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यूपी बना IT-ITES का नया हब: निर्यात ने पहली बार पार किया 1 लाख करोड़ का आंकड़ा

उत्तर प्रदेश के आईटी और आईटीईएस सेक्टर ने बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश से IT-ITES निर्यात पहली बार ₹1 लाख करोड़ के पार पहुंचकर ₹1,01,970 करोड़ हो गया। वर्ष 2020-21 में यह आंकड़ा ₹48,004 करोड़ था। पांच वर्षों में निर्यात में करीब 112 प्रतिशत की वृद्धि हुई। STPI से निर्यात ₹52,778 करोड़ और SEZ से ₹49,192 करोड़ रहा। आईटी क्षेत्र के विस्तार से प्रदेश में निवेश, तकनीकी विकास और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

लखनऊ। यूपी से आईटी और आईटीईएस का निर्यात पहली बार एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश से 1,01,970 करोड़ रुपये का आईटी-आईटीईएस निर्यात हुआ। पांच साल पहले 2020-21 में यह 48,004 करोड़ रुपये था। यानी पांच साल में निर्यात दोगुने से ज्यादा हो गया। रकम के हिसाब से इस दौरान 53,966 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

आईटी-आईटीईएस निर्यात में यह बढ़ोतरी सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड), दोनों में दर्ज हुई है। पांच साल के आंकड़े देखें तो एसईजेड से निर्यात बढ़ने की सालाना औसत रफ्तार एसटीपीआई से कुछ ज्यादा रही है। वहीं रकम के लिहाज से एसटीपीआई से होने वाला निर्यात एसईजेड से आगे है।

एसटीपीआई से निर्यात हुआ दोगुना

एसटीपीआई इकाइयों से वित्तीय वर्ष 2020-21 में 25,642 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 52,778 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस तरह पांच साल में एसटीपीआई से होने वाले निर्यात में 27,136 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस अवधि में इसकी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 15.5 प्रतिशत रही। पांच साल में एसटीपीआई से होने वाला निर्यात करीब दोगुना हो गया है।

एसईजेड की रफ्तार ज्यादा

विशेष आर्थिक क्षेत्रों से आईटी-आईटीईएस निर्यात में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में एसईजेड से 22,362 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 49,192 करोड़ रुपये पहुंच गया। यानी पांच साल में एसईजेड से निर्यात में 26,830 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस अवधि में इसकी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 17.1 प्रतिशत रही। एसटीपीआई की 15.5 प्रतिशत की दर के मुकाबले एसईजेड से निर्यात बढ़ने की रफ्तार अधिक रही।

दोनों के आंकड़ों को मिलाकर देखें तो वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रदेश का आईटी-आईटीईएस निर्यात 48,004 करोड़ रुपये था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह 1,01,970 करोड़ रुपये पहुंच गया। पांच साल में इसमें करीब 112 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आईटी और आईटीईएस सेक्टर के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। लखनऊ में आईबीएम, जेनपैक्ट और टेलीपरफॉर्मेंस जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने कार्यालय स्थापित किए हैं। आईटी सेक्टर का दायरा बढ़ने से प्रदेश में निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। खासतौर पर तकनीकी और आईटी क्षेत्र के युवाओं के लिए अपने ही प्रदेश में काम के अधिक विकल्प तैयार होंगे। पांच साल में आईटी-आईटीईएस निर्यात का 48 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचना इस सेक्टर के बढ़ते आकार को भी दिखाता है।

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