
पीएम मोदी ने असम को तेल और गैस क्षेत्र की कई परियोजानओं की दी सौगात, बोले- नीति सही हो, नीयत साफ हो तो नियति भी बदलती है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को असम के धेमाजी जिले में सिलापाथार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तेल और गैस क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं। उन्होंने इंडियन ऑयल की बोंगईगांव रिफाइनरी की इंडमैक्स ईकाई का उद्घाटन किया। यह इकाई क्रूड प्रोसेसिंग क्षमता को 2.35 एमएमटीपीए से बढ़ाकर 2.7 एमएमटीपीए कर देगी। इसके साथ ही उन्होंने डिब्रुगढ़ स्थित मधुबन, सेकेंडरी टैंक फार्म और हेबड़ा गांव में एक गैस कंप्रेशर स्टेशन की सौगात भी दी। डिब्रुगढ़ स्थित मधुबन, सेकेंडरी टैंक फार्म का निर्माण क्रूड ऑयल से फॉर्मेशन वाटर को अलग करने के लिए किया गया है। परियोजना में प्रतिदिन 10,000 किलो लीटर की क्षमता वाली निर्जलीकरण इकाई भी शामिल की गई है।
वहीं हेबड़ा गांव में गैस कंप्रेशर स्टेशन के जरिए कच्चे तेल की उत्पादन क्षमता में प्रति वर्ष 16,500 मीट्रिक टन की वृद्धि होगी। यह परियोजनाएं उर्जा सुरक्षा और समृद्धि के युग की शुरुआत करेंगी। यह परियोजनाएं स्थानीय युवाओं के लिए अवसरों के उज्जवल रास्ते खोलेंगी। ये परियोजनाएं पीएम मोदी के पूर्वोदय के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।
सिर्फ इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने धेमाजी इंजीनियरिंग कॉलेज का उद्घाटन व सुआलकोची इंजीनियरिंग कॉलेज का शिलान्यास भी किया। बता दें धेमाजी इंजीनियरिंग कॉलेज को लगभग 45 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है। यह राज्य का सातवां सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज है तो वहीं सुआलकोची इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण लगभग 55 करोड़ रुपए की लागत से 116 बीघा जमीन पर किया जाएगा।
पूर्वोत्तर के विकास के बिना भारत का विकास अधूरा
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधन के दौरान कहा, “ब्रह्मपुत्र के इसी नॉर्थ बैंक से, आठ दशक पहले असमिया सिनेमा ने अपनी यात्रा, जॉयमती फिल्म के साथ शुरू की थी। इस क्षेत्र ने असम की संस्कृति का गौरव बढ़ाने वाले अनेक व्यक्तित्व दिए हैं।”
नॉर्थ बैंक में भरपूर सामर्थ्य होने के बावजूद पहले की सरकारों ने इस क्षेत्र के साथ सौतेला किया व्यवहार
उन्होंने कहा कि नॉर्थ बैंक में भरपूर सामर्थ्य होने के बावजूद पहले की सरकारों ने इस क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार किया। यहां की कनेक्टिविटी हो, अस्पताल हों, शिक्षा के संस्थान हों, उद्योग हों, पहले की सरकारो की प्राथमिकता में नहीं रहे। सबका साथ-सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र पर काम कर रही हमारी सरकार ने इस भेदभाव को दूर किया है। पीएम मोदी ने कहा आत्मनिर्भर बनते भारत के लिए लगातार अपने सामर्थ्य, अपनी क्षमताओं में भी वृद्धि करना आवश्यक है। बीते वर्षों में हमने भारत में ही, रिफाइनिंग और इमरजेंसी के लिए ऑयल स्टोरेज कैपेसिटी को काफी ज्यादा बढ़ाया है। बोंगइगांव रिफाइनरी में भी रिफाइनिंग कैपेसिटी बढ़ाई गई है।
देश में गैस पाइपलाइन का नेटवर्क तैयार हो रहा है
पीएम मोदी ने कहा गरीब बहनों-बेटियों का रसोई के धुएं और बीमारियों के जाल में रहना, उनके जीवन की बहुत बड़ी मजबूरी थी। हमने उज्जवला योजना के माध्यम से इस स्थिति को बदल दिया है। असम में आज गैस कनेक्शन का दायरा तकरीबन शत-प्रतिशत हो रहा है। नीति सही हो, नीयत साफ हो तो नियति भी बदलती है। आज देश में जो गैस पाइपलाइन का नेटवर्क तैयार हो रहा है, देश के हर गांव तक ऑप्टिकल फाइबर बिछाया जा रहा है, हर घर जल पहुंचाने के लिए पाइप लगाया जा रहा है, वो भारत मां की नई भाग्य रेखाएं हैं।
आज पूरी दुनिया भारत के इंजीनियर्स का मान रही लोहा
उन्होंने यह भी कहा कि आज पूरी दुनिया भारत के इंजीनियर्स का लोहा मान रही है। असम के युवाओं में तो अद्भुत क्षमता है। इस क्षमता को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार जी जान से जुटी है। असम सरकार के प्रयासों के कारण ही आज यहां 20 से ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज हो चुके हैं। ब्रह्मपुत्र के आशीर्वाद से, इस क्षेत्र की जमीन बहुत ही उपजाऊ रही है। यहां के किसान अपने सामर्थ्य को बढ़ा सकें, उन्हें खेती की आधुनिक सुविधाएं मिल सकें, उनकी आय बढ़े, इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार मिलकर काम कर रही हैं। असम की अर्थव्यवस्था में नॉर्थ बैंक के टी-गार्डन्स की भी बहुत बड़ी भूमिका है। इन टी गार्डन्स में काम करने वाले हमारे भाई-बहनों का जीवन आसान बने, ये भी हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इस अवसर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और असम के गवर्नर प्रोफेसर जग्दीश मुखी मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे। कार्यक्रम में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा पूर्वोत्तर के विकास के बिना भारत का विकास अधूरा है।



