NationalUP Live

गोरखपुर में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी का बड़ा केंद्र, सीएम योगी ने किया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का लोकार्पण

गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एमपीआईटी में टीसीएस फाउंडेशन के सहयोग से पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का लोकार्पण किया। इस केंद्र में एआई, मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस और 3डी प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए तकनीकी सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा तथा प्रदेश को नॉलेज और इनोवेशन हब बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

  • टीसीएस फाउंडेशन के सहयोग से एमपीआईटी में स्थापित अत्याधुनिक सीओई, युवाओं को एआई व नई तकनीकों में बनाएगा आत्मनिर्भर

गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी। उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) फाउंडेशन के सहयोग से बने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का लोकार्पण किया। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन की उपस्थिति में लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने खुद को न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेट, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भी स्थापित किया है।

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन देखने को मिल रहा है, वैसा नौ वर्ष पहले हो पाना कठिन था। तब सड़कें अच्छी नहीं थीं, बिजली का अता-पता नहीं था। सुरक्षा संकट में थी। न नीति थी और न नीयत। सुरक्षा का माहौल और नीति नहीं होने के कारण निवेश भी नहीं होता था। जब निवेश नहीं होगा तो स्वाभाविक रूप से रोजगार भी नहीं मिलेगा। यही स्थिति तब यूपी की थी, लेकिन आज का यूपी हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे जितना टेक्नोलॉजी के नजदीक जाएंगे, टेक्नोलॉजी हाथ का खिलौना बनती जाएगी। नौजवान जब टेक्नोलॉजी के साथ जुड़ेंगे, पारंगत बनेंगे तो उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

वर्तमान व भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

सीएम योगी ने इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने में सहयोग के लिए टाटा समूह के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सेंटर वर्तमान व भविष्य की इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सहायक होगा। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के रोडमैप को एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म मिलेगा। इस सेंटर को एआई, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, स्पेस टेक्नोलॉजी, थ्रीडी प्रिंटिंग जैसी डिजिटल युग की जरूरतों पर फोकस करते हुए आगे बढ़ाया जा रहा है। यह सेंटर तकनीकी उन्नयन, रिसर्च, इनोवेशन, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की दृष्टि से युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा। एमपीआईटी में स्थापित यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पीएम मोदी की डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया मुहिम को भी आगे बढ़ाने में प्रभावी भूमिका का निर्वहन करेगा।

युवाओं, किसानों व महिलाओं के लिए टेक्नोलॉजी की नई ज्योति

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस गोरखपुर, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमोत्तर बिहार और नेपाल की तराई से जुड़े नौजवानों, अन्नदाता किसानों और महिलाओं के लिए टेक्नोलॉजी की ज्योति बनकर आया है। यह न केवल पूर्वी उत्तर प्रदेश, बल्कि भारत के विकास को एक नया प्रकाश देने का माध्यम बनेगा। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि यह सेंटर ऐसे क्षेत्र में बना है, जिसे कभी उत्तर प्रदेश का सबसे बैकवर्ड एरिया माना जाता था। अब इस क्षेत्र में युवा, किसान और नारी शक्ति तकनीकी दृष्टि से सशक्त होकर पीएम मोदी के विजन के अनुरूप पूरे क्षेत्र की समृद्धि में योगदान देंगे।

एमपी शिक्षा परिषद की स्थापना और इसके योगदान का उल्लेख

अपने संबोधन में सीएम योगी ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना और इसके योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि देश जब पराधीन था तब 1932 में तत्कालीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत श्रीदिग्विजयनाथ जी महाराज ने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। यह वही शिक्षा परिषद है, जिसने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अपने दो संस्थान सरकार को देकर विश्वविद्यालय का शुभारंभ कराया। इसी शिक्षा परिषद के उपक्रम महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में टाटा ग्रुप के सहयोग से शानदार सेंटर आफ एक्सीलेंस यहां के युवाओं को प्राप्त हुआ है।

