Arts & Culture

बीएचयू की छात्रा नेहा ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराया नाम

8 पेंटिंग रिजेक्ट होने के बाद मिली कामयाबी, इससे पहले भी 3 रिकॉर्ड कर चुकी है अपने नाम

वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्वयालय वैदिक विज्ञान केन्द्र के पहले सत्र की छात्रा नेहा सिंह ने खनिज रंगों से सबसे बड़ी पेंटिंग बना कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। विश्वविद्वयालय के इतिहास में पहली बार इस छात्रा का नाम गिनीज बुक में दर्ज हुआ है। रविवार को छात्रा की उपलब्धि पर उसके सहपाठियों और अध्यापकों ने भी बधाई दिया।

4 महीने में बन कर तैयार हुआ पेंटिंग
लॉकडाउन के वक़्त अप्रैल में छात्रा ने पेंटिंग को बनाने का काम शुरू किया था। चार महीने की कड़ी मेहनत के बाद छात्रा ने खनिज रंगों से भगवद्गीता पर आधारित मोक्ष का पेड़ शीर्षक से चित्र बना कर गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज कराया है।

8 पेंटिंग हो चुके हैं रिजेक्ट
इस पेंटिंग का आकार 62.72 वर्गमीटर है। पेंटिंग जुलाई महीने में ही गिनीज़ के नियमों के अनुसार तैयार करके इसे ऑनलाइन जमा किया गया था। नेहा ने इससे पहले भी आठ पेंटिंग बनाई थीं। जिन्हें गिनीज टीम ने रिजेक्ट कर दिया था। इसके पहले देश में पहले खनिज रंगों से सबसे बड़ी पेंटिंग बनाने का रिकॉर्ड विजयवाड़ा की श्रेया तातिनेनी के नाम था।

पहले भी बना चुकी है 3 रिकॉर्ड
बलिया जिले की मूल निवासी नेहा ने इससे पहले भी तीन रेकॉर्ड बनाया है। नेहा की उपलब्धि पर रविवार को ही बलिया के जिलाधिकारी हरिप्रताप शाही ने उसके पैतृक आवास पर जाकर प्रमाणपत्र दिया।
•16 लाख मोतियों से 10 फीट लंबे और 11 फीट चौड़े भारत का नक्शा बनाकर वर्ल्ड रेकॉर्ड ऑफ इंडिया किया अपने नाम
•449 फीट कपड़े पर 38417 उंगलियों के निशान से हनुमान चालीसा लिख यूरेशिया वर्ल्ड रेकार्ड किया अपने नाम
•पहला दशोपनिषद का डिजिटल एल्बम तैयार कर इंडिया बुक ऑफ रेकार्ड किया अपने नाम

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