पीएम मोदी ने कोयंबटूर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4000 से अधिक आवास राष्ट्र को किए समर्पित
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कोयंबटूर में करीब 12,400 करोड़ रुपए की लागत वाली कई आधारभूत संरचना परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। माना जा रहा है कि तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था में यह मील का पत्थर साबित हो सकता है। जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने तिरुपुर, मदुरई, तिरुचिल्लापल्ली में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4,144 आवास राष्ट्र को समर्पित किए। इस योजना के तहत 332 करोड़ रुपए की लागत से तिरुपुर, मदुरई, तिरुचिरापल्ली में चार हजार से ज्यादा मकान बनाए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने तुतीकोरिन में रेल ओवर ब्रिज का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने एम.जी. रामाचंद्रन और जे. जयललीता को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, मुख्यमंत्री ई. पलानीसामी भी मौजूद रहे।
वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट में 5 मेगावाट सौर उर्जा परियोजना की आधारशिला रखी गई
वहीं उन्होंने वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट में 5 मेगावाट सौर उर्जा परियोजना की आधारशिला रखी। ग्रिड से जुड़े ग्राउंड बेस्ड सौर ऊर्जा संयंत्र के डिजाइन, आपूर्ति, स्थापना और कमीशनिंग में लगभग 20 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत लगेगी। इस परियोजना से हर साल 80 लाख यूनिट (केडब्लूएच) ऊर्जा उत्पन्न होगी और इससे बंदरगाह की कुल ऊर्जा खपत का 56 प्रतिशत पूरा किया जा सकेगा। इससे पोर्ट संचालन में कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिलेगी।
लोवर भवानी प्रोजेक्टस सिस्टम के आधुनिकीकरण की आधारशिला रखी
प्रधानमंत्री मोदी ने लोवर भवानी प्रोजेक्टस सिस्टम के आधुनिकीकरण की आधारशिला रखी। यह भवानी सागर बांध और नहर प्रणाली साल 1955 में तैयार हुई थी। लोअर भवानी परियोजना के विस्तार से इरोड, तिरुप्पुर और करूर जिलों में दो लाख एकड़ से अधिक भूमि की सिंचाई होती है। इस परियोजना को नाबार्ड के आधारभूत विकास सहायता के तहत 934 करोड़ रुपए की लागत से पूरा किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य प्रणाली में मौजूदा सिंचाई संरचनाओं का पुनर्वास और नहरों की क्षमता में वृद्धि करना है।
बिजली में तमिलनाडु की हिस्सेदारी 65 प्रतिशत होगी
उन्होंने इंटीग्रेटेड कमांड और कंट्रोल सेंटर्स के विकास के लिए आधारशिला रखी। पीएम ने साथ ही न्येवेली नई ताप बिजली परियोजना राष्ट्र को समर्पित की। न्येवेली परियोजना लिग्नाइट आधारित बिजली संयंत्र है, जिसे 1000 मेगावाट की बिजली उत्पादन क्षमता के हिसाब से डिजाइन किया गया है। इसमें 500 मेगावाट क्षमता की दो यूनिट हैं। लगभग 8000 करोड़ रुपए की लागत से इस परियोजना को तैयार किया गया है। इससे तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पुदुचेरी को फायदा होगा। बिजली में तमिलनाडु की हिस्सेदारी 65 प्रतिशत होगी।
एनएलसी इंडिया की 709 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना राष्ट्र को समर्पित की
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एनएलसी इंडिया की 709 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना भी राष्ट्र को समर्पित की, जो तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन, रामनाथपुरम और विरुधुनगर जिलों में लगभग 2670 एकड़ भूमि पर स्थापित है। यह परियोजना 3000 करोड़ रुपये से अधिक लागत पर स्थापित की गई है।
तमाम परियोजनाओं में विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता
पीएम मोदी ने कहा तमाम परियोजनाओं में विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। उर्जा और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी ये परियोजनाएं देश को मजबूत करने का काम करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि गरीमापूर्ण जीवन के लिए और लोगों के सपनों को साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार मिलकर काम करती रहेगी।
कोयंबटूर उद्योगों और नवाचार का शहर
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कोयंबटूर उद्योगों और नवाचार का शहर है। आज की परियोजनाओं से पूरे तमिलनाडु को लाभ होगा। भवानी सागर बांध से किसानों को बहुत फायदा होगा। भारत के औद्योगिक विकास में तमिलनाडु का बड़ा योगदान है। तमिलनाडु का समुद्र से व्यापार का पुराना इतिहास रहा है। न्येवेली नई ताप बिजली परियोजना की लागत 7000 करोड़ रुपए है। दोनों नई परियोजनाओं से तमिलनाडु की 65% उर्जा जरूरतें पूरी होंगी।
बंदरगाहों से जुड़ी नई परियोजनाओं से समुद्र के रास्ते व्यापार बढ़ेगा
उन्होंने कहा बंदरगाहों से जुड़ी नई परियोजनाओं से समुद्र के रास्ते व्यापार बढ़ेगा। बंदरगाहों के विकास के लिए सागरमाला योजना शुरू की गई है। सागरमाला योजना के तहत 575 परियोजनाओं चल रही हैं। पीएम मोदी ने कहा विकास और पर्यावरण के लिए चिंता आपस में जुड़े हुए हैं। हर व्यक्ति को सम्मान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई है।



