
नई दिल्ली। वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग मिलने के मामले को लेकर फेसबुक पर विवादित पोस्ट करने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के हिंदू कालेज में इतिहास के एसोसिएट प्रोफेसर रतन लाल को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। इस पोस्ट के लिए शिक्षक की इंटरनेट मीडिया पर काफी आलोचना हुई थी। मालूम हो कि सामाजिक कार्यकर्ता शिवम भल्ला की शिकायत पर 18 मई को उत्तरी जिले के साइबर सेल थाने में शिक्षक के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण कृत्य और धार्मिक भावनाओं को आहत करने की धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई थी। सिविल लाइंस पुलिस द्वारा शनिवार को उन्हें तीस हजारी अदालत में पेश किया जाएगा।
डीयू के प्रोफेसर की गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों ने किया प्रदर्शन
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के एसोसिएट प्रोफेसर रतन लाल की गिरफ्तारी के विरोध में वामपंथी संगठनों के छात्रों ने मौरिस नगर में साइबर पुलिस थाने के बाहर धरना प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रतन लाल दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में इतिहास के प्रोफेसर हैं। पुलिस को कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने की शिकायत मिली थी, जिसका उद्देश्य धार्मिक भावनाओं का अपमान करना और ठेस पहुंचाना था। पुलिस ने इसी आरोप के चलते प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है।
ज्ञानवापी मस्जिदः डीयू के प्रो. रतनलाल को मिली जमानत
दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद में मिले शिवलिंग के मामले पर अपमानजनक पोस्ट करने के मामले में गिरफ्तार प्रोफेसर रतन लाल को जमानत दे दी है। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गीता ने रतन लाल को 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। दिल्ली विश्वविद्यालय (हिन्दू कॉलेज) के प्रोफेसर रतन लाल को मौरिस नगर थाने की पुलिस ने 20 मई को गिरफ्तार किया था। आज दिल्ली पुलिस ने रतन लाल को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में रतन लाल की ओर से जमानत की मांग की गई।रतन लाल के खिलाफ समाजसेवी शिवल भल्ला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि रतन लाल के फेसबुक पेज पर अपलोड किए गए पोस्ट से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। एफआईआर 18 मई को दर्ज कराई गई थी।



