
अखिलेश पर दिनेश प्रताप सिंह का बड़ा हमला, बोले- ‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखना बंद करें’
लखनऊ में बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस वार्ता पर पलटवार किया। उन्होंने संत कबीर नगर में गणेश प्रतिमा विसर्जन विवाद, रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज में सपा-ABVP विवाद, किसान कल्याण और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। दिनेश प्रताप सिंह ने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर भी हमला बोला। उन्होंने योगी सरकार के किसान कल्याण और गन्ना भुगतान से जुड़े दावों को भी सामने रखा।
लखनऊ। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस वार्ता पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने संत कबीर नगर में गणेशोत्सव के दौरान मूर्ति विसर्जन की घटना से लेकर रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज विवाद, किसान कल्याण और संवैधानिक संस्थाओं के मुद्दे पर सपा पर तीखा हमला बोला।
संत कबीर नगर की घटना पर सपा सांसद को घेरा
संत कबीर नगर में गणेशोत्सव की मूर्ति विसर्जन की घटना को लेकर दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहे लोगों के बीच सपा सांसद ने अपने सांसद होने का रुतबा दिखाते हुए समाजवादी पार्टी के चिर-परिचित गुंडई अंदाज में निषाद समाज और सनातन पर टिप्पणी की, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि सपा सांसद के बयान को लेकर वहां के लोगों में काफी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज सनातन को मानता है, विघ्नहर्ता भगवान गणेश और भगवान राम को मानता है। अगर कोई सनातन पर टिप्पणी करेगा तो निश्चित तौर पर समाज उसकी प्रतिक्रिया देने को तैयार है। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण सपा सांसद को वहां से भागना पड़ा।
‘रस्सी जल गई, लेकिन अकड़ नहीं गई’
रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज में सपा-ABVP विवाद को लेकर भी दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी 2017 से लगातार हार का स्वाद चख रही है, लेकिन ‘रस्सी जल गई, फिर भी अकड़ नहीं गई।’
उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े माफिया मिट्टी में मिल गए, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की अकड़ अभी भी बरकरार है। इसका परिणाम रायबरेली में देखने को मिला, जहां सपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं की ओर से यह तक कहा गया कि नाम लिखकर रखेंगे और कहीं भी रहेंगे, देख लेंगे।
‘अखिलेश मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखना बंद करें’
दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने’ देखना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता 2017 से उन्हें लगातार देख रही है और 2027 में जब ईवीएम उनके सामने होगी तो जनता बटन दबाकर अपना फैसला सुना देगी।
बीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी ‘नील बटा सन्नाटा’ होकर रह जाएगी और हकीकत में उसका कहीं अस्तित्व नहीं रहेगा।
किसान कल्याण को लेकर भी सपा पर हमला
किसान कल्याण के मुद्दे पर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय से बिजली, सिंचाई की मुफ्त व्यवस्था, खाद और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही किसानों को समय से एमएसपी और गन्ना किसानों को समय से भुगतान किया जा रहा है।
बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी की सरकार में किसानों को सालों-साल भुगतान नहीं मिलता था, बल्कि गुंडई और वसूली होती थी।
उन्होंने कहा कि आज योगी आदित्यनाथ की सरकार में गन्ना किसानों का भुगतान 15 दिन में हो रहा है। उनके मुताबिक केंद्र में नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन सरकार ने यह करके दिखाया है और किसानों की आय दोगुनी करने का जो वादा किया गया था, उसे पूरा किया गया है।
‘संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं’
संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विपक्ष के दृष्टिकोण पर भी दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और ‘इंडी’ अलायंस लाल-काली किताबें लेकर घूमते हैं और संविधान की दुहाई देते हैं, लेकिन जब अवसर आता है तो संविधान को तार-तार करने का काम करते हैं। उन्होंने राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें न भारत के संविधान पर भरोसा है, न राष्ट्रगीत पर और न ही किसी संवैधानिक संस्था पर। यहां तक कि उन्हें चुनाव आयोग पर भी भरोसा नहीं है।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब जनता का चुनावी फैसला इनके पक्ष में होता है तो सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन जब फैसला इनके खिलाफ आता है तो सब गड़बड़ बताया जाता है।
‘AI वीडियो बनाकर भी सनातन को बदनाम नहीं कर पाएंगे’
दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर सोशल मीडिया और AI वीडियो को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चाहे जितनी कोशिश कर लें, X पर जितनी पोस्ट कर लें, प्रेस बुलाकर कितनी भी बातें कर लें या अपने कार्यालय में बैठकर सनातन को बदनाम करने के लिए कितने भी AI वीडियो बनवा लें, जनता सब देख रही है।उन्होंने कहा कि जब जनता को 2017 से पहले का उत्तर प्रदेश और समाजवादी पार्टी का कुशासन याद आता है तो वह सिहर उठती है।
