
पाकिस्तान में सियासी घमासान : पीओके में लॉन्च पैड्स पर आतंकियों की हलचल बढ़ी
तीन संगठनों के करीब 300 आतंकी भारत में घुसपैठ को तैयार, बर्फ पिघलने का इन्तजार.कश्मीर के ऊंचे इलाकों में पारंपरिक घुसपैठ मार्गों पर सेना और बीएसएफ ने बढ़ाई चौकसी.
नई दिल्ली । पाकिस्तान में राजनीतिक संकट पैदा होने के साथ ही उसके अवैध कब्जे वाले कश्मीरी भू-भाग (पीओके) में स्थापित आतंकवादियों के लॉन्च पैड्स पर हलचल देखी जा रही है। तीन संगठनों के करीब 300 आतंकी विभिन्न मार्गों का उपयोग करके लॉन्च पैड्स पर पहुंचे हैं, जो बर्फ पिघलने और रास्ता साफ होने का इन्तजार कर रहे हैं। इस खुफिया जानकारी के बाद नियंत्रण रेखा पर तैनात सुरक्षा बलों ने कड़ाके की ठंड के बावजूद सीमाओं पर पहरा बढ़ा दिया है। उत्तरी कश्मीर के ऊंचे इलाकों में पारंपरिक घुसपैठ मार्गों पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
पाकिस्तान की सीमा से लगी पहाड़ियों पर जमी बर्फ के पिघलने के साथ हर साल सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें होती हैं। इस साल पाकिस्तानी सरकार और सेना के रिश्तों पर पड़ी सियासी बर्फ ने आतंकवादियों को घुसपैठ के लिए नई जमीन तैयार कर दी है। सुरक्षा बलों को खुफिया इनपुट मिला है कि सीमा पार से कश्मीर घाटी पार करने के लिए 300 से अधिक आतंकवादी विभिन्न लॉन्च पैड पहुंच चुके हैं। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के दुधनियाल, अठमुक्कम, लोसार, तेजिन आदि लॉन्च पैड पर जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, अल बदर जैसे संगठनों के करीब 300 आतंकवादी मौजूद हैं। ख़ुफ़िया रिपोर्ट में यह भी कहा गया है अफगानिस्तान से बहुत सारे ‘कट्टर योद्धा’ कश्मीर भेजे जा सकते हैं।
यह इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा बलों के हवाले से कहा गया है कि हम ऐसे किसी भी मुद्दे से निपटने के लिए तैयार हैं। ग्राउंड जीरो पर स्थिति का जायजा लेने के लिए सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के आला अधिकारी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलओसी) का दौरा कर रहे हैं। सेना के अधिकारियों का कहना है कि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ पिघलने के बाद हम उन इलाकों में निगरानी बढ़ा रहे हैं, जहां से घुसपैठ की आशंका है। कश्मीर फ्रंटियर के आईजी राजा बाबू सिंह का कहना है कि सीमा पर तैनात बीएसएफ ने घाटी में शांति का माहौल बनाने के लिए आतंकवादियों का सफाया करने के लिए अभियान चला रखा है।
पिछले कुछ समय में सीमा की रखवाली करने वाले जवानों को नई तकनीकी से युक्त उपकरण दिए गए हैं, जिसमें रात में निगरानी के लिए नाइट विजन कैमरे, ड्रोन और थर्मल इमेजिंग ट्रेसर शामिल हैं। इसके साथ ही जवान अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं। एलओसी पर गश्त भी बढ़ा दी गई है और इस इलाके में घुसपैठ को नाकाम करने के लिए जवान 24 घंटे पहरा दे रहे हैं। ऊंचे इलाकों में प्रशिक्षित जवानों को तैनात किया गया है। इस क्षेत्र में सर्दियों में 8-10 फीट बर्फ होती है, इसलिए सर्दियों के मौसम में एलओसी पर घुसपैठ न के बराबर होती है लेकिन बर्फ पिघलते ही पीओके के लॉन्च पैड्स से आतंकी घुसपैठ की आशंका बढ़ जाती है। राजौरी जिले के नौशहरा इलाके में नियंत्रण रेखा के पास सेना ने सोमवार को घुसपैठ नाकाम करके एक आतंकी को मार गिराया है।
जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने मंगलवार को कहा कि पिछले तीन महीनों में 42 आतंकवादी मारे गए जबकि 2021 में 32 विदेशी आतंकवादी मारे गए थे। सुरक्षा बलों का मानना है कि सीमा पार के आतंकी संगठन घाटी में आतंकवादियों की संख्या में कमी से निराश हैं और इसलिए वे अधिक से अधिक भाड़े के आतंकवादियों को घाटी में भेजना चाहते हैं। सूत्रों का कहना है कि पीओके में चार लॉन्चिंग पैड हैं, जिनमें से प्रत्येक लॉन्चिंग पैड में लगभग 125-130 आतंकवादी कश्मीर घाटी को पार करने के लिए तैयार हैं। सेना के अधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सेना की एंटी इंफिल्टरेशन ग्रिड मजबूत और 24 घंटे सक्रिय है, इसलिए आतंकियों के मंसूबे किसी भी हालत में सफल नहीं हो पायेंगे।(हि.स.)



