
देश में खेल को बढ़ावा देने के लिए जहां खेलो इंडिया जैसी कई योजनाएं चल रही हैं वहीं अब जम्मू कश्मीर में सरकार एक विश्व स्तरीय शीतकालीन खेल अकादमी और ‘खेलो इंडिया’ मिशन के तहत 100 छोटे खेल केंद्र स्थापित करने जा रही है। इसके साथ ही केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने राज्यसभा में बताया कि सरकार ने दिव्यांग खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की दिशा में 13.73 करोड़ रुपए का फंड भी जारी किए हैं।
फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिए कई पहल
राज्यसभा में किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार इस साल गुलमर्ग में शीतकालीन खेलों के लिए राष्ट्रीय शिविर भी आयोजित करेगी और उसका मंत्रालय इसे निधि देगा। इसी के तहत गुलमर्ग में एक विश्व स्तरीय शीतकालीन खेल अकादमी स्थापित करने का सरकार ने निर्णय लिया है और इसकी स्वीकृति भी दी गई है। खेल मंत्री ने साथ ही बताया कि सरकार फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिए कई पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कश्मीर में कुछ और कार्यक्रम शुरू करने जा रही है, जिसमें गर्मी और पानी के खेल शामिल हैं।
100 छोटे ‘खेलो इंडिया’ केंद्रों को खोलने की घोषणा
इसके अलावा विभिन्न विषयों के साथ श्रीनगर और जम्मू में उत्कृष्टता के दो ‘खेलो इंडिया’ केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। वहीं, ‘खेलो इंडिया’ के तहत 40 छोटे केंद्र स्थापित करने को भी सरकार ने मंजूरी दी है। रिजिजू ने कहा कि ऐसे 60 और केंद्र जल्द ही खोले जाएंगे। जम्मू-कश्मीर में कुल 100 छोटे खेलो इंडिया केंद्रों को खोलने की घोषणा हुई है, जो एक रिकॉर्ड है।
20 से अधिक पैरा-खिलाड़ी टोक्यो पैरालंपिक में लेंगे हिस्सा
इस दौरान केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बताया कि ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत विकलांग खिलाड़ियों के बीच खेल को बढ़ावा देने के लिए आज तक 13.73 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 20 से अधिक पैरा-खिलाड़ियों ने अब तक 25 अगस्त से छह सितंबर तक आयोजित होने वाले टोक्यो पैरालंपिक के लिए अर्हता प्राप्त की है। इनमें से कई पैरा-खिलाड़ी केंद्र सरकार की लक्ष्य ओलंपिक पोडियम योजना के तहत हैं।
खेल मंत्री रिजिजू ने कहा कि “खेल राज्य का विषय है, ऐसे में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए खेल प्रतियोगिताओं को बढ़ावा देने सहित खेल के विकास की जिम्मेदारी भी राज्य/केंद्र शासित सरकारों की रहती है। केंद्र सरकार सिर्फ राज्यों के प्रयासों को पूरक बनाने के क्रम में महत्वपूर्ण अंतराल को कम करने का काम करती है। इसी क्रम में केंद्र सरकार ने वर्ष 2016-17 में केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत ‘खेलो इंडिया’ योजना शुरू की, जिसे 2017-18 में बारह आयामों के साथ आगे बढ़ाया है।



