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रामनगर के जोनल अधिकारी को नोटिस, जेई को प्रतिकूल प्रविष्टि व सुपरवाइजर का कटा 10 दिन का वेतन

वाराणसी के रामनगर जोन में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के औचक निरीक्षण में सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण, क्षतिग्रस्त नालियों और जल निकासी की गंभीर समस्याएं सामने आईं। लापरवाही पर जोनल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जबकि संबंधित अवर अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि और सफाई सुपरवाइजर का दस दिनों का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने अतिक्रमण हटाने, नियमित सफाई सुनिश्चित करने और जलभराव की समस्या का शीघ्र समाधान करने के निर्देश भी दिए।

वाराणसी : नगर निगम प्रशासन ने शहर की सफाई और अतिक्रमण व्यवस्था को लेकर रुख कड़ा कर लिया है। शनिवार को रामनगर जोन में औचक निरीक्षण के दौरान मिली भीषण अव्यवस्था, क्षतिग्रस्त नालियों और सफाई में भारी लापरवाही पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कार्य में शिथिलता बरतने पर जहाँ रामनगर जोनल अधिकारी से जवाब-तलब करते हुए ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है, वहीं संबंधित अवर अभियंता (सिविल) को प्रतिकूल प्रविष्टि देने और सफाई सुपरवाइजर का दस दिनों का वेतन काटने का कड़ा निर्देश दिया गया है।

​नगर आयुक्त ने रामनगर जोन अंतर्गत साफ-सफाई, पेयजल, मार्ग निर्माण, सीवर ओवरफ्लो, अतिक्रमण, नाला/नाली सफाई आदि को लेकर विस्तृत निरीक्षण किया। ​निरीक्षण के दौरान रामनगर जोन के अंतर्गत यह बात सामने आई कि स्थानीय दुकानदारों व गृहस्वामियों द्वारा बड़े पैमाने पर आगे बढ़कर अतिक्रमण कर लिया गया है। लोगों ने नाली व नालों के ऊपर पक्का स्लैब ढालकर उन्हें पूरी तरह से ढक दिया है। इससे न केवल नालों की सफाई प्रभावित हो रही है, बल्कि जल निकासी में भी भारी अवरोध उत्पन्न हो रहा है।

​अतिक्रमण के खिलाफ अभियान न चलाने और क्षेत्र में क्षतिग्रस्त नालियों-नालों की मरम्मत न कराने पर नगर आयुक्त ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने जोनल अधिकारी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि रामनगर जोन का प्रभार होने के नाते शहर को स्वच्छ, सुंदर और अतिक्रमण मुक्त रखना उनका प्राथमिक दायित्व था, जिसमें शिथिलता अपनाई गई। इसके अलावा क्षतिग्रस्त नालियों के कारण जगह-जगह पानी जमा होने और कार्य में रुचि न लेने पर संबंधित अवर अभियंता (सिविल) की शिथिल कार्यप्रणाली के लिए प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।

​सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हुए नगर आयुक्त को जगह-जगह कूड़े के ढेर मिले। यह देखकर उन्होंने नाराजगी जताई कि नियमित सफाई नहीं की जा रही है और न ही सड़कों पर कूड़ा फेंकने वाले लोगों के खिलाफ कोई रोक-टोक या जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। सफाई कार्य में घोर लापरवाही बरतने पर संबंधित सफाई सुपरवाइजर का दस दिनों का वेतन काटने का आदेश जारी किया गया। इस दौरान मौके पर जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह, अधिशासी अभियंता (सिविल), सहायक अभियंता (सिविल), सफाई निरीक्षक सहित नगर निगम व जलकल विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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