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रूस -यूक्रेन :रूस की कई पीढ़ियां उबर नहीं पायेंगी नुकसान से:जेलेंस्की

अमेरिका, नाटो देश यूक्रेन को हथियार देना बंद करें: रूस.बाइडेन-जिनपिंग वार्ता : रूस की मदद पर अमेरिका ने गंभीर परिणाम होने की दी चेतावनी

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि रूस को अपनी गलतियों की वजह से हुए नुकसान को कम करने का एकमात्र रास्ता है कि वह बातचीत करें, वर्ना उसे ऐसा नुकसान होगा कि इसका दुष्परिणाम उसकी कई पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा।श्री जेलेंस्की ने एक वीडियों संदेश में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से शनिवार को कहा कि यह बिना देरी किए बात करने का समय है।श्री जेलेंस्की ने कहा,’मैं चाहता हूं कि अभी हर कोई मेरी बात सुने, विशेषकर लोग मुझे मॉस्को में सुनें। यह मिलने का समय है, यह बात करने का समय है, यह यूक्रेन के लिए क्षेत्रीय अखंडता और न्याय बहाल करने का समय है, नहीं तो रूस को इस तरह के नुकसान का सामना करना पड़ेगा कि कई पीढ़ियों पर उसका असर होगा।’

उन्होंने कहा कि रूस के साथ शांति पर बातचीत हो, हमारे लिए सुरक्षा पर बात हो, यूक्रेन के लिए सार्थक, निष्पक्ष और बिना देरी किए बातचीत हो। रूस के पास अपनी गलतियों की वजह से नुकसान को कम करने का एकमात्र मौका है ,वह बातचीत करे। वर्ना उसे ऐसा नुकसान होगा कि कई पीढ़ियां उबर नही पायेंगी।उन्होंने बताया कि यूक्रेन में सात मानवीय गलियारे हैं, जिनमें से छह सूमी में और एक डोनेट्स्क में है।यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि अभी तक 9,000 से अधिक लोग बंदरगाह शहर मारियुपोल को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं।

रूस ने कई शहरों को मानवीय सहायता की आपूर्ति को रोक रखा है। यह पूरी तरह से सोची-समझी रणनीति है।उन्होंने मारियुपोल में थिएटर पर हुए हमले के बारे में कहा,”उनमें से कुछ गंभीर रूप से घायल हैं। लेकिन अभी मृतकों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।”द गार्जियन ने राष्ट्रपति के हवाले से कहा कि रूसी सेना देश के कई इलाकों में मौजूद है, लेकिन खार्किव क्षेत्र में विशेष रूप से इज़ियम के निकट भीषण लड़ाई जारी है।उन्होंने कहा कि वह स्विट्जरलैंड, इटली, इज़राइल और जापान सहित विश्व नेताओं से यूक्रेन में शांति का आह्वान करने की अपील करना जारी रखेंगे।

अमेरिका, नाटो देश यूक्रेन को हथियार देना बंद करें: रूस

रूस ने अमेरिका और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) देशों से शनिवार को कहा कि वे यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति करना और भाड़े के सैनिकों को भेजना बंद करें।रूसी संसद के निचले सदन के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिनअपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा, ‘‘रूस और नोटो देशों को यूक्रेन को हथियार देना और भाड़े के सैनिकों भेजना बंद करना चाहिए।”

यद्ध के समर्थन में मॉस्को की सड़कों पर उतरे लोग, पुतिन भी बने रैली का हिस्सा

मॉस्को । यूक्रेन पर रूस के हमले के 24वें दिन भी दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। तमाम अंतरराष्ट्रीय प्रयास विफल होने के बाद अब रूस और यूक्रेन अपने अपने देशों में युद्ध को लेकर वातावरण बनाने में लगे हैं। यूक्रेन पर हमले को लेकर देश के बाहर ही नहीं, भीतर भी विरोध का सामना कर रहे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने मॉस्को में युद्ध के प्रति आम जनता का समर्थन दिखाने की कोशिश की है। शुक्रवार रात बड़ी संख्या में लोग रूस की राजधानी मॉस्को की सड़कों पर उतरे और युद्ध के समर्थन का ऐलान किया। इस दौरान राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भी इस रैली का हिस्सा बने और युद्ध को सही ठहरा रहे रूस के नागरिकों का मनोबल बढ़ाया।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को अपने देश के भीतर भी युद्ध के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। रूस के सरकारी टेलीविजन चैनल पर उसी चैनल की एक संपादक ने लाइव प्रसारण के दौरान विरोध के स्वर मुखर कर दिये थे। अब रूस में राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के समर्थक भी सक्रिय हो गए हैं। शुक्रवार रात राजधानी मॉस्को में युद्ध समर्थकों ने लुझकिनी स्टेडियम के भीतर व बाहर एक बड़ी रैली की। मॉस्को पुलिस के मुताबिक इस रैली में दो लाख से अधिक लोग मौजूद थे। यूक्रेन से छीने गए क्रीमियाई प्रायद्वीप पर रूस के कब्जे की आठवीं वर्षगांठ पर आयोजित इस रैली में हिस्सा लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भी पहुंचे। पुतिन के मंच पर आने के दौरान वक्ताओं ने उनकी सराहना करते हुए उन्हें यूक्रेन में नाजीवाद से लड़ने वाला नेता करार दिया।

