वाराणसी। विशेष न्यायाधीश (पाक्सोअधिनियम) राजेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी की अदालत ने दुष्कर्म के मामले जैतपुरा निवासी अभियुक्त दिलीप विश्वकर्मा को दोषी पाने पर दस वर्ष के कठोर कारावास व दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। विशेष अभियोजन अधिकारी (पॉक्सो) मधुकर उपाध्याय के अनुसार सोना तालाब दनियालपुर निवासी वादी ने जैतपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि दस नवंबर 2017 को वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ अपने साढ़ू के नक्खीघाट स्थित घर पर जन्मदिन की पार्टी में गया था। इस दौरान शाम करीब 6 बजे पड़ोस में रहने वाला अभियुक्त दिलीप उसकी 3 वर्षीय बच्ची को अपने घर ले गया और वहां उसके साथ अश्लील हरकत करने लगा। बच्ची के चीखने-चिल्लाने पर वादी व अन्य लोग वहां पहुंचे तो बच्ची ने बताया कि अभियुक्त उसके साथ गंदा काम कर रहे थे। जिस पर उन लोगो ने अभियुक्त को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।
जालसाज की जमानत खारिज
वाराणसी। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) पुष्कर उपाध्याय की अदालत ने सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर 40 लाख रुपये हड़प लेने के मामले में आरोपित अकथा (सारनाथ) निवासी लल्लन यादव की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी। अदालत में अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी मुनीब सिंह चौहान व वादी की ओर से उपेंद्र राणा यादव व वीरबहादुर सिंह जेलर ने पक्ष रखा।
अभियोजन के अनुसार सारनाथ थाना क्षेत्र के अशोक नगर निवासी महेंद्र यादव ने 18 फरवरी 2020 को सारनाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि अगस्त 2019 में अकथा (सारनाथ) निवासी लल्लन यादव उसके घर आया और कहा कि वह कंसल्टेंसी एजेंसी चलाता है और बेरोजगार युवकों को उनकी योग्यता अनुसार नौकरी दिलाता है। उसकी बात पर भरोसा करके वादी ने अपना, परिचितों व रिश्तेदारों का मिलाकर 40 लाख रुपये उसके खाते में विभिन्न तिथियों को जमा करा दिया। इसके बाद आरोपित द्वारा 3 अक्टूबर 2019 को मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस, नासिक महाराष्ट्र में विभिन्न पदों पर ज्वाइन करने के लिए कूटरचित फर्ज़ी नियुक्ति पत्र उन्हें दे दिया। जब वह लोग नौकरी ज्वाइन करने पहुंचे तो उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी हुई। इस पर उनलोगों ने जब आरोपित से अपना पैसा वापस मांगा तो वह पैसा वापस लौटाने से इनकार कर दिया।


