
संतान की मुराद पूरी करती है छितवापुर की मां भुइंयन देवी
माता के मंदिर से कोई नहीं जाता खाली हाथ
लखनऊ । संतान की मुराद पूरी करती है छितवापुर की मां भुइंयन देवी। यहां मंदिर में आने वाले हर भक्त की मनौती को माता जरूर पूरा करती हैं। माता के इस दरबार से कोई खाली नहीं जाता है, ऐसा वहां के रहने वालों की मान्यता है।
हुसैनगंज से जब चारबाग की तरफ आगे बढ़ेंगे तो छितवापुर पुलिस चौकी के सामने से बॉयी तरफ रास्ता मंदिर को जाता है। थोड़ी ही दूर चलने पर ही वहां माता का प्रसाद, नारियल, फूल और चुनरी की दुकानें दिखाई पड़ने लगती हैं। यहां मंदिर के मुख्यद्वार से जब मंदिर में प्रवेश करते हैं तो पहले एक बड़ा आंगन पार करन पड़ता है। आंगन के किनारे देवी दुर्गा, भगवान शिव का छोटा मंदिर हैं। आगे थोड़ा आगे बढ़ने सीढ़िया चढ़कर माता के दरबार में पहुंचते हैं।
मंदिर के काफी सालों से सेवक रहे ओम प्रकाश शर्मा बताते हैं कि साल 1966 में लाला दीप नारायण व राज नारायण दो भाइयों ने इस मंदिर की स्थापना की थी। वे लोग भक्त स्वभाव के थे। उन लोगों ने एक मंदिर और बनवाया है।वह बताते हैं कि पहले एक छोटी मूर्ति थी, जिसे अब आंगन के किनारे बने मंदिर में स्थापित करा दिया गया। इस समय माता की बड़ी अष्टभूजी मूर्ति मुख्य दरबार में स्थापित है। वह बताते हैं कि यहां आने वाले वैसे हर भक्त की मंशा पूरी होती है लेकिन जो संतान की मनोकामना के साथ आता उसकी मुराद जरूर पूरी होती है।
शहर में इसकी बड़ी मान्यता है। ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि हर सोमवार और शुक्रवार को यहा काफी भक्त दर्शन के लिए आते है। वैसे नवरात्रि पर तो यहां मेला ही लगता है। यहां आने वाले हर भक्त को प्रसाद रूप में एक पेडा, मेवा, मिश्री व काजू दिया जाता है। यहां नवरात्रि की अष्टमी और नवमी दोनों दिन हवन होता है मंदिर मे आने वाले भक्तों का तांता लगा रहता है।(हि.स.)



