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टूटा चश्मा दिखाकर बोले अभिषेक- “मुझे मारने की कोशिश हुई”

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी पर दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में कथित हमला होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अभिषेक ने इसे जानलेवा हमला बताते हुए राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी घटना पर चिंता जताते हुए उपचार और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में कथित हमले के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद उन्होंने इसे अपने ऊपर किया गया “जानलेवा हमला” बताते हुए इसके पीछे गहरी साजिश होने का आरोप लगाया है। वहीं, इस मामले को लेकर राज्य की राजनीति भी गरमा गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, डायमंड हार्बर से सांसद और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को घटना के बाद तत्काल कोलकाता के पूर्वी महानगरीय बाइपास स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें दक्षिण कोलकाता के मिंटो पार्क क्षेत्र के निकट स्थित एक अन्य निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। बाद में उन्हें बेलव्यू क्लिनिक में भर्ती कराया गया।

अस्पताल पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अभिषेक बनर्जी ने अपना टूटा हुआ चश्मा दिखाया और दावा किया कि उन पर जानलेवा हमला किया गया। उन्होंने कहा कि घटना कोई सामान्य हादसा नहीं थी, बल्कि सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई कार्रवाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक हुई और प्रशासन इस प्रकार की घटना को रोकने में विफल रहा।

इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को जिस पहले अस्पताल में ले जाया गया था, वहां उन्हें अपेक्षित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने इसके पीछे राजनीतिक दबाव होने की आशंका भी जताई।

घटना के संबंध में अभिषेक बनर्जी ने स्थानीय निवासियों को जिम्मेदार ठहराने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि सोनारपुर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया था और क्षेत्र के आम नागरिकों की इस घटना में कोई भूमिका नहीं थी। उनके अनुसार, हमले में शामिल लोग बाहरी थे, जिन्हें राजनीतिक उद्देश्य से क्षेत्र में लाया गया था।तृणमूल कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह हिंसा एक सुनियोजित राजनीतिक अभियान का हिस्सा थी।

बताया जाता है कि अभिषेक बनर्जी सोनारपुर में उन परिवारों से मुलाकात करने जा रहे थे, जिनके परिजनों की चुनाव बाद हुई कथित हिंसा में मृत्यु होने का दावा तृणमूल कांग्रेस द्वारा किया गया है। इसी दौरान यह घटना हुई, जिसके बाद राजनीतिक माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।

घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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