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अब गांव में ही बनेंगे आधार कार्ड, जानिए नई सुविधा

उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीणों को बड़ी राहत देते हुए ग्राम पंचायतों में आधार नामांकन और अपडेट सेवाएं शुरू कर दी हैं। फिलहाल छह जिलों की 110 पंचायतों में यह सुविधा उपलब्ध है, जहां 75 हजार से अधिक सेवाएं दी जा चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य सभी 57,694 ग्राम पंचायतों को डिजिटल नागरिक सेवा केंद्र के रूप में विकसित करना है।

  • योगी सरकार ने दी ग्रामीणों को बड़ी राहत, 6 जिलों की 110 ग्राम पंचायतों में आधार सेवाएं शुरू
  • पहले चरण में लखनऊ, अयोध्या, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, सीतापुर व बलरामपुर के लोगों को मिली सुविधा
  • प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों में आधार केंद्र खोलने का लक्ष्य, पहले चरण में 5,000 पंचायतें शामिल

लखनऊ : अब आधार कार्ड बनवाने, उसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए ग्रामीणों को शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों को डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ी पहल की है। इसके तहत छह जिलों की 110 ग्राम पंचायतों में आधार नामांकन एवं अपडेट सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। इस व्यवस्था से अब तक 75,000 से अधिक आधार सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं।

पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि योगी सरकार की योजना चरणबद्ध तरीके से सभी ग्राम पंचायतों तक यह सुविधा पहुंचाने की है। इसके तहत प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों में आधार केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 5000 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इससे न केवल ग्रामीणों के समय व धन की बचत होगी, बल्कि पंचायतों की अपनी आय बढ़ाने का भी नया रास्ता खुलेगा।

डिजिटल पंचायतों की मजबूत नींव

योजना को गति देने के लिए पंचायत सहायकों को आधार ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। अब तक 1200 से अधिक पंचायत सहायकों को प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि शेष का प्रशिक्षण जारी है। वर्तमान में 179 पंचायत सहायकों की ऑपरेटर आईडी सक्रिय हो चुकी है और 157 आधार मशीनों का एक्टिवेशन पूरा कर लिया गया है। इससे ग्राम पंचायत स्तर पर सेवाओं का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। फिलहाल लखनऊ, अयोध्या, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, सीतापुर व बलरामपुर की 110 ग्राम पंचायतों में यह सुविधा शुरू हो चुकी है। इन जिलों के ग्रामीणों को अब आधार सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है।

पंचायतें बनेंगी नागरिक सेवा का केंद्र

पंचायती राज निदेशक के अनुसार, यह पहल केवल आधार सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्राम पंचायतों को भविष्य में डिजिटल नागरिक सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की मजबूत आधारशिला बनेगी। इससे ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं गांव में ही उपलब्ध होंगी और पंचायतों की आर्थिक आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी। विभाग ग्राम पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आधार सेवाओं की शुरुआत एक महत्वपूर्ण कदम है और जल्द ही इसका लाभ प्रदेश के हर गांव तक पहुंचेगा।

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