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रूस -यूक्रेन : रूस ने हमारे सपनों पर हमला किया है : जेलेंस्की

नई दिल्ली । यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदि‍मीर जेलेंस्‍की ने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अमेरिका का आभार जताया और कहा कि रूस ने हमारे सपनों पर हमला किया है। अमेरिका की कांग्रेस में वर्चुअल माध्यम से जुड़े यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा, ‘यूक्रेन उनके भारी समर्थन के लिए अमेरिका का आभारी है।’उन्होंने कहा, रूस ने न सिर्फ हम पर, न सिर्फ हमारी जमीन पर, न सिर्फ हमारे शहरों पर, बल्कि हमारे मूल्यों के खिलाफ, हमारे अपने देश में स्वतंत्र रूप से जीने के हमारे अधिकार के खिलाफ, हमारे राष्ट्रीय सपनों के खिलाफ एक क्रूर हमला किया है। ठीक वैसे ही जैसे आप अमेरिकियों के सपने देखते हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की द्वारा दिए गए अमेरिकी कांग्रेस में अपने संबोधन के दौरान स्टैंडिंग ओवेशन मिला। अमेरिका के तमाम नेता जेलेंस्की की बातों से प्रभावित हुए और अपनी कुर्सी से खड़े होकर उनके लिए तालियां बजाईं और उनका हौंसला बढ़ाया।

अंतरराष्‍ट्रीय न्यायालय ने रूस को यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने को कहा

कीव। अंतर्राष्‍ट्रीय न्‍यायालय-आई सी जे ने व्‍यवस्‍था दी है कि रूस को यूक्रेन में अपनी सैनिक कार्रवाई तत्‍काल रोक देनी चाहिए। न्‍यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि रूस 24 फरवरी 2022 से यूक्रेन पर शुरू की गई अपनी सैनिक कार्रवाई तत्‍काल प्रभाव से रोक देगा। आई सी जे ने कहा है कि दोनों पक्षों को किसी ऐसी कार्रवाई से बचना चाहिए जो न्‍यायालय के समक्ष विवाद को बढाये या इसके समाधान में अडचनें पैदा करे। आई सी जे के आदेश के बाद यूक्रेन के राष्‍ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्‍की ने कहा है कि अंतर्राष्‍ट्रीय न्‍यायालय में रूस के खिलाफ मामले में यूक्रेन को बडी सफलता मिली है। उन्‍होंने कहा कि आई सी जे का आदेश अंतर्राष्‍ट्रीय कानून के अंतर्गत बाध्‍य है और रूस को इसका तत्‍काल पालन करना चाहिए। आदेश का उल्‍लंघन करने पर रूस और अधिक अलग-थलग पड जाएगा। इस बीच रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस यूक्रेन में अपना लक्ष्‍य हासिल करेगा और वैश्विक प्रभाव बनाये रखने तथा रूस को अलग करने के पश्चिमी देशों के प्रयासों के सामने नहीं झुकेगा। श्री पुतिन ने कहा कि रूस यू्क्रेन की स्थिति पर विचार विमर्श को तैयार है। राष्‍ट्रपति के प्रवक्‍ता दामित्री प्‍सेकोव ने कहा है कि यूक्रेन में संघर्ष के समाधान के बारे में दोनों देशों के बीच किसी समझौते का खुलासा करना अभी जल्‍दबाजी होगी।

इस भारतीय जज ने इंटरनेशनल कोर्ट में रूस के खिलाफ दिया वोट

हेग/नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत ‘इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस’ ने रूस को तुरंत यूक्रेन पर हमला बंद करने का आदेश दिया है। रूस के हमले के बाद यूक्रेन ने इस मामले को संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत में रखा था। जिसके बाद आईसीजे ने रूस के पक्ष और खिलाफ में मतदान करवाने का फैसला लिया। लेकिन सबसे हैरानी की बात यह रही कि आईसीजे में भारत के न्यायाधीश दलवीर भंडारी ने भी रूस के खिलाफ जाकर अपना मतदान कर दिया। वहीं अमेरिका ने भी आईसीजे के आदेश का स्वागत किया है। इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में रूस के खिलाफ 13 जजों ने मतदान किया जबकि पक्ष में केवल दो ने मतदान किया। इन 13 जजों में भारतीय जज न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी भी शामिल थे। जबकि दो न्यायाधीश जिन्होंने रूस के पक्ष में मतदान किया वे थे उपराष्ट्रपति किरिल गेवोर्गियन (रूस) और न्यायाधीश सू हनकिन (चीन)।

कौन हैं भारतीय जज दलवीर भंडारी? –जस्टिस भंडारी लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत आईसीजे में पदस्थ हैं। वे निष्पक्ष व बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं। जस्टिस दलवीर भंडारी इंटरनेशनल कोर्ट में अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। साल 2012 में, उन्हें पहले कार्यकाल के लिए चुना गया जो 2018 तक जारी रहा। उन्हें भारत द्वारा फिर से नामित किया गया और यूके के नामित जस्टिस ग्रीनवुड को हराकर ICJ में एक और कार्यकाल जीता।

