
दुद्धी,सोनभद्र- विश्व गौरैया संरक्षण दिवस के अवसर पर प्राथमिक विद्यालय अमवार कॉलोनी दुद्धी के शिक्षक नीरज चतुर्वेदी ने एक अनोखी पहल की है।गौरैया संरक्षण के लिए स्वयं के प्रयास से लकड़ी की कृत्रिम घर तैयार कर, सुंदर पेंट किया और शुरुआत की उन्हें घर -घर लगाने की।शिक्षक ने इस क्रम में शनिवार को उप जिलाधिकारी रमेश कुमार सहित कई लोगों को कृत्रिम घर देकर गोरैया संरक्षण के लिए शपथ दिलाई।
उप जिलाधिकारी रमेश कुमार ने शिक्षक नीरज चतुर्वेदी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि सभी को गोरैया संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। ताकि गोरैया को विलुप्त होने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन गोरैया संरक्षण अभियान में पूर्ण रूप से सहयोग करेगा।उन्होंने बताया कि शिक्षक द्वारा भेंट की गई गोरैया कृत्रिम घर मैं स्वयं अपने आवास पर लगाऊंगा।उन्होंने शिक्षक के इस पुनीत कार्य से प्रभावित होकर, पूरे तहसील क्षेत्र में इस पहल को आगे बढ़ाने की बात कही।
बतादें कि शिक्षा के क्षेत्र में अपने अलग अलग कार्यों से लोगों की प्रेरणा बन अपनी अलग पहचान स्थापित करने वाले शिक्षक श्री चतुर्वेदी ने अपने विद्यालय में गौरेया का कृत्रिम घर स्थापित कर अभियान की शुरुआत की है। जो अब सफल हो रही है और इनमें गोरैया भी आने भी लगी हैं। यह पहल केवल गौरैया को बचाने की ही नहीं बल्कि हमारे लोग जीवन में सदियों से बसी एक समूची लोक संस्कृति और परंपरा को बचाने की है। जिसमें गौरैया एक शुभ पक्षी और परिवार के सदस्य के रूप में मौजूद है।
कभी गौरैया की चह-चहाहट से घर आंगन व बगियाँ गुलजार हुआ करती थी।लेकिन इधर बीच गौरैया पक्षी के लुप्त होने की स्थिति को देखते हुए, इनके संरक्षण के लिए 20 मार्च को गौरैया दिवस मनाया जाता है।लेकिन जिस तरह अंधाधुंध जंगलों का दोहन तथा प्राकृति में प्रदूषण का जहर घुल रहा है। उससे गौरैया, कौवा, गिद्ध समेत अन्य कई पक्षी विलुप्त होने की कगार पर है।