नॉलेज पावर हाउस बन रहा गोरखपुर

सीएम योगी ने कहा कि एक समय था जब पूर्वी उत्तर प्रदेश सबसे पिछड़ा माना जाता था। जबकि आज पीएम मोदी की प्रेरणा से यह क्षेत्र आगे बढ़ता हुआ, नॉलेज पावर हाउस के रूप में अपने आप को स्थापित कर रहा है। गोरखपुर में चार पूर्ण क्रियाशील विश्वविद्यालय कार्यरत हैं। इसके साथ ही अभी कुछ दिन पहले भारत सरकार के सहयोग से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की भी स्थापना गोरखपुर में की गई है।

एक्सप्रेसवे प्रदेश बना उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ वर्ष में यूपी ने खुद को एक्सप्रेसवे प्रदेश के रूप में स्थापित किया है। देश मे 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे यूपी के पास है। गंगा एक्सप्रेसवे इसी माह हम राष्ट्र को समर्पित कराने जा रहे हैं। तब उत्तर प्रदेश का देश के एक्सप्रेसवे में 60 फीसदी हिस्सा होगा। पीएम मोदी के हाथों मंगलवार को लोकार्पित दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर का 65 से 70 फीसदी हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है, जिसका भरपूर फायदा प्रदेश को मिलेगा।

यूपी और टेक्नोलॉजी, दोनों में अनलिमिटेड पोटेंशियल

मुख्यमंत्री ने कहा टेक्नोलॉजी का विभिन्न क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सकता है, इसमें अनलिमिटेड पोटेंशियल है, ठीक उत्तर प्रदेश की तरह। यूपी के पोटेंशियल को आगे बढ़ाने में टेक्नोलॉजी बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती है। सरकार की तरफ से अनुकूल वातावरण बनाने का परिणाम है कि भारत में 55 फीसदी मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग अकेले उत्तर प्रदेश में हो रही है और बड़ी संख्या में रोजगार मिल रहा है। 55 से 60 फ़ीसदी इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट भी उत्तर प्रदेश में बन रहे हैं। 96 लाख से अधिक एमएसएमई यूपी के पास हैं। वर्तमान में 32000 से अधिक बड़े कारखाने उत्तर प्रदेश में संचालित हैं। 22000 से अधिक स्टार्टअप प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं।

बुंदेलखंड में 56000 एकड़ में बन रही इंडस्ट्रियल सिटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में एनसीआर आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का हब बना है। कानपुर लेदर व ड्रोन टेक्नोलॉजी हब बना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश एग्रीटेक और एमएसएमई का हब बन रहा है। लखनऊ डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है। इसी तर्ज पर बुंदेलखंड में 56000 एकड़ में एक नई इंडस्ट्रियल सिटी, फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप और फार्मा पार्क की स्थापना की जा रही है।

एआई वर्तमान दौर की आवश्यकता

सीएम योगी ने कहा कि एआई मौजूदा दौर की आवश्यकता है। हम सबको इसमें पीछे नहीं रहना है। उन्होंने एमपीआईटी के निदेशक और फैकल्टी का आह्वान किया कि वे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में युवाओं के लिए अलग-अलग प्रकार के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्स बनाएं, जो उन्हें उनके लक्ष्य की ओर आगे ले जाएं।

सीओई का भ्रमण कर अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की जानकारी ली सीएम ने

मुख्यमंत्री ने टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन व टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लोकार्पण करने के बाद अत्याधुनिक भवन एवं लैब्स (प्रयोगशालाओं) का भ्रमण कर अवलोकन किया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब, साइबर सिक्योरिटी लैब, ड्रोन टेक्नोलॉजी लैब, थ्रीडी प्रिंटिंग लैब की व्यवस्थाओं, सुविधाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। मुख्यमंत्री को बताया गया कि यह सीओई ‘एआई फॉर आल’ की अवधारणा पर आधारित है, जिसके माध्यम से तकनीक को समाज के हर वर्ग तक सुलभ बनाया जाएगा।

