Varanasi

काशी के 84 घाटों पर योग का महासंगम, 15 से 21 जून तक चलेगा भव्य योग सप्ताह

वाराणसी में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 15 से 21 जून तक योग सप्ताह के दौरान काशी के 84 घाटों, श्री काशी विश्वनाथ धाम, सारनाथ, विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और ग्राम पंचायतों में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस वर्ष योग दिवस की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी आठ विकास खंडों में विशेष योग प्रशिक्षण शिविर भी लगाए जाएंगे।

वाराणसी : आदि योगी भगवान शिव की पावन नगरी काशी एक बार फिर योग के वैश्विक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए तैयार है। 21 जून को आयोजित होने वाले 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में योगी सरकार ने वाराणसी में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” निर्धारित की गई है। इसी उद्देश्य को लेकर 15 से 21 जून तक पूरे जनपद में ‘योग सप्ताह’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें काशी के विश्व प्रसिद्ध 84 अर्धचंद्राकार घाटों से लेकर गांवों, विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों तक योग कार्यक्रम आयोजित होंगे।

मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि योग सप्ताह का औपचारिक शुभारंभ 15 जून को नमो घाट से किया जाएगा। उद्घाटन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक भाग लेंगे। इसके साथ ही गंगा तट पर स्थित विभिन्न घाटों पर प्रतिदिन सामूहिक योगाभ्यास के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

घाटों पर प्रतिदिन होगा योगाभ्यास

योग सप्ताह के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग घाटों पर योग सत्र आयोजित किए जाएंगे। 16 जून को राजघाट, पंच अग्नि घाट, रानी घाट, निषाद घाट, नया घाट, तेलिया नाला घाट, गाय घाट, ब्रह्म घाट, शीतला घाट, दुर्गा घाट और बालाजी घाट सहित कई घाटों पर योगाभ्यास होगा।

17 जून को जटार घाट, राम घाट, अग्निश्वर घाट, गणेश घाट, मेहता घाट, भोंसले घाट, गंगा महल घाट, संकठा घाट, सिंधिया घाट, ललिता घाट, मीर घाट, त्रिपुरा भैरवी घाट, मानमंदिर घाट तथा दशाश्वमेघ घाट पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

18 जून को अहिल्याबाई घाट, मुंशी घाट, दरभंगा घाट, राणा घाट, चौसठी घाट, पाण्डेय घाट, राजा घाट, नारद घाट, मानसरोवर घाट और क्षेमेश्वर घाट योग साधना के केंद्र बनेंगे।

19 जून को केदार घाट, विजयनगरम घाट, कर्नाटक स्टेट घाट, हनुमान घाट, डांडी घाट, शिवाला घाट, निरंजनी घाट, पंचकोटा घाट और चेतसिंह घाट पर सामूहिक योगाभ्यास होगा।

20 जून को जैन घाट, आनंदमयी घाट, जानकी घाट, भदैनी घाट, तुलसी घाट, रीवा घाट, रविदास घाट, अस्सी नया घाट और महानिर्वाणी घाट पर योग सत्र आयोजित किए जाएंगे।

21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अस्सी घाट सहित काशी के सभी प्रमुख घाटों पर एक साथ सामूहिक योगाभ्यास का भव्य आयोजन किया जाएगा।

प्रमुख स्थलों पर भी होंगे विशेष योग सत्र

क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार के अनुसार योग दिवस पर गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल, श्री काशी विश्वनाथ धाम, सारनाथ, नगर निगम के पार्कों, आयुष चिकित्सालयों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों तथा सभी ग्राम पंचायतों के पंचायत भवनों में भी बड़े स्तर पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस

योगी सरकार ने इस बार योग को केवल शहरों तक सीमित न रखते हुए गांव-गांव तक पहुंचाने की रणनीति बनाई है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम सभा से युवा मंगल दल के एक पुरुष सदस्य और महिला मंगल दल की एक महिला सदस्य को चयनित कर ‘कॉमन योग प्रोटोकॉल’ के अंतर्गत विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये प्रशिक्षित सदस्य अपने-अपने गांवों में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्य करेंगे और ग्रामीणों को नियमित योगाभ्यास कराएंगे।

सभी 8 विकास खंडों में लगेगा तीन दिवसीय योग शिविर

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के क्रम में वाराणसी के सभी आठ विकास खंडों – हरहुआ, काशी विद्यापीठ, आराजी लाइन, चिरईगांव, बड़ागांव, चोलापुर, सेवापुरी और पिंडरा में 12 से 14 जून तक तीन दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।

मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्येक ब्लॉक में एक महिला और एक पुरुष प्रशिक्षक की तैनाती की गई है, जो प्रतिभागियों को योग की विभिन्न विधाओं और कॉमन योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण देंगे।

सुबह 7 बजे से शुरू होगा प्रशिक्षण

डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि 12 से 14 जून तक सभी ब्लॉकों में प्रतिदिन सुबह 7 बजे से प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ होंगे। इसमें उपस्थित प्रतिभागियों को कॉमन योग प्रोटोकॉल का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ सकें।

स्वस्थ समाज की दिशा में बड़ा अभियान

प्रशासन का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से विशेष रूप से बुजुर्गों को स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली के लिए प्रेरित करना है। साथ ही युवाओं और ग्रामीण समुदाय को योग से जोड़कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी लक्ष्य है। योगी सरकार का मानना है कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि स्वस्थ वृद्धावस्था के संकल्प को भी साकार किया जा सकता है।

काशी में 15 से 21 जून तक चलने वाला यह योग सप्ताह आध्यात्मिकता, स्वास्थ्य और सामूहिक सहभागिता का अनूठा संगम बनेगा, जहां गंगा तट पर योग की मुद्राएं विश्व को भारत की प्राचीन योग परंपरा और स्वस्थ जीवन का संदेश देंगी।

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