जेलेंस्की ने पुतिन को आईसीजे के आदेश का पालन करने को कहा – अंतरराष्ट्रीय अदालत के आदेश के बाद, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस से तुरंत आदेश का पालन करने के लिए कहा। यूक्रेन ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में रूस के खिलाफ अपने मामले में पूरी जीत हासिल की है। जेलेंस्की ने कहा कि आदेश की अनदेखी करने से रूस और भी अलग हो जाएगा। आईसीजे(ICJ) ने आक्रमण को तुरंत रोकने का आदेश दिया है जिस रूस को पालन करना चाहिए। आईसीजे(ICJ) ने कहा कि आदेश अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत बाध्यकारी है। रूस को तुरंत पालन करना चाहिए।

हमले का 22वां दिन: स्कूल, स्विमिंग पूल, कम्युनिटी सेंटर और थियेटर ध्वस्त

कीव । यूक्रेन पर रूस के हमले के 22वें दिन भी ध्वंस थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब रूसी सेनाओं ने हमला कर एक स्कूल, स्विमिंग पूल, कम्युनिटी सेंटर और थियेटर ध्वस्त कर दिया है। इस हमले में बड़े पैमाने पर महिलाओं और बच्चों के मारे जाने की आशंका व्यक्त की गयी है। यूक्रेन के अलग-अलग शहरों पर रूस की बमबारी लगातार जारी है। मारियुपोल में एक ड्रामा थिएटर और स्वीमिंग पूल नेप्ट्यूटन पर हवाई हमबारी की गयी। यूक्रेन के अधिकारियों के मुताबिक इस परिसर में सैकड़ों आम नागरिक शरण लिये हुए थे। इनमें 80 प्रतिशत बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि हवाई हमले से एक शानदार इमारत और कला का केंद्र नष्ट हो गया है। इस परिसर में लड़ाई में अपने घरों के ध्वस्त होने के बाद से सैकड़ों नागरिक रह रहे थे। बड़ी संख्या में लोग इमारत के मलबे में भी दब गए हैं। अभी यह नहीं पता चला है कि कितने लोग हताहत हुए हैं। बचाव कार्य चल रहा है। इसके अलावा एरेफा में रूसी सैन्य बलों ने एक स्कूल और एक कम्युनिटी सेंटर को भी तबाह कर दिया है। खारकीव के इस स्कूल और कम्युनिटी सेंटर में भी बड़ी संख्या में लोगों द्वारा शरण लेने की जानकारी मिली है। इस बीच रूसी सेना ने यूक्रेन के मेलितोपोल के मेयर को रिहा कर दिया है। पिछले कई दिनों से रूसी सेना मेयर को बंधक बनाए हुए थी। मेयर की रिहाई के बदले रूसी सेना ने अपने नौ सैनिकों को यूक्रेन के कब्जे से मुक्त करा लिया है।

संयुक्त राष्ट्र ने चेताया, रूस-यूक्रेन युद्ध से मानव तस्करी का खतरा बढ़ा

कीव । यूक्रेन पर रूसी हमले के 21वें दिन संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस युद्ध को लेकर बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने चेताया है कि रूस व यूक्रेन के बीच युद्ध से अन्य संकटों के साथ मानव तस्करी का खतरा भी पैदा हो गया है। साथ ही बीते 21 दिनों में यूक्रेन से पलायन करने वालों की संख्या भी तीस लाख पार कर गयी है। तमाम अंतरराष्ट्रीय कोशिशों के बावजूद रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रुकने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार जारी युद्ध के प्रति चिंता जाहिर करते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ट्वीट कर कहा है कि मानव तस्करों के लिए यूक्रेन में जारी युद्ध एक आपदा नहीं है। वे इसे अवसर मान रहे हैं और बच्चे व महिलाएं उनके निशाने पर हैं। उन्हें हर कदम पर मदद व सुरक्षा की जरूरत है।

संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी संस्थाएं यूक्रेन से हो रहे पलायन को लेकर तो चिंतित थी हीं, अब मानव तस्करी का खतरा चिंताजनक स्थितियों में सामने आया है। युद्ध के शुरुआती 21 दिनों में अब तक यूक्रेन छोड़कर जाने वालों की संख्या तीस लाख से अधिक हो चुकी है। ये लोग आसपास के देशों में शरण ले रहे हैं। तमाम बच्चे व महिलाएं मानव तस्करों के चंगुल में फंसने को भी मजबूर हैं। यूनिसेफ के मुताबिक यूक्रेन में रोज लगभग 75 हजार बच्चे शरणार्थी बन रहे हैं। युद्ध के कारण हर एक मिनट में यूक्रेन के 55 बच्चे शरणार्थी बनने को विवश हैं यानी हर सेकंड औसतन एक बच्चा शरणार्थी बन जाता है। इस स्थिति से निपटने के लिए तुरंत युद्ध रोकने और शरणार्थियों को मानव तस्करों से बचाने के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की गयी है।

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