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पाकिस्तान में इमरान आउट, शहबाज शरीफ नयी पारी के लिए तैयार

संयुक्त विपक्ष की गेंद पर क्लीन बोल्ड हुये इमरान खान

एक राजनेता के तौर पर पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में शनिवार की मध्य रात्रि में इमरान खान को कभी न भूलने वाली करारी हार मिली। ठीक ऐसी ही हार सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर 4 मार्च 1992 को उन्हें मिली थी, जिसे कप्तान इमरान खान कभी नहीं भूल पाये। क्रिकेट विश्व कप (1992) में भारत और पाकिस्तान की टीम पहली बार आमने-सामने थी। विश्व कप के उस मुकाबले को दोनों ही टीम जीतना चाह रही थीं, लेकिन पाकिस्तानी टीम के कप्तान इमरान खान एक अनाड़ी खिलाड़ी की तरह शून्य पर रन आउट हो गये। पाकिस्तान ने उस विश्व कप को जरूर अपने नाम कर लिया था, लेकिन भारत से हुई हार को कप्तान इमरान कभी भूल नहीं पाये।

राजनीतिक पंडित उस घटना को याद करते हुए कहते हैं कि विश्व कप (1992) की जीत ने इमरान खान को पाकिस्तान का बड़ा नायक बना दिया था। अपनी उसी छवि के बल पर क्रिकेटर इमरान राजनीति करते हुये पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बन गये। लेकिन, नेशनल असेंबली में उनका इन-स्विंग किसी काम नहीं आया। खेल के मैदान पर कप्तान इमरान खान ने जो गरिमा हासिल की थी, उसे प्रधानमंत्री इमरान खान ने एकबारगी खो दिया। नेशनल असेंबली में प्रधानमंत्री इमरान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सफल रहा। जिसके बाद सदन को संबोधित करते हुए विपक्षी पार्टी के नेता (पीएमएल-एन के अध्यक्ष) शाहबाज शरीफ ने कहा कि आज पाकिस्तान संविधान और कानून को फिर से स्थापित करना चाहता है। अपने भाषण में शरीफ ने यह भी संकेत दिया कि किसी के खिलाफ बदले की कार्रवाई नहीं होगी।

एक तरफ इमरान खान पर संसद में संविधान से छेड़छाड़ के आरोप लग रहे थे, तो दूसरी तरफ वे सभी विपक्षी दलों पर राजनीतिक साजिश में शामिल होने की बात बोल रहे थे। इससे जनता में भ्रम बढ़ता गया। दो दिन पहले मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो तरह-तरह की अटकलें लगने लगीं। सियासी नाउम्मीदी के बीच पाकिस्तान की आवाम सुप्रीम कोर्ट की तरफ टकटकी लगाये खड़ी थी। आखिरकार संयुक्त विपक्ष की गेंद पर इमरान खान क्लीन बोल्ड हो गये। वे उसी मन:स्थिति में होंगे, जिस मन:स्थिति में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर बल्लेबाजी करने आये थे। तब उनके साथ दूसरे छोर पर जावेद मियांदाद थे। उन दिनों दोनों के बीच अविश्वास के ढेरों किस्से चर्चा में रहते थे। उसी अविश्वास में कप्तान इमरान ने अपना विकेट गंवा दिया। बतौर प्रधानमंत्री उन्होंने अपनी गलती को दोहराया और पद से हटना पड़ा है।

क्रिकेट के मैदान पर इमरान खान अपनी आक्रामक शैली की वजह से पहचाने जाते थे, लेकिन राजनीति में उनकी यह चाल विफल रही। विपक्षी पार्टियों को डराने की रणनीति उनके किसी काम नहीं आयी। राजनीतिक विज्ञान के प्राध्यापक भानु प्रताप कहते हैं कि इमरान खान लगातार राजनीति की तरफ आकर्षित होते रहे हैं, लेकिन एक विद्यार्थी की तरह उन्होंने राजनीति को सीखने पर बल नहीं दिया, बल्कि साहब के अंदाज में राजनीति को जाना और समझा। सत्ता को ठुकराकर भी कोई बड़ा राजनेता बन सकता है, इस बात को वे नहीं समझ पाये। एक पश्तूनी क्रिकेटर विफल राजनेता साबित हुआ।

