
समरकंद/नई दिल्ली । चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतीन ने भारत के अगले वर्ष शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की अध्यक्षता ग्रहण करने का स्वागत किया है।
उज्बेकिस्तान के समरकंद में चल रहे एससीओ शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग ने कहा कि “चीन अगले वर्ष भारत द्वारा एससीओ की अध्यक्षता ग्रहण करने का समर्थन करता है।” रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतीन ने भी भारत को अगले वर्ष एससीओ शिखर वार्ता की मेजबानी करने के लिए बधाई दी है। यह पहला अवसर होगा जब भारत इस संगठन की शिखर वार्ता की मेजबानी करेगा। भारत वर्ष 2017 में इस संगठन का पूर्ण सदस्य बना था।
उल्लेखनीय है कि अगले वर्ष 2023 में भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्था वाले देशों के संगठन जी-20 की शिखर बैठक का भी आयोजन करेगा। दो प्रमुख विश्व संगठनों की शिखर वार्ताओं की एक साथ मेजबानी भारत की बढ़ती शाख और प्रभाव का द्योतक है।समरकंद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दो साल से अधिक समय के अंतराल के बाद आमने-सामने आये। एससीओ सदस्य देशों और पर्यवेक्षक देशों के नेताओं के ग्रुप फोटोग्राफ में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगल-बगल खड़े थे।
जून 2020 में पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी क्षेत्र में सैन्य संघर्ष के बाद दोनों नेता पहली बार एक मेज पर नजर आये। हालांकि दोनों नेताओं के बीच एससीओ और ब्रिक्स देशों की बैठकों में दोनों नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये शामिल हुए थे।(हि.स.)
मोदी ने की, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन से मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दाेगन और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से अलग अलग द्विपक्षीय मुलाकातें कीं।शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के शासनाध्यक्षों के 22वें शिखर सम्मेलन के इतर श्री मोदी ने अपनी पहली द्विपक्षीय मुलाकात तुर्की के राष्ट्रपति से की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने इस प्रतिनिधिमंडल स्तरीय मुलाकात में भारत एवं तुर्की के बीच विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।उल्लेखनीय है कि तुर्की के राष्ट्रपति के साथ मुलाकात पूर्व निर्धारित नहीं थी।
श्री एर्दोगन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर को लेकर भारत की मुखालफत करते आये हैं हालांकि दोनों देशों के बीच जहाजरानी उद्योग, पर्यटन एवं फिल्म शूटिंग आदि क्षेत्र में परस्पर आदान प्रदान में काफी वृद्धि हुई है।दूसरी द्विपक्षीय बैठक रूस के राष्ट्रपति श्री पुतिन के साथ हुई मुलाकात में दोनों नेताओं ने यूक्रेन को लेकर भी बातचीत की। श्री पुतिन ने कहा कि यूक्रेन को लेकर वह भारत के रुख एवं चिंताओं को समझतेे हैं। उन्होंने कहा कि हम इसे यथासंभव शीघ्र ही खत्म करना चाहते हैं। हम इस बारे में आपको (श्री मोदी को) जानकारी देते रहेंगे।
श्री मोदी ने कहा कि हमें भारत रूस द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करके खाद्य एवं ईंधन सुरक्षा तथा उर्वरक की आपूर्ति की समस्याओं का समाधान खोजना चाहिए। प्रधानमंत्री ने यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने में सहायता के लिए रूस एवं यूक्रेन दोनों के प्रति आभार व्यक्त किया।प्रधानमंत्री का ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी एवं मेज़बान उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिरज़ियोएव से भी मुलाकात का कार्यक्रम है।(वार्ता)