बाइडेन-जिनपिंग वार्ता : रूस की मदद पर अमेरिका ने गंभीर परिणाम होने की दी चेतावनी

वाशिंगटन । चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच क़रीब दो घंटे तक वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत हुई। वार्ता के दौरान चीनी राष्ट्रपति ने अमेरिका को भरोसा दिलाया है कि चीन नहीं चाहता कि रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध आगे बढ़े। वहीं अमेरिका ने रूस को एक बार फिर आक्रांता बताते हुए रूस की मदद करने पर गंभीर परिणाम होने की चेतावनी दी है। हालांकि चीन ने इससे इनकार किया है। शुक्रवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने स्थानीय समय के अनुसार ठीक सुबह नौ बज कर तीन मिनट पर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ फ़ोन पर यूक्रेन और रूस के युद्ध से उपजी परिस्थितयों पर चर्चा की। इन दोनों महाशक्तियों के नेताओं के बीच तय समय के अनुसार क़रीब दो घंटे तक बातचीत हुई। यूक्रेन-रूस के युद्ध के बाद दोनों नेताओं की पहली बार फ़ोन पर वार्ता हुई है। वैसे दोनों चार बार बात कर चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन को एक बार फिर चेतावनी दी है कि यूक्रेन-रूस के युद्ध में चीन ने आक्रांता रूस को सैन्य अथवा आर्थिक सहयोग दिया तो उसके गम्भीर परिणाम होंगे। बाइडेन ने दो टूक शब्दों में कहा कि रूस आक्रांता है और उसने अवांछित और अन्यायिक युद्ध की शुरुआत की है और उसे इस युद्ध की कीमत चुकानी होगी। एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि बाइडेन ने इस युद्ध के संदर्भ में शी के सम्मुख अमेरिका और पश्चिमी देशों के रूख स्पष्ट किया है। अमेरिका की ताइवान पर नीति के संदर्भ में बाइडेन ने कहा कि अमेरिका आज भी वन चाइना नीति पर अडिग है लेकिन उसने यह भी दोहराया है कि ताइवान की आज़ादी में कोई ख़लल अथवा किसी तरह के हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा। ताइवान में एक चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार है।

बताया गया कि जिनपिंग का कहना था कि रूस और नाटो प्रतिनिधि आमने सामने बात करें। चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि चीन अमेरिका के साथ शीतयुद्ध की स्थिति नहीं चाहता और न ही वह रूस को युद्ध में कोई सैन्य और आर्थिक मदद देना चाहता है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीनी राष्ट्रपति ने जो बाइडेन को यह भी आश्वस्त किया है कि वह अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता समझते हैं और ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहेंगे, जिस से अंतरराष्ट्रीय शांति और सद्भाव के लिए ख़तरा पैदा हो। चीनी अधिकृत सरकारी मीडिया एजेंसी ने दावा किया है कि शी ने अमेरिका को सचेत किया है कि रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों से ग्लोबल इकानमी को धक्का लगेगा। आर्थिक प्रतिबंध समस्या का समाधान नहीं है।

चीनी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका का यह दावा सरासर बेबुनियाद है कि रूस ने चीन से सैन्य और आर्थिक सहयोग मांगा है और चीन इस तरह के किसी सहयोग की योजना बना रहा है। दोनों राष्ट्रपतियों की वार्ता के बाद व्हाइटहाऊस ने बयान जारी कर कहा कि बातचीत के दौरान बाइडेन का रूस के प्रति रुख़ कड़ा और दो टूक था। उन्होंने कहा कि पिछले तीन सप्ताह के अमेरिकी रुख़ को देखते हुए चीन धीरे चलो की नीति अपना रहा है। इसके बावजूद अमेरिकी मीडिया चीन पर भरोसा नहीं कर पा रहा है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने बार-बार यह दोहराया है कि रूस की सैन्य शक्ति दम तोड़ रही है और उसने चीन से सैन्य सहयोग मांगा है। इस पर चीनी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने पहले ही ऐसे किसी सहयोग करने से इनकार करने के साथ साफ किया था कि रूस ने कोई सैन्य सहायता या आर्थिक मदद नहीं मांगी है।

बाइडेन के पुतिन को युद्ध अपराधी बताने पर रूस ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

लॉस एंज़ेल्स। यूक्रेन पर हमला को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को ‘युद्ध अपराधी’ कहे जाने पर शुक्रवार को रूस ने तीव्र प्रतिक्रिया दी है। रूस के प्रवक्ता दिमित्रि पासकोव ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की इस तरह की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया उनके भुलक्कड़पन की ओर इशारा करती है। पेसकोव ने कहा कि बिडेन के इस तरह के बयान पूरी तरह से अस्वीकार्य, अस्वीकार्य और अक्षम्य हैं। उन्होंने कहा कि जिस राज्य के मुखिया ने कई वर्षों तक दुनियाभर में लोगों पर बमबारी की है, ऐसे देश के राष्ट्रपति को इस तरह के बयान देने का कोई अधिकार नहीं है।

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