
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 फरवरी को शाम 4:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तमिलनाडु में तेल और गैस क्षेत्र की प्रमुख परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री चेन्नई पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, मनाली में रामनाथपुरम – थुथुकुडी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन और गैसोलीन डिसल्फराइजेशन यूनिट राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह नागपट्टीनम में कावेरी बेसिन रिफाइनरी की आधारशिला भी रखेंगे। इन परियोजनाओं के परिणामस्वरूप सामाजिक-आर्थिक लाभ होगा और देश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा।
इस अवसर पर तमिलनाडु के राज्यपाल और मुख्यमंत्री और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री भी उपस्थित रहेंगे। एन्नौर- थिरुवल्लूर- बेंगलुरु- पुदुचेरी- नागापट्टीनम- मदुरै- तूतीकोरिन प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के रामनाथपुरम- थन्नुकुडी खंड (143 किमी) को लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह ओएनजीसी गैस क्षेत्रों से गैस का उपयोग करने और उद्योगों और अन्य वाणिज्यिक ग्राहकों को फीडस्टॉक के रूप में प्राकृतिक गैस वितरित करने में मदद करेगा। चेन्नई पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीपीसीएल), मनाली में गैसोलीन डीसल्फराइजेशन इकाई को लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह निम्न सल्फर (8 पीपीएम से कम) पर्यावरण के अनुकूल गैसोलीन का उत्पादन करेगा, उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा और एक स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में योगदान देगा। नागपट्टनम में स्थापित की जाने वाली कावेरी बेसिन रिफाइनरी की क्षमता 90 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष होगी। इसे आईओसीएल और सीपीसीएल के संयुक्त उद्यम के माध्यम से 31,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्थापित किया जाएगा। यह बीएस-VI विनिर्देशों को पूरा करने वाली मोटर स्पिरिट और डीज़ल और मूल्य वर्धित उत्पाद के रूप में पॉलीप्रोपाइलीन का उत्पादन करेगा।
17 फरवरी को नास्कॉम टेक्नॉलॉजी एंड लीडरशिप फोरम को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 फरवरी को 12:30 बजे वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से नास्कॉम टेक्नॉलॉजी एंड लीडरशिप फोरम (एनटीएलएफ) को संबोधित करेंगे। एनटीएलएफ के 29वें सम्मेलन का आयोजन 17 से 19 फरवरी 2021 तक किया जा रहा है। यह सम्मेलन नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज़ (नास्कॉम) का अग्रणी आयोजन है। इस वर्ष के आयोजन का विषय है, ‘शेपिंग द फ्यूचर टूवर्डस ए बेटर नॉर्मल’। इसमें 30 से अधिक देशों के 1600 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे और तीन दिन के आयोजन के दौरान 30 उत्पाद दिखाए जाएंगे।
मन की बात के लिए देश कि जनता से प्रधानमंत्री ने मांगे सुझाव



