Crime

अंकित बालियान हत्याकांड: शामली में एनकाउंटर, 50-50 हजार के दो इनामी शूटर ढेर

हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में यूपी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शामली कोतवाली क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान 50-50 हजार रुपये के दो इनामी आरोपी शूटर मोहित और सुमित मारे गए। दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जबकि जवाबी कार्रवाई में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए। डीजीपी राजीव कृष्ण ने पुलिस टीम को दो लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की और गैंगों को कड़ी चेतावनी दी।

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यूपी पुलिस ने हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड के दो आरोपी शूटरों को शामली कोतवाली क्षेत्र में मुठभेड़ में ढेर कर दिया। दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस संबंध में यूपी पुलिस मुख्यालय में डीजीपी राजीव कृष्ण ने सोमवार को प्रेसवार्ता में कहा कि प्रदेश की धरती को किसी भी गैंग की शरणस्थली नहीं बनने दिया जाएगा। प्रदेश की सीमा से बाहर व विदेशों से साजिश रचने वाले अपराधी भी किसी गलतफहमी में न रहें।

थाना कोतवाली शामली क्षेत्रान्तर्गत पुलिस टीम द्वारा चेकिंग के दौरान 02 संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया गया, जिस पर दोनों संदिग्धों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तत्काल उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों की टीम द्वारा परीक्षण के उपरान्त दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।

  • ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’ गाने से जुड़ा था विवाद, 11 अधिकारियों की विशेष टीम ने किया खुलासा

डीजीपी के मुताबिक मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों की पहचान मोहित निवासी सोनीपत और सुमित निवासी कुंडली, सोनीपत के रूप में हुई है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों की फायरिंग में शामली स्वाट टीम के हेड कांस्टेबल हरविंदर और हेड कांस्टेबल प्रदीप भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिनका शामली के जिला संयुक्त चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। मृत आरोपी मोहित के खिलाफ हरियाणा में करीब 14 मुकदमे और सुमित के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस को मिली है। दोनों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

डीजीपी ने पुलिस टीम को 2 लाख का पुरस्कार देने की घोषणा की

यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को 2 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आपराधिक घटनाओं और साजिशों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस की कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की जवाबदेही तय की जाएगी।

प्रदेश के बाहर और विदेशों से साजिश रचने वालों को चेतावनी

डीजीपी ने प्रदेश की सीमा से बाहर बैठकर, जेलों व विदेशों से साजिश रचने, शूटर भेजने वाले अपराधियों को भी कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधी किसी गलतफहमी में न रहें और प्रदेश की जमीन को किसी भी गैंग की रंजिश या शरणस्थली नहीं बनने दी जाएगी। उन्होंने बेहतर अंतरराज्यीय समन्वय और सहयोग को इस घटना के कम समय में सफल अनावरण का महत्वपूर्ण कारण बताया। उन्होंने कहा कि कानून के लंबे हाथ उन सभी अपराधियों तक जरूर पहुंचेंगे, जो कहीं भी छिपने की कोशिश कर रहे हैं।

26 अगस्त को हुई थी सिंगर अंकित बालियान की हत्या

हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान निवासी बनतीखेड़ा थाना बाबरी, जिला शामली की 26 अगस्त को शाम करीब 6:45 बजे हत्या की गई थी। अंकित शामली कोतवाली क्षेत्र के नालापिरी स्थित फिटनेस जिम से बाहर निकलकर अपनी गाड़ी में बैग रख रहे थे। इसी दौरान चार अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने उन पर गोलीबारी कर दी। वारदात के बाद अंकित के पिता की तहरीर पर शामली कोतवाली में चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