आधी रात को पाकिस्तान में बदली सरकार, शहबाज ने कहा- अब कानून का होगा राज

पाकिस्तान में शनिवार-रविवार रात इमरान खान की सरकार अल्पमत में आने के बाद गिर गई। नेशनल असेंबली में इमरान खान की पार्टी पीटीआई को अविश्वास प्रस्ताव पर हार का सामना करने के बाद सरकार गिर गई है। असेंबली में वोटिंग से पहले इमरान के सभी सांसद असेंबली से बाहर चले गए। पाकिस्तान नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के बाद वोटों की गिनती की गई विपक्ष की तरफ से पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 174 वोट पड़े। नई सरकार में शहबाज शरीफ होंगे पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री होंगे।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के शहबाज शरीफ को संयुक्त विपक्ष ने पहले ही अपना नेता चुना था। शहबाज ने अपने संबोधन में कहा कि आवाम की दुआ कबूल हुई है, देश में कानून का शासन स्थापित किया जाएगा। इस्लामाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इमरान खान के देश छोड़ने पर रोक लगाने की मांग की गई है। इससे पहले पाकिस्तान में पूरे दिन सियासी खींचतान के बाद शनिवार देर रात को नेशनल असेंबली के स्पीकर असद कैसर और डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी ने इस्तीफा दे दिया है।

इससे पहले इमरान खान ने प्रधानमंत्री आवास छोड़कर हेलीकॉप्टर से कहीं चले गए हैं। माना जा रहा कि वे अब अपने निजी घर बनीगाला के लिए गए हैं। पाकिस्तान के पूर्व सूचना मंत्री ने कहा है कि इमरान खान को प्रधानमंत्री आवास से विदा किया गया है। सरकार जाने के साथ ही इमरान खान के सचिव आजम खान का तबादला कर दिया गया है। इसके अलावा अटार्नी जनरल ने अपना इस्तीफा दे दिया है।

इस्लामाबाद हाईकोर्ट में इमरान खान के खिलाफ याचिका दायर की गई है। इमरान के अलावा फवाद चौधरी और शाह महमूद के खिलाफ भी याचिका दायर की गई है। तीनों का नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) लिस्ट में डाले जाने की मांग की गई है। याचिका पर 11 अप्रैल को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। इमरान खान के देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।

नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के बीच इमरान खान के सचिव आजम खान समेत कई अन्य अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। इमरान की पार्टी पीटीआई के समर्थकों का नेशनल असेंबली के बाहर प्रदर्शन शुरू हो गया है। इससे पहले लाहौर में भी इमरान के समर्थक सड़कों पर उतर आये हैं। इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले इस्लामाबाद में नेशनल असेंबली के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।

पूरे दिन का रहा राजनीतिक चर्चाओं का दौर

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए शनिवार सुबह नेशनल असेंबली की कार्यवाही शुरू हुई थी। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक में कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद इफ्तार के लिए कार्यवाही को भारतीय समय के अनुसार रात आठ बजे तक स्थगित कर दी गई। इफ्तार के बाद नेशनल असेंबली की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो उम्मीद लगाई जा रही थी कि 8:30 बजे तक अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया जाएगा, लेकिन मतदान नहीं हुआ।

सुबह कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही समय बाद स्पीकर असद कैसर ने सत्र को तब स्थगित करने का फैसला किया था जब नेशनल असेंबली में नेता विपक्ष शहबाज शरीफ ने व्यवस्था का मुद्दा उठाया और स्पीकर को याद दिलाया कि वह शीर्ष अदालत के आदेश के अनुरूप आगे बढ़ने के लिए बाध्य हैं। शरीफ के भाषण के दौरान इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे।

हालांकि सत्ता पक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान टालने के लिए हर तरह की पैंतरेबाजी की। इस बीच सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने अधिकारियों को रात 12 बजे तक कोर्ट खोलने के आदेश देकर अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने के संकेत दे दिए। देर रात इमरान खान नेशनल असेंबली पहुंचे। उन्होंने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए कहा कि मैं अकेला व्यवस्था से लड़ता रहूंगा। पाकिस्तान के सभी घरेलू एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई। आखिरकार अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होने के बाद इमरान खान ने सत्ता गंवा दी।

