नारी शक्ति को मिलेगा बड़ा अधिकार, संसद में होने जा रहा है बड़ा फैसला
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 21वीं सदी का ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण देकर लोकतंत्र को मजबूत करेगा। 2023 में पारित इस कानून को 2029 तक लागू करने की दिशा में सरकार सक्रिय है। 16 अप्रैल से शुरू होने वाले विशेष सत्र में संशोधन विधेयक लाया जाएगा। पीएम ने महिलाओं से सक्रिय भागीदारी और जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण देने से संबंधित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए लाये जाने वाले संशोधन विधेयक को 21 वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय करार देते हुए कहा कि यह पूरी तरह से नारी शक्ति को समर्पित है। प्रधानमंत्री ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि देश की संसद एक नया इतिहास रचने के निकट है जो अतीत की परिकल्पना और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा।
श्री मोदी ने गुरुवार को संसद में लाये जाने वाले इस संशोधन विधेयक से पहले सोमवार को यहां विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक लेने जा रहा है, एक ऐसा निर्णय जो नारी शक्ति को समर्पित है।”उन्होंने इस क्षण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि देश की संसद एक नया इतिहास रचने के निकट है जो अतीत की परिकल्पना और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा। सामाजिक न्याय के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि देश एक समतावादी भारत की कल्पना करता है जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा नहीं बल्कि कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग है। प्रधानमंत्री ने कहा, “राज्य विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक, दशकों की प्रतीक्षा अब समाप्त होने वाली है।
“प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में नए संसद भवन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित किया गया था और सभी दलों ने इस बात पर सहमति जताई थी कि इसे हर हाल में 2029 तक क्रियान्वित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को समय पर लागू किया जाना चाहिए ताकि महिलाओं की भागीदारी से लोकतंत्र सुदृढ़ हो। इसके लिए संसद के बजट सत्र का विशेष सत्र 16 अप्रैल से आरंभ होगा। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास और प्राथमिकता यह है कि यह कार्य संवाद, सहयोग और भागीदारी के माध्यम से पूरा किया जाए, जिससे संसद की गरिमा बढ़ेगी।”इस मुद्दे पर महिलाओं के बीच व्याप्त राष्ट्रव्यापी उत्साह की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश भर की महिलाएं विधानसभाओं और लोकसभा तक पहुंचने की अपनी आकांक्षाओं को व्यक्त कर रही हैं। उनके सपनों को नई उड़ान मिली है और देश में सकारात्मक माहौल का निर्माण हुआ है।
प्रधानमंत्री ने सभी महिलाओं से इस पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी बनाए रखने और अपने सांसदों से मिलकर अपने विचार और अपेक्षाएं साझा करने का आग्रह किया।प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर संविधान सभा तक महिलाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए स्वतंत्र भारत की नींव रखने में नारी शक्ति की असीम भूमिका पर प्रकाश डाला। महिलाओं ने राष्ट्र के लिए हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है और देश में राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री तक, महिलाएं इतने महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं। उन्होंंने कहा, “राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक, जहां भी महिलाएं रही हैं, उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।”श्री मोदी ने पंचायती राज संस्थाओं को महिला नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा, “राजनीति और सामाजिक जीवन में लाखों महिलाओं की यह सक्रिय भागीदारी विश्व के अग्रणी नेताओं और राजनीतिक विशेषज्ञों को भी आश्चर्यचकित करती है और भारत के गौरव को बढ़ाती है।
“प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि स्थानीय निकायों और संस्थानों में वर्षों से कार्यरत लाखों महिलाओं के पास व्यापक अनुभव है और वे बड़ी भूमिकाओं के लिए तैयार और उत्सुक हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का कार्यान्वयन इन सभी महिलाओं के जीवन में एक बड़ा अवसर साबित होगा। प्रधानमंत्री ने कहा, “पंचायत से संसद तक की यात्रा सुगम होने वाली है।”विकसित भारत की यात्रा में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि उनकी सरकार ने 2014 से महिलाओं के जीवन चक्र के हर चरण के लिए योजनाएं बनाई हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हर निर्णय और योजना में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है जिसके परिणामस्वरूप महिलाएं आर्थिक तौर पर ज्यादा मजबूत हुई हैं।
प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप क्रांति में महिलाओं के नेतृत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पंजीकृत स्टार्टअप में से 45 प्रतिशत से अधिक में कम से कम एक महिला निदेशक के रूप में कार्यरत है। उन्होंने कहा, “वर्षों पहले शुरू किए गए स्किल इंडिया मिशन के परिणाम अब हजारों ड्रोन दीदियों के माध्यम से दिखाई दे रहे हैं, जो प्रौद्योगिकी के माध्यम से आधुनिक खेती सिखाकर कृषि में क्रांति ला रही हैं।”श्री मोदी ने कहा कि महिला-केंद्रित विकास विजन ने पुरानी सोच को चुनौती दी है और महिलाएं आज उन सेक्टरों में भी ऊंचाइयों को छू रही हैं जिन्हें कभी पुरुषों का गढ़ माना जाता था। भारतीय बेटियां लड़ाकू पायलट बन रही हैं और आसमान को छू रही हैं। श्री मोदी ने कहा, “विश्व के किसी भी देश की तुलना में भारत में महिला पायलटों का प्रतिशत सबसे अधिक है।
“श्री मोदी ने देश की हर मां, बहन और बेटी को आश्वस्त किया कि राष्ट्र उनकी आकांक्षाओं को समझता है और उनके सपनों को साकार करने के लिए हर आवश्यक कदम उठा रहा है। देश की नारी शक्ति ने कड़ी मेहनत, साहस और आत्मविश्वास के बल पर नई ऊंचाइयों को छुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमें सामूहिक रूप से इस शक्ति को नई ऊर्जा प्रदान करनी चाहिए और उनके लिए अवसरों का विस्तार करना चाहिए।
“प्रधानमंत्री ने एक विशेष अपील के माध्यम से महिलाओं से आग्रह किया कि वे नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम की चर्चा को व्यक्तिगत मुलाकातों और सोशल मीडिया के माध्यम से देश के हर गांव तक पहुंचाएं। देश को इस महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में हर महिला को जागरूक करना होगा ताकि वे इसकी शक्ति को समझ सकें, अपनी भूमिका को जान सकें और आने वाले समय में राज्यों से लेकर देश की संसद तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का स्पष्ट रूप से सपना देख सकें।उन्होंने निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को उज्जवल भविष्य की गारंटी बताते हुए कहा, “आइए हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि नारी शक्ति को उनके अधिकार प्राप्त हों और वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में पूर्ण भागीदार बनें – यही हमारे उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।” (वार्ता)
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