हत्या के खुलासे के लिए 11 अधिकारियों की विशेष टीम बनी

घटना की गंभीरता को देखते हुए इसके अनावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। एडीजी कानून-व्यवस्था और एडीजी मेरठ जोन के स्तर से शामली पुलिस के सहयोग के लिए एसटीएफ मेरठ, गौतमबुद्धनगर और मेरठ जोन के विभिन्न जिलों के 11 पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम गठित की गई। इसमें चार अपर पुलिस अधीक्षक और सात पुलिस उपाधीक्षक शामिल थे। इस टीम में चार आईपीएस अधिकारी भी शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस टीमों ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इंटेलिजेंस के आधार पर साक्ष्य जुटाए। सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल गतिविधियों, आरोपियों की आवाजाही, ठहरने के स्थान, भुगतान और आपसी संपर्क से जुड़े तथ्यों को जोड़ते हुए पुलिस ने हत्याकांड में शामिल शूटरों की पहचान की। इसी जांच के आधार पर मोहित और सुमित की पहचान वारदात में शामिल शूटरों के रूप में हुई।

गोगी गैंग से जुड़ी साजिश के संकेत

पुलिस टीम को गोगी गैंग के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र के साक्ष्य मिले है। जांच में यह भी सामने आया कि 26-27 अगस्त को सोशल मीडिया पर राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया से जुड़े इंस्टाग्राम अकाउंट से अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी गोगी गैंग द्वारा लिए जाने से जुड़ा पोस्ट सामना आया था। पुलिस ने इस सोशल मीडिया पोस्ट को भी विवेचना का हिस्सा बनाया।

एक गाने को लेकर शुरू हुआ था विवाद

अंकित बालियान ने ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’ नाम के एक गाने में अभिनय किया था, जिसे यूट्यूब पर 5.4 करोड़ व्यूज मिले थे। अंकित ने यह गाना राहुल पुट्ठी से 55 हजार रुपये में खरीदा था और इसे वत्स कंपनी को 1.50 लाख रुपये में बेच दिया था। पुलिस के अनुसार गोगी गैंग ने इस गाने को जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या के घटनाक्रम से जोड़कर अपने अपमान के रूप में लिया।

इसी गाने को लेकर वर्ष 2022-23 में अंकित को धमकी भी दी गई थी। धमकी मिलने के बाद अंकित ने गोगी गैंग को सफाई दी थी कि गाने में उन्होंने केवल अभिनय किया है और गाना व उसकी धुन उनकी नहीं है। इसके बावजूद गैंग की ओर से अंकित पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने विरोधी टिल्लू ताजपुरिया के साथ मिलकर गाना रिलीज किया था। पुलिस के मुताबिक धमकी के संबंध में अंकित ने अपने परिजनों या शामली पुलिस को कोई सूचना नहीं दी थी।

गोगी-टिल्लू गैंगवार की पुरानी कहानी भी सामने आई

पुलिस के अनुसार 24 सितंबर 2021 को रोहिणी कोर्ट में पेशी के दौरान टिल्लू गैंग के शूटरों ने जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या कर दी थी। इसके बाद गोगी गैंग ने बदले की तैयारी शुरू की। करीब डेढ़ वर्ष बाद 2 मई 2023 को तिहाड़ जेल में गोगी गैंग के सदस्य योगेश उर्फ टुंडा और उसके साथियों ने टिल्लू ताजपुरिया की हत्या कर दी थी। पुलिस ने अंकित हत्याकांड की पृष्ठभूमि में इस गैंगवार और गीत से जुड़े विवाद को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।

फरार अन्य आरोपियों की तलाश तेज

हत्याकांड में शामिल अन्य शूटरों, शरणदाताओं और साजिश में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार सक्रिय हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े अन्य आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।

अंकित बालियान हत्याकांड पर अखिलेश के आरोपों का भाजपा और सहयोगी दलों के नेताओं ने दिया करारा जवाब

शामली के अंकित बालियान हत्याकांड के आरोपियों के एनकाउंटर को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर भाजपा और सहयोगी नेताओं ने तीखा पलटवार किया है। प्रदेश सरकार के मंत्री से लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने अखिलेश यादव के बयान को गलत नैरेटिव करार देते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है। योगी सरकार अपराधियों की जाति देखकर कार्रवाई नहीं करती बल्कि उसके द्वारा किए गए अपराध के अनुसार एक्शन लेती है।