‘नौकरी की नीलामी बंद हुई, इसलिए अखिलेश बेचैन हैं’… सपा पर सूर्य प्रताप शाही का सख्त हमला
लखनऊ। कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने MSP, गन्ना भुगतान, किसानों की बिजली और रोजगार के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल की तुलना योगी सरकार से करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को सरकार पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए।
‘उनके जमाने में धान की MSP ₹1310, आज ₹2385’
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सपा सरकार के समय धान की MSP ₹1310 और गेहूं की MSP ₹1400 थी। इसके मुकाबले योगी सरकार में पिछले साल धान की MSP ₹2385 और गेहूं की ₹2450 दी गई।
उन्होंने कहा कि 2017 के चुनाव से पहले प्रचार के दौरान धान ₹700 से ₹800 में बिकता था। आज उत्तर प्रदेश में धान ₹2400, ₹2500, ₹2600 और ₹2700 तक में बिक रहा है। उन्होंने कहा कि बाजार में गेहूं का भाव भी ₹2800 तक पहुंचा है।
शाही ने कहा कि MSP बढ़ने से बाजार का रेट भी उठा है और इसका फायदा किसान को मिला है।
‘सपा राज में साल-साल तक भुगतान नहीं होता था’
किसानों के भुगतान को लेकर भी सूर्य प्रताप शाही ने सपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय किसान MSP पर फसल बेचता था, लेकिन उसका भुगतान साल-साल और दो-दो साल तक नहीं होता था।
उन्होंने बुंदेलखंड में किसान आत्महत्या का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में वहां लगातार किसान आत्महत्या करते थे।
वहीं योगी सरकार की व्यवस्था का जिक्र करते हुए शाही ने कहा कि अब किसान के खाते में सीधे भुगतान होता है और तीन से चार दिन, अधिकतम सात दिन के भीतर पैसा पहुंच जाता है।
गन्ने के भुगतान पर भी अखिलेश को घेरा
गन्ना मूल्य और भुगतान को लेकर सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सपा सरकार के समय गन्ने का दाम ₹280 तय किया गया था और इसका भुगतान तीन किस्तों में किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले 40 प्रतिशत, फिर 40 प्रतिशत और अंत में 20 प्रतिशत भुगतान होता था और यह 20 प्रतिशत राशि तीन-चार साल बाद तक अटकी रहती थी।
शाही ने कहा कि योगी सरकार बनने के समय तीन पेराई सत्रों का करीब ₹10 हजार करोड़ बकाया छोड़ा गया था, जिसका भुगतान योगी सरकार ने किया।
उनके मुताबिक अब तक ₹3.5 लाख करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा चुका है। इस साल गन्ना मूल्य में ₹25 की बढ़ोतरी की गई है और ₹400 प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ₹36,500 करोड़ में से ₹34 हजार करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
‘किसान के ट्यूबवेल की बिजली माफ’
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों के ट्यूबवेल से चलने वाली बिजली को माफ कर दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार इसके लिए ₹2600 करोड़ का खर्च वहन कर रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी व्यवस्था के बावजूद अखिलेश यादव सरकार पर सवाल क्यों उठा रहे हैं। शाही ने कहा कि उन्हें अनावश्यक अफवाह और गलत बातें फैलाने के बजाय अपने ऊपर पुनर्विचार करना चाहिए।
‘सपा सरकार में गुंडाराज पूरे प्रदेश में था’
सूर्य प्रताप शाही ने सपा सरकार के कानून-व्यवस्था के रिकॉर्ड पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में लूट-खसोट, योजनाओं में भ्रष्टाचार और पुलिस के ऊपर गुंडों का प्रभाव था।
उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग कांड का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पुलिस के एडिशनल एसपी की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने अन्य घटनाओं का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय अपराधियों के हौसले बुलंद थे। शाही ने कहा कि आज गुंडों के वे हौसले पस्त हो चुके हैं और उत्तर प्रदेश की जनता अब गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेगी।
‘अपहरण, फिरौती और लूट का कारोबार खत्म’
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सपा सरकार के दौरान अपहरण, फिरौती, लूट और रैनसम वसूली का माहौल था। उन्होंने इसे उस दौर का ‘उद्योग’ बताते हुए आरोप लगाया कि लोगों का अपहरण किया जाता था, फिरौती मांगी जाती थी और भारी रकम लेकर छोड़ा जाता था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में यह सब खत्म हो चुका है।
‘9.5 लाख से ज्यादा लोगों को पारदर्शी तरीके से नौकरी’
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में 9.5 लाख से ज्यादा लोगों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में कार्यक्षमता बढ़ी है और पब्लिक सर्विस कमीशन की कार्यप्रणाली को बेहतर किया गया है।
शाही ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान पब्लिक सर्विस कमीशन, सबऑर्डिनेट सर्विस कमीशन और शिक्षक भर्ती बोर्ड जैसी संस्थाएं ध्वस्त हो गई थीं और नौकरी की नीलामी होती थी। उन्होंने कहा कि अब यह व्यवस्था बंद हो गई है और इसी वजह से समाजवादी पार्टी के ‘पेट में दर्द’ है और अखिलेश यादव बेचैन हैं।
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