
यमुनोत्री बस हादसे के मृतकों का अंतिम संस्कार, नौ गांवों में पसरा मातम
पन्ना जिले के बुद्धसिंह साटा गांव में एक साथ उठी आठ अर्थियां-मोहंद्रा में एक ही परिवार के चार लोगों का एक साथ अंतिम संस्कार.
पन्ना । उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान यमुनोत्री हाईवे पर बस हादसे में मरने वाले 25 लोगों का आज उनके गांवों में अंतिम संस्कार कर दिया गया। सभी मृतक पवई विधानसभा के नौ गांवों के रहने वाले थे। अब इन गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है।सोमवार शाम तक इन शवों को देहरादून से लेकर वायुसेना का एक विशेष विमान खजुराहो पहुंचा था। इसके बाद यहां से सभी शवों को एंबुलेंस के माध्यम से उनके गांवों पहुंचाया गया। सभी मृतक पवई विधानसभा क्षेत्र के नौ गांवों के रहने वाले थे। मंगलवार को मृतकों के पैतृक गांवों में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पहले ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार क दौरान सबसे ज्यादा मार्मिक दृश्य बुधसिंह साटा गांव में दिखा, जहां आठ चिताएं एक साथ जलीं। सिमरिया क्षेत्र के बुद्धसिंह साटा गांव में सुबह 8 बजे जैसे ही द्विवेदी परिवार की एक साथ छह अर्थियां उठी, हर आंख भर आई। मां और घर के मुखिया पिता को खोने वाले बच्चे सदमे हैं। साटा के द्विवेदी परिवार के तीन दंपत्ति इस यात्रा में शामिल थे। तीनों दंपत्ति की चिताएं साथ जलीं। गांव के योगेश द्विवेदी ने बताया कि सबसे पहले ग्रामीणों ने डॉक्टर साहब राजाराम सिंह, उनकी पत्नी गीता सिंह का अंतिम संस्कार कराया।
इसके बाद द्विवेदी परिवार की 6 अर्थियां सोनार बेरमा नदी के संगम के पास मुक्ति धाम लेकर पहुंचे और अंतिम संस्कार किया। वेद नारायण ने बताया कि छह लोगों के लिए चार चिताएं बनाई गई। पहली चिता में दिनेश प्रसाद द्विवेदी, पत्नी प्रभा द्विवेदी, दूसरी चिता में उनकी मां, तीसरी चिता में चचेरे भाई हरि नारायण द्विवेदी, उनकी पत्नी हरि बाई, चौथी चिता में भाई रूपनारायण का अंतिम संस्कार किया गया। इसी तरह मोहंद्रा गांव में भारी संख्या में रोते हुए परिजनों ने अपने मुखियाओं को नम आंखों से विदाई दी। यहां एक ही परिवार के चार लोगों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में तीर्थयात्रियों से भरी एक बस बीते रविवार की शाम को खाई में जा गिरी थी। बस में सवार 26 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी, इनमें 25 मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के रहने वाले थे। मृतकों में 9 दंपत्ति थे, जिनका 9 चिताओं पर अंतिम संस्कार किया गया। मृतकों में 8 लोग सांटा, 2 पवई, 2 सिमरिया, 1 चिखला, 4 मोहंद्रा, 2 कुंवरपुर, 2 कोनी, 1 ककरहटा, 2 उड़ला गांव के थे।(हि.स.)



