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कोरोना अपडेट : 24 घंटे में नए मामले 2 लाख के पार, 1000 से ज्यादा मरीजों की गई जान

केंद्र के निर्देशों के बाद भी 88 दिन में 58 लाख टीके की खुराकें बर्बाद

नई दिल्ली। देश में बेकाबू हुई कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कहर ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कोरोना संक्रमण के चलते देशभर के हालात भयावह हो गए हैं। कोरोना संक्रमण के मामले और मौतों की संख्या में जारी वृद्धि डरावनी तस्वीर पेश कर रही है। एक दिन में मिलने वाले संक्रमण के मरीजों का आंकड़ा गुरुवार को सर्वाधिक रिकॉर्ड दो लाख के पार पहुंच गया है। देश में पिछले 24 घंटों में दो लाख से ज्यादा नए कोरोना मरीज मिले हैं और 1038 मरीजों की जान चली गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में 2,00,739 नए कोरोना मरीज मिले, इसी के साथ देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 1,40,74,564 पहुंच गए हैं। वहीं बीते 24 घंटों में 1,038 लोगों ने कोरोना की वजह से दम तोड़ दिया, इसी के साथ कोविड से मरने वालों की संख्या 1,73,123 हो गई। पिछले छह महीने में एक दिन में जान गंवाने वालों का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले, पिछले साल 17 अक्तूबर को सबसे ज्यादा 1,032 लोगों की मौत हुई थी।  बता दें कि इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को 1.85 लाख से ज्यादा नए मरीज मिले थे और 1027 लोगों की संक्रमण से जान चली गई। महामारी के दस्तक देने से लेकर अब तक एक दिन में मिले नए कोरोना मरीजों की यह सर्वाधिक संख्या है।

14.71 लाख हुए सक्रिय मामले

स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में सक्रिय मामलों का ग्राफ बहुत तेजी से ऊपर पहुंच रहा है। पिछले 24 घंटों में 93,528 कोरोना मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं, इसी के साथ देश में अब तक 1,24,29,564 मरीज कोरोना वायरस को मात देने में कामयाब हुए हैं। रोजाना के आधार पर दर्ज होने वाले नए कोरोना केसों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या करीब आधे से भी कम है। फिलहाल, देश में सक्रिय मामले बढ़कर 14,71,877 पहुंच गए हैं। देश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ ही कोरोना जांच में भी तेजी लाई गई है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक, देश में अब तक 26,20,03,415 नमूनों की कोरोना जांच की जा चुकी है। इनमें से 13,84,549  नमूनों की जांच गुरुवार को की गई है।

11.44 करोड़ से ज्यादा लोगों को लगी वैक्सीन

देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान जारी है। कोविड टीकाकरण का तीसरा चरण चल रहा है, जिसके तहत 45 साल से ऊपर वालों को भी कोविड वैक्सीन लगाई जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के लिए 11 अप्रैल से 14 अप्रैल के बीच टीका उत्सव अभियान चलाया था। देश में अब तक 11,44,93,238 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।

केंद्र के निर्देशों के बाद भी 88 दिन में 58 लाख टीके की खुराकें बर्बाद

कोरोना टीकाकरण के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में टीके की 58 लाख से भी अधिक खुराकें बर्बाद हुई हैं। केंद्र सरकार ने प्रति खुराक 150 रुपये की दर से इन्हें खरीदा था। इस हिसाब से टीकाकरण के 88 दिन में सरकार को 87 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है।
राज्यों में टीकाकरण की ताजा समीक्षा रिपोर्ट का खुलासा हुआ है कि अब तक, 58,36,592 डोज बर्बाद हुए हैं, जिनकी कीमत तकरीबन 87.55 करोड़ रुपये है। सर्वाधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में ही अब तक दी गईं 1.06 करोड़ खराकों में से 90 लाख का इस्तेमाल हुआ, जबकि पांच लाख से अधिक खुराकें नष्ट करना पड़ा गया। इस वजह से करीब साढ़े सात करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार केरल को छोड़ अन्य किसी भी राज्य में टीका बर्बाद होने की दर शून्य तक नहीं पहुंची है। बीते 35 दिन में पांच बार राज्यों को इसके लिए सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण का कहना है, कुछ राज्यों में अभी भी टीके के बर्बाद होने की दर आठ ने नौ फीसदी तक है, जो चिंता का विषय है।  कोवाक्सिन के साथ कोविशील्ड टीके की खुराक भी बर्बाद हो रही है। कई केंद्रों पर स्थिति हो कि चार घंटें बाद पूरा वॉयल तक नष्ट करना पड़ा रहा है, जिसका सीधी नुकसान केंद्र को हो रहा है। दरअसल, कोविशील्ड के एक वॉयल में 10 लोगों की खुराक होती है। जबकि कोवाक्सिन के एक वॉयल में 20 खुराक हैं। एक बार वॉयल खुल जाता है तो चार घंटे के अंदर सभी डोज लगाना जरूरी है, लेकिन केंद्रों पर देखने को मिल रहा है कि एक-एक वॉयल से चार से पांच डोज बर्बाद ही रही है।

ऐसे लगाया हिसाब

बकौल स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, मंगलवार सुबह जब टीकाकरण की समीक्षा की गई तो पता चला कि 13 अप्रैल की सुबह 8 बजे तक देश में 10,85,33,085 करोड़ लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है।जबकि राज्यों में कुल खपत 11,43,69,677 खुराकों की गई है। इन्हें आंकड़ों के हिसाब से अब तक 58 लाख से भी अधिक खुराकें नष्ट होने का आंकड़ा निकलता है।

इतना नुकसान

केंद्र सरकार के अनुसार टीके के प्रति खुराक के लिए 150 रुपये का शुल्क फार्मा कंपनी को देना पड़ रहा है। जबकि 100 रुपये सर्विस चार्ज मिलाकर प्रति व्यक्ति प्रति खुराक 250 रुपये निजी केंद्र पर भुगतान करता है। इस तरह अब तक 87 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का नुकसान हुआ है। यह सिलसिला जल्दी नहीं रुका तो अगले एक से दो सप्ताह मे बर्बाद डोज की कीमत 100 करोड़ रुपये हो सकती है।

राज्यों के दे रहे है सलाह

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण का कहना है कि देश में टीके की कमी नहीं है। खुराक बर्बाद होने से रोकने के लिए बार बार राज्यों  को सलाह दी जा रही है कि वह हर दिन समीक्षा करते हुए ज्यादा बर्बादी वाले केंद्रों पर ध्यान बढ़ाएं।

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