स्पीकर और डिप्टी स्पीकर ने दिया इस्तीफा

पाकिस्तान में पूरे दिन सियासी खींचतान के बाद शनिवार देर रात को नेशनल असेंबली के स्पीकर असद कैसर और डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं नेशनल असेंबली पहुंचे इमरान खान ने अपनी गिरफ्तारी की भी आशंका जताई है। हालांकि सत्ता पक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान टालने के लिए हर तरह की पैंतरेबाजी कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने अधिकारियों को रात 12 बजे तक कोर्ट खोलने के आदेश दिए हैं।इससे पहले इमरान सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में डिप्टी स्पीकर के फैसले को खारिज करने के फैसले पर पुनर्विचार के लिए याचिका दी गई है।

इस्लामाबाद में भारी सुरक्षा व्यवस्था

इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले इस्लामाबाद में नेशनल असेंबली के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं। साथ ही नेशनल असेंबली के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर को भी गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं। बताया जा रहा है कि अगर रात 12 बजे तक अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग नहीं होती है तो फिर इमरान खान, स्पीकर और डिप्टी स्पीकर को गिरफ्तार किया जा सकता है।देर रात इमरान खान नेशनल असेंबली पहुंचे। उन्होंने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए कहा कि मैं अकेला व्यवस्था से लड़ता रहूंगा। पाकिस्तान के सभी घरेलू एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

नेशनल असेंबली की कार्यवाही के बीच इमरान खान ने रात में कैबिनेट की बैठक भी बुलाई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए शनिवार सुबह नेशनल असेंबली की कार्यवाही शुरू हुई थी। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक में कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद इफ्तार के लिए कार्यवाही को भारतीय समय के अनुसार रात आठ बजे तक स्थगित कर दी गई। इफ्तार के बाद नेशनल असेंबली की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो उम्मीद लगाई जा रही थी कि 8:30 बजे तक अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया जाएगा, लेकिन रात 12 बजे तक मतदान नहीं हुआ था।इससे पहले, सुबह कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही समय बाद स्पीकर असद कैसर ने सत्र को तब स्थगित करने का फैसला किया जब नेशनल असेंबली में नेता विपक्ष शहबाज शरीफ ने व्यवस्था का मुद्दा उठाया और स्पीकर को याद दिलाया कि वह शीर्ष अदालत के आदेश के अनुरूप आगे बढ़ने के लिए बाध्य हैं। शरीफ के भाषण के दौरान इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे।

इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भी गूंजा कश्मीर राग

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को नेशनल असेंबली द्वारा खारिज किये जाने के फैसले को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया था। साथ ही शनिवार को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के निर्देश दिए थे। इस पर शनिवार सुबह चर्चा शुरू हुई तो इमरान पर लग रहे तमाम आरोपों के जवाब में सत्ता पक्ष की ओर से कश्मीर राग अलापा गया। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह अहमद कुरैशी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में काबिज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सोच वार्ता नहीं चाहती। वह कश्मीरियों को जकड़े रखना चाहती है, ताकि उन्हें जुल्म की चक्की में पीस सके। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने कभी वार्ता से इनकार नहीं किया। भारत शांति की ओर एक कदम बढ़ाएगा, तो हम दो कदम बढ़ाएंगे।

इमरान खान ने प्रधानमंत्री आवास छोड़ा, अपने निजी घर के लिए रवाना

इमरान खान ने प्रधानमंत्री आवास छोड़ दिया है। वे अब अपने निजी घर बनीगाला के लिए निकल गए हैं। पाकिस्तान के पूर्व सूचना मंत्री ने कहा है कि इमरान खान को प्रधानमंत्री आवास से विदा किया गया है और वे शालीनता से वहां से चले गए हैं। इस वोटिंग होने के बाद पाकिस्तान नेशनल असेंबली में वोटों की गिनती शुरू हो गई है। नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के बीच इमरान खान के सचिव आजम खान समेत कई अन्य अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। इमरान की पार्टी पीटीआई के समर्थकों का नेशनल असेंबली के बाहर प्रदर्शन शुरू हो गया है। इससे पहले लाहौर में भी इमरान के समर्थक सड़कों पर उतर आये हैं। इस्लामाबाद हाईकोर्ट में इमरान खान के खिलाफ याचिका दायर की गई है। इमरान के अलावा फवाद चौधरी और शाह महमूद के खिलाफ भी याचिका दायर की गई है। तीनों के नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट में डाले जाने की मांग की गई है। याचिका पर 11 अप्रैल को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी लेकिन इमरान खान के देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।

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