीन ने 146 बॉल पर सबसे ज्यादा 45 और ओपनर मैथ्यू वेड ने 137 बॉल पर 40 रन की पारी खेली। इनके अलावा मार्नस लाबुशेन ने 28 और पैट कमिंस ने 22 रन बनाए। भारत के लिए मोहम्मद सिराज ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। इनके अलावा जसप्रीत बुमराह, रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा को 2-2 सफलता मिली। चोटिल उमेश यादव ने एक विकेट लिया।

अश्विन सबसे ज्यादा लेफ्ट हैंडर बैट्समैन को आउट करने वाले टेस्ट बॉलर
भारतीय स्पिनर अश्विन टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा 192 लेफ्ट हैंडर बैट्समैन को आउट करने वाले बॉलर बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने श्रीलंका के पूर्व स्पिनर मुथैया मुरलीधरन को पीछे छोड़ दिया। भारतीयों में दूसरे नंबर पर अनिल कुंबले हैं। उन्होंने 167 बाएं हाथ के बल्लेबाजों का शिकार किया।

दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की खराब शुरुआत
मेजबान ऑस्ट्रेलिया टीम की दूसरी पारी में शुरुआत खराब रही। पारी के चौथे ओवर में जो बर्न्स 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद मैथ्यू वेड और मार्नस लाबुशेन ने 38 रन की पार्टनरशिप कर पारी को संभालने की कोशिश की। टीम के लिए तीसरे दिन यही सबसे बड़ी पार्टनरशिप भी रही। इसके बाद लगातार गिरते विकेट के कारण मिडिल ऑर्डर पूरी तरह ढह गया। ऑस्ट्रेलिया ने मैच के तीसरे दिन 100 रन के अंदर ही 6 विकेट गंवा दिए थे।

चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 6 विकेट पर 133 रन से आगे खेलना शुरू किया था। पैट कमिंस और कैमरून ग्रीन ने संभलकर खेलते हुए 7वें विकेट के लिए जरूरी 57 रन की पार्टनरशिप भी की। टीम अभी 23 रन ही जोड़ पाई थी कि जसप्रीत बुमराह ने टीम को दिन का पहला झटका दिया। उन्होंने पैट कमिंस को स्लिप पर मयंक अग्रवाल के हाथों कैच आउट कराया।

बुमराह के बाद मोहम्मद सिराज ने लगातार 2 विकेट लिए। उन्होंने भारतीय टीम के लिए घातक साबित हो रहे ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन को 45 रन पर पवेलियन भेजा। उनका कैच रविंद्र जडेजा ने लिया। इसके बाद नाथल लियोन (3) को विकेटकीपर ऋषभ पंत के हाथों कैच आउट कराया।

भारतीय तेज गेंदबाज बुमराह ने इस मैच में 33 रन देकर कुल 6 विकेट लिए। यह उनका इस ग्राउंड पर अब तक का बेस्ट परफॉर्मेंस है। इससे पहले उन्होंने इस मैदान पर 53 रन देकर 3 विकट लिए थे। बुमराह ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में 7 टेस्ट खेले। इसमें 13.06 की औसत से 15 विकेट लिए।

भारतीय तेज गेंदबाज उमेश यादव चौथे दिन भी मैदान में नहीं उतरे। वे तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी के 8वें ओवर में चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए थे। उन्होंने पैर में दर्द की शिकायत की। उमेश 3.3 ओवर ही गेंदबाजी कर सके और एक विकेट लिया। उनका ओवर मोहम्मद सिराज ने पूरा किया था। उनकी जगह लोकेश राहुल ने फील्डिंग की।

स्टीव स्मिथ लगातार दूसरी पारी में फ्लॉप रहे। वे 8 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें जसप्रीत बुमराह ने क्लीन बोल्ड किया। पहली पारी में वे खाता भी नहीं खोल सके थे। टेस्ट करियर में उनका एक मैच में यह दूसरा सबसे कम स्कोर है। इससे पहले उन्होंने 2013 के लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ 3 (2 और 1) रन बनाए थे।

भारतीय टीम एक सीरीज के लगातार दो टेस्ट कभी नहीं हारी है। जबकि उसने दोनों मैच की पहली पारी में बढ़त बनाई हो। मेलबर्न के मैदान पर 100 से ज्यादा रन की बढ़त के साथ पिछली बार 2010 में ऑस्ट्रेलिया टीम इंग्लैंड को 89 रन से हराया था। टीम इंडिया भी एक बार मेलबर्न में 100+ रन की बढ़त के साथ एक मैच जीत चुकी है। उसने 1980 में 182 रन की बढ़त के साथ ऑस्ट्रेलिया को 59 रन से हराया था।

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