
मुख्यमंत्री करेंगे 223 मेधावियों का सम्मान, प्रदेशभर में 1682 विद्यार्थियों को मिलेगा पुरस्कार
उत्तर प्रदेश सरकार 1 जून को लखनऊ में मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह-2026 आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 223 राज्य स्तरीय मेधावियों को एक लाख रुपये, टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। प्रदेशभर में कुल 1682 विद्यार्थियों को सम्मान मिलेगा। साथ ही मदरसा बोर्ड के सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी वर्ग के टॉप-10 छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया जाएगा, जबकि दोनों वर्गों के शीर्ष तीन विद्यार्थियों को टैबलेट प्रदान किए जाएंगे।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रतिभा को प्रोत्साहन देने और विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सोमवार, 1 जून को मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह-2026 का आयोजन किया जाएगा। राजधानी लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में आयोजित होने वाले इस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के विभिन्न शिक्षा बोर्डों के 223 राज्य स्तरीय मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगे। वर्ष 2018 से शुरू हुई इस पहल के माध्यम से प्रदेश सरकार लगातार मेधावी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन कर रही है।
समारोह में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड के वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। राज्य स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को एक लाख रुपये की धनराशि, टैबलेट, प्रशस्ति पत्र, मेडल और साफा प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों तथा संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया जाएगा।
राज्य स्तरीय सम्मान के लिए कुल 223 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इनमें उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के 138 विद्यार्थी, माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के 21 विद्यार्थी, सीआईएससीई बोर्ड के 33 विद्यार्थी तथा सीबीएसई बोर्ड के 31 विद्यार्थी शामिल हैं। इन 223 विद्यार्थियों में 85 छात्र और 138 छात्राएं हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की बढ़ती भागीदारी और उत्कृष्ट प्रदर्शन को भी दर्शाता है।
कार्यक्रम की एक विशेषता यह भी होगी कि राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी के एक अभिभावक को शॉल भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न बोर्डों में सर्वोच्च अथवा प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के 11 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी प्रशस्ति पत्र और शॉल प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे परिवार और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए उनके योगदान को भी सार्वजनिक रूप से सम्मान दिया जा रहा है।
राज्य स्तरीय समारोह के समानांतर प्रदेश के सभी जनपदों में भी मेधावी विद्यार्थी सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला स्तर पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में प्रथम 10 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। जिला स्तर पर कुल 1459 विद्यार्थियों को सम्मान मिलेगा, जिनमें 687 हाईस्कूल और 772 इंटरमीडिएट के विद्यार्थी शामिल हैं। इनमें 617 छात्र और 842 छात्राएं हैं। जिला स्तरीय मेधावियों को 21 हजार रुपये की धनराशि, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किया जाएगा। इस प्रकार वर्ष 2026 के मेधावी विद्यार्थी सम्मान कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर में कुल 1682 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।
मदरसा बोर्ड के मेधावियों को योगी सरकार करेगी सम्मानित, टॉप-3 छात्रों को मिलेगा टैबलेट
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार वर्ष 2026 की मदरसा बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित करेगी। मुंशी/मौलवी (सेकेंडरी) और आलिम (सीनियर सेकेंडरी) परीक्षा के टॉप-10 छात्र-छात्राओं को लखनऊ बुलाकर सम्मानित किया जाएगा। इनमें से दोनों वर्गों के टॉप- 3 छात्र-छात्राओं को टैबलेट दिया जाएगा। इसके लिए जून के पहले सप्ताह में राजधानी लखनऊ में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
प्रदेश सरकार का उद्देश्य मदरसा शिक्षा को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी बनाना है, ताकि अल्पसंख्यक समाज के छात्र-छात्राएं मुख्यधारा से जुड़कर बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।
80 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं थे पंजीकृत
वर्ष 2026 की उप्र. मदरसा बोर्ड परीक्षा में कुल 80,933 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इनमें से 63,211 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था, इसमें से 55,788 छात्रों ने परीक्षा पास की थी। मुंशी/मौलवी (सेकेंडरी) और आलिम (सीनियर सेकेंडरी) की मेरिट सूची में टॉप-10 में पांच छात्र और पांच छात्राएं शामिल हैं। सभी टॉप-10 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा।
सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी के टॉपर्स
मुंशी/मौलवी (सेकेंडरी) वर्ग में चंदौली के मोहम्मद वसीम ने पहला, मीरजापुर के मोहम्मद कासिम अली ने दूसरा और गोरखपुर की शाइमा परवीन ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं आलिम (सीनियर सेकेंडरी) वर्ग में शीर्ष तीनों स्थानों पर छात्राओं ने कब्जा जमाया। वाराणसी की जुमी फरीन और शाइस्ता परवीन के साथ अमरोहा की उम्मुल खैर ने टॉप-3 में स्थान बनाया है। इन छात्र-छात्राओं को टैबलेट से सम्मानित किया जाएगा।
आधुनिक शिक्षा से मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
प्रदेश सरकार लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है कि अल्पसंख्यक समाज के छात्र आधुनिक शिक्षा से जुड़ें और समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘एक हाथ में कुरान और एक हाथ में कंप्यूटर’ के विजन को राज्य सरकार जमीनी स्तर पर लागू करने का प्रयास कर रही है। इसी क्रम में मदरसों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और आधुनिक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की प्राथमिकता
अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि योगी सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मदरसा शिक्षा केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में गरीब मुस्लिम परिवारों के बच्चे शिक्षा प्राप्त करते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना उनका अधिकार है।
जून के पहले सप्ताह में होगा सम्मान समारोह
राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि जून के पहले सप्ताह में सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी वर्ग के टॉप-10 छात्र-छात्राओं को लखनऊ बुलाकर सम्मानित किया जाएगा। दोनों वर्गों के टॉप-3 को टैबलेट फोन दिए जाएंगे, जिससे वह अपनी आगे की पढ़ाई और बेहतर ढंग से कर सकें।
सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हुई थीं परीक्षाएं
मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं बीती 9 फरवरी से 14 फरवरी के बीच दो पालियों में आयोजित की गईं थी। पहली पाली में मुंशी और मौलवी, जबकि दूसरी पाली में आलिम, अरबी एवं परशियन (फारसी) विषयों की परीक्षाएं संपन्न हुई थी। प्रदेशभर में कुल 277 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिनकी निगरानी सीधे मदरसा बोर्ड मुख्यालय से की गई थी। परिणामस्वरूप परीक्षाएं शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुईं थी।
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