
लखनऊ । विश्व के पटल पर सर्वोत्तम उत्तर प्रदेश की तस्वीर उभर कर सामने आई है जिसके पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सफल मार्गदर्शन और हमारी सरकार की सफल नीतियां हैं। हमारी सरकार प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। ये बातें शुक्रवार को सरकार के चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर कहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रिफॉर्म के माध्यम से ट्रांसफॉर्म करते हुए विगत चार सालों में प्रदेश ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। आज यूपी विभिन्न केन्द्रीय योजनाओं के क्रियान्वन में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सर्वाधिक आबादी वाले प्रदेश में सरकार ने एक ओर चिकित्सा शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर पर बल दिया तो वहीं जमीनी स्तर पर नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें इस ओर तेजी से कार्य किया। 70 सालों में प्रदेश में केवल 12 मेडिकल कॉलेज संस्थानों की स्थापना ही की गई थी पिछले चार सालों में 30 मेडिकल कॉलेज संस्थानों की स्थापना की जा रही है। वर्तमान में 09 नए मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन है वहीं 07 मेडिकल कॉलेज क्रियाशील हैं।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर और रायबरेली में एम्स की स्थापना के साथ ही छह नए सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की स्थापना की गई। मस्तिष्क ज्वर के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश, गोरखपुर, बस्ती, देवीपाटन मंडल, बरेली मंडल, मुरादाबाद मंडल, सहारनपुर मंडल समेत अन्य क्षेत्रों में इस हजारों लोग संक्रमित होते थे। सैकड़ो मौतें होती थीं। पिछले चालीस पैंतालीस सालों में किसी सरकार ने इसका हाल चाल नहीं लिया। जब प्रदेश में हमारी सरकार आई तो इस बीमारी के उपचार के लिए अंतर विभागीय समंवय किया एवं स्वास्थ्य विभाग को नोडल विभाग बनाते हुए विशेष अभियान प्रारंभ किया। जिसके तहत प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के प्रभावी उपचार के लिए 16 पीडियाट्रिक इन्टेन्सिंव केयर यूनिट, 15 मिनी पीकू व 177 इन्सेफेलाइटिस उपचार केन्द्र स्थापित किए। जेई और एईएस की रोकथाम के लिए प्रभावी प्रयास से इंसेफ्लाइटिस के मामलों में 75 प्रतिशत और मृत्यु के आंकड़ों में 95 प्रतिशत की कमी आई।
पिछले दिनों लखनऊ में जापानी इंसेफेलाइटिस टीकाकरण का विशेष अभियान सरकार की ओर से प्रारंभ किया गया था। जिसके सकारात्मक परिणाम सबको देखने को मिले। उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में बुखार के मामले आते थे। लेकिन आज प्रदेश सरकार की कुशल रणनीति से इसको अंतिम चरणों में पूरी तरह से नियंत्रण करने के लिए अग्रसर है। गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कालेज में एईएस व जेई की बीमारी से पीड़ित बाल रोगियों के उपचार के लिए सरकार ने समुचित व्यवस्था की है। उचित रणनीति का ही परिणाम है कि वर्षों से हज़ारों बच्चों की जान ले चुकी दिमागी बुखार जैसी बीमारी में 75 प्रतिशत और उससे होने वाली मौतों में 95 प्रतिशत की कमी आ गयी है ।
प्रदेश के एक करोड़ 18 लाख गरीब परिवारों को मिला बीमा कवर
उन्होंने कहा कि प्रदेश के एक करोड़ 18 लाख गरीब परिवारों को 05 लाख रुपए का बीमा कवर दिया गया। अब तक प्रदेश में 1.15 करोड़ गोल्डेन कार्ड बनाए गए। मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में 42.19 लाख पात्र आच्छादित। उन्होंने कहा कि प्रत्येक रविवार को प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों का आयोजन किया जा रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय से राजकीय क्षेत्र के 22 मेडिकल कालेज, निजी क्षेत्र के 18 मेडिकल कालेज, निजी क्षेत्र के 17 डेंटल कालेज, राजकीय क्षेत्र के 12 नर्सिंग डिग्री कोर्सेज, निजी क्षेत्र के 198 नर्सिंग डिग्री कॉलेज और निजी क्षेत्र के 89 पैरामेडिकल डिग्री कोर्सेज को सम्बद्धता प्रदान की जाएगी।