नवाचारों का प्रदर्शन देखा मुख्यमंत्री व टाटा संस के चेयरमैन ने

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, टाटा संस के चेयरमैन और अन्य अतिथियों के समक्ष स्टार्टअप्स ने नवाचारों का प्रदर्शन किया। सीएम ने इनसे जुड़े युवाओं से संवाद भी किया। उनका उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भविष्य में स्टार्टअप इन्क्यूबेशन तथा उ‌द्यमिता विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इससे पूर्वांचल में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

एमपीआईटी के विजन डॉक्यूमेंट का हुआ अनावरण

सीओई के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और अन्य अतिथियों ने एमपीआईटी के विजन डॉक्यूमेंट तथा ‘इनक्लूसिव एआई फॉर यूपी’ विजन डॉक्यूमेंट का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के समक्ष एमपीआईटी और विभिन्न संस्थानों के मध्य एमओयू का आदान प्रदान भी हुआ।

‘एआई फॉर ऑल’ और ‘एआई फॉर फार्मर्स’ कोर्स का भी शुभारंभ

इस अवसर पर सीएम योगी ने टीसीएस आई-ऑन के सहयोग से ‘एआई फॉर ऑल’ एवं साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस प्रोग्राम (21 घंटे का ऑनलाइन कोर्स) तथा ‘एआई फॉर फार्मर्स’ कोर्स का भी शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में अपने स्वागत संबोधन में एमपीआईटी के निदेशक सुधीर अग्रवाल ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के उद्देश्यों और इसके निर्धारित लक्ष्यों की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रविकिशन शुक्ला, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी व केवी राजू, प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग आलोक कुमार, टीसीएस के ग्लोबल हेड (डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर) चंद्रमोहन मल्लाडी, मदन मोहन मालवीय प्रौ‌द्योगिकी विश्ववि‌द्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्ववि‌द्यालय के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय, एमपी शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष राजेश मोहन सरकार भी उपस्थित रहे।

हर व्यक्ति के हाथ में हों एआई के साधन: एन. चंद्रशेखरन

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि समय के अनुरूप चलने के लिए आवश्यक है कि हर व्यक्ति के हाथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के साधन हों। एआई को लेकर किसी भी तरह के भय या संशय में पड़ने की बजाय यह समझना होगा कि एआई, स्टीम इंजन और बिजली के अविष्कार जैसा दूरगामी प्रभावकारी बनने वाला है। एआई का मतलब लोगों के लिए अलग-अलग हो सकता है, लेकिन यह समग्र रूप से जीवन के सभी क्षेत्र में प्रभावकारी बदलाव लाता है। एआई ग्रामीण विकास, कृषि विकास तथा महिला सशक्तिकरण में महत्वूपर्ण भूमिका निभाने लगा है। उत्तर प्रदेश में ऊर्जा, प्रतिभा और स्केल की कमी नहीं है। यहां के छात्र बहुत प्रतिभावान हैं। हम चाहते हैं कि यूपी एआई के क्षेत्र में भारत का अग्रणी राज्य बने।

इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर विशेष ध्यान दिया है सीएम योगी ने: कृतिवासन

टीसीएस के एमडी एवं सीईओ के. कृतिवासन ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में निवेश का शानदार वातावरण बनाने के साथ इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर विशेष ध्यान दिया है। सरकार से मिल रहे प्रोत्साहनपरक माहौल से प्रदेश में टीसीएस के प्रौद्योगिकी शिक्षण-प्रशिक्षण से जुड़े अभियान लगातार आगे बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम में टीसीएस आई-ऑन (TCS- iON) के हेड वेंगुस्वामी रामास्वामी ने कहा कि इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। सीएम योगी भविष्य को आकार देने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।

गोरखपुर में एआई अवेयरनेस का विश्व रिकॉर्ड, ‘AI for All’ प्रोग्राम गिनीज बुक में दर्ज

भारत, हजारों वर्षों से चलती आ रही एक जीवंत सभ्यता है: प्रधानमंत्री

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button