केवल आरोप लगाने की राजनीति कर रहा विपक्ष

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि विपक्ष और खासकर अखिलेश यादव को अब किसी भी संस्था पर विश्वास नहीं रह गया है। उन्होंने कहाकि विपक्ष केवल आरोप लगाने की राजनीति कर रहा है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव जाति की राजनीति कर रहे हैं।

अपराधी चाहे किसी भी जाति या वर्ग का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा

मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती, अपराधी सिर्फ अपराधी होता है। अपराधी चाहे किसी भी जाति या वर्ग का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश सरकार अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी अपराधी की पहचान कर उसे पकड़ने, जांच करने और उसके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटाने में समय लगता है, लेकिन कुछ लोग इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास करते हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय न हो और पीड़ित को न्याय मिले।

अखिलेश यादव के कार्यकाल में नहीं था कानून का राज

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि जिन अपराधियों को पहले राजनीतिक संरक्षण मिलता था, उनमें कई प्रदेश छोड़कर भाग गए, कई जेल में हैं और कई मुठभेड़ में मारे गए हैं। यही कारण है कि अखिलेश यादव बौखलाहट में इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। अखिलेश के कार्यकाल में कानून का राज नहीं था। उस समय समाजवादी पार्टी के संरक्षण में गुंडे खुलेआम गुंडागर्दी करते थे। उन्होंने कहा कि आज वही पुलिस, वही एसएसपी और वही डीजीपी हैं, लेकिन व्यवस्था बदल गई है। प्रदेश में कानून का राज स्थापित है।

अपराधियों को दंड मिलने पर सवाल क्यों

भाजपा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अंकित बालियान की हत्या करने वाले अपराधियों को दंड देने के लिए पुलिस अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रही थी। ऐसे में पुलिस की आलोचना करना दुखद है। अंकित बालियान लोकप्रिय व्यक्तित्व के धनी थे और उनकी जघन्य हत्या की गई थी। अपराधी सीसीटीवी में भी कैद हुए थे। ऐसे अपराधियों को विधिक प्रक्रिया के तहत दंड मिला तो इसमें गलत क्या है। अगर कोई पुलिस के साथ छेड़छाड़ करेगा तो पुलिस उसका जवाब देगी।

अखिलेश की सरकार ने आतंकवादियों के 14 मुकदमे वापस लेने की कोशिश की

भाजपा के राज्यसभा सांसद एवं पूर्व डीजीपी बृजलाल ने अखिलेश यादव के आरोपों को फर्जी नैरेटिव बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की सरकार में आतंकवादियों के 14 मुकदमे वापस लेने की कोशिश की गई थी, जिनमें रामपुर हमले से जुड़े दो पाकिस्तानी आरोपियों के मामले भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि एसटीएफ और एटीएस पर सवाल उठाने के बजाय उनके काम को देखा जाना चाहिए।

पीड़ित परिवारों को मिला न्याय

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक पूजा पाल ने कहा कि अखिलेश यादव शायद भूल जाते हैं कि उनकी और उनके पिता की सरकारों में प्रदेश में किस तरह की स्थिति थी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में अपराध की घटनाएं होने पर भी अपराधियों को सजा मिल रही है और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ जिस तरह कार्रवाई हो रही है, वह पिछली सरकारों में देखने को नहीं मिली।

कानून व्यवस्था से समझौता नहीं

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव लगातार गलत नैरेटिव गढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर रखा है कि कानून-व्यवस्था के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि माफिया और शूटरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। मुख्यमंत्री ने अपराधियों को मिट्टी में मिलाने की बात कही थी और सरकार उसी दिशा में काम कर रही है।

अपराधी की कोई जाति नहीं होती

भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने सपा पर जाति की राजनीति करने का आरोप लगाया। सपा सरकारों में जाति चिन्हित करके भर्ती, जमीन और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निष्पक्षता के साथ काम कर रही है। अपराधी की कोई जाति नहीं होती।

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