Varanasi

अनूठी पहल :डॉक्टरों की टीम ने दी निःशुल्क जांच व परामर्श, युवाओं ने संभाली कमान

वाराणसी में शहीद दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित स्वास्थ्य मेले में 300 से अधिक मरीजों का निःशुल्क परीक्षण किया गया। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बोन डेंसिटी, ईएनटी और नेत्र जांच के साथ परामर्श दिया। सामाजिक संगठनों और युवाओं के सहयोग से आयोजित यह सेवा कार्यक्रम जनजागरूकता और मानवता का प्रेरणादायक उदाहरण बना, जिससे समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी।

  • रोटरी क्लब, बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल व मंदिर कमेटी की पहल- विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी सेवा, युवाओं ने निभाई अहम भूमिका

वाराणसी। शहीद दिवस की पूर्व संध्या पर काशी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सेवा, संवेदना और सामाजिक समर्पण की परंपरा आज भी जीवित है। समाजहित और मानवता के प्रति समर्पित संगठनों-रोटरी क्लब ब्लड डोनर, बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल एवं श्री संत गणिनाथ मंदिर कमेटी-के संयुक्त तत्वावधान में मुकिमगंज स्थित बाबा गणिनाथ जी मंदिर परिसर में आयोजित भव्य स्वास्थ्य मेला जनसेवा का प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।

यह आयोजन केवल एक सामान्य स्वास्थ्य शिविर नहीं था, बल्कि वह मानवीय करुणा, सामाजिक एकजुटता और जनकल्याण की सजीव अभिव्यक्ति था, जिसमें शहर के प्रतिष्ठित और अनुभवी चिकित्सकों ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं निःशुल्क प्रदान कर 300 से अधिक मरीजों के स्वास्थ्य परीक्षण किए। मंदिर परिसर में सुबह से ही नागरिकों की भीड़ उमड़ने लगी थी। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की बड़ी संख्या इस उम्मीद के साथ पहुंची कि उन्हें न केवल रोगों की जांच और उपचार संबंधी सलाह मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का अवसर भी प्राप्त होगा।

स्वास्थ्य मेले में विभिन्न जांच सेवाओं की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी। हड्डियों से संबंधित समस्याओं की समय रहते पहचान हो सके, इसके लिए 150 मरीजों की बोन मैरो डेंसिटी जांच की गई। वहीं 50 मरीजों का कान, नाक एवं गला रोग विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण किया गया। नेत्र रोगों की बढ़ती समस्या को देखते हुए 100 मरीजों की आंखों की जांच भी की गई। जांच के बाद चिकित्सकों ने मरीजों को आवश्यक परामर्श, दवा संबंधी सुझाव और जीवनशैली में सुधार के उपाय भी बताए। इस दौरान कई मरीजों ने पहली बार विशेषज्ञ चिकित्सकों से प्रत्यक्ष परामर्श प्राप्त किया, जिससे उनके चेहरे पर संतोष और विश्वास साफ दिखाई दे रहा था।

इस पुनीत आयोजन में विभिन्न अस्पतालों और संस्थानों से आए चिकित्सकों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सतकृति हॉस्पिटल से डॉ. अभिनीत जैन, डॉ. यश दुबे, डॉ. जान्हवी गुप्ता और डॉ. ललित यादव, अमृतसा हॉस्पिटल से डॉ. अंकित गुप्ता और डॉ. सुजल गुप्ता, आर जे शंकरा हॉस्पिटल से डॉ. अनुराधा सिंह, डॉ. राजा सिंह, डॉ. सुजीत निषाद और डॉ. मुस्कान संकित, तथा बीएचयू से डॉ. रोहित गुप्ता ने अपने व्यस्त समय में से अमूल्य समय निकालकर मरीजों की जांच की और उन्हें उचित सलाह दी। चिकित्सकों का यह समर्पण इस बात का प्रमाण था कि चिकित्सा केवल पेशा नहीं, बल्कि सेवा का महान माध्यम भी है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में रोटरी क्लब ब्लड डोनर के सदस्यों की सक्रिय भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। राजेश गुप्ता, अभिमन्यु वर्मा, विशाल गुप्ता और रूपेश गुप्ता ने आयोजन की रूपरेखा से लेकर व्यवस्थाओं के संचालन तक हर स्तर पर योगदान दिया। वहीं सिविल डिफेंस के संजय कुमार गुप्ता और संतोष कुमार विश्वकर्मा ने अनुशासन और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सजगता और तत्परता के कारण पूरे आयोजन में व्यवस्था बनी रही और मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।

इस स्वास्थ्य मेले की सबसे प्रेरक तस्वीर युवा सहभागिता के रूप में सामने आई। प्रहलाद घाट युवा कमेटी के सुरेंद्र गुप्ता (मुनमुन), विनय गुप्ता, नेहाल तिवारी, पीयूष पांडे, आशीष गुप्ता, जितेन्द्र जायसवाल, रवि कन्नौजिया, राहुल प्रजापति, विशाल उपाध्याय, राहुल गुप्ता, बालेंद्र गुप्ता, प्रवीण वर्मा और राकेश यादव सहित अनेक युवाओं ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दीं। किसी ने पंजीकरण में मदद की, किसी ने मरीजों को जांच कक्ष तक पहुंचाया, तो किसी ने भीड़ प्रबंधन में सहयोग किया। युवाओं की यह भागीदारी इस बात का संकेत थी कि समाज सेवा के संस्कार आने वाली पीढ़ी में भी मजबूत हैं।

इसके अतिरिक्त गणिनाथ मंदिर कमेटी के भोला नाथ, मनोज कुमार गुप्ता, शिव प्रसाद गुप्ता, इंदल साव, कैलाश नाथ, दिलीप गुप्ता (दादू), सुरेंद्र गुप्ता (मुनमुन), दीपक गुप्ता (वकील) और लोकेश शाह ने आयोजन की सफलता के लिए उल्लेखनीय परिश्रम किया। बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल के रंजीत गुप्ता, आलोक गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, विनय गुप्ता, विशाल गुप्ता, राजेश गुप्ता और शैलेन्द्र बाबू सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने भी तन-मन से सहयोग दिया। इन सभी की संयुक्त मेहनत ने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज के विभिन्न वर्ग एक मंच पर आते हैं, तो जनहित के बड़े लक्ष्य सहजता से पूरे किए जा सकते हैं।

स्वास्थ्य मेले में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। कई लोगों ने कहा कि उन्हें पहली बार अपने ही क्षेत्र में इतने व्यवस्थित और निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा मिली। मरीजों और परिजनों ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को राहत मिलती है, बल्कि समाज में भरोसा और अपनापन भी मजबूत होता है।

आयोजकों ने कहा कि समाज सेवा का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक राहत पहुंचाना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि जरूरतमंद लोगों तक समय-समय पर स्वास्थ्य, सहायता और जागरूकता की सेवाएं पहुंचाई जा सकें।

यह स्वास्थ्य मेला काशी की उस जीवंत सामाजिक चेतना का प्रतीक बनकर उभरा, जहां मंदिर केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि सेवा और सहयोग के भी शक्तिशाली मंच बनते जा रहे हैं। शहीद दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित यह जनकल्याणकारी पहल समाज को यह संदेश देने में सफल रही कि सच्ची श्रद्धांजलि केवल शब्दों से नहीं, बल्कि मानव सेवा के कार्यों से दी जाती है।

मानवता, समर्पण और सामाजिक एकता का यह अनूठा संगम लंबे समय तक लोगों के मन में प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। यह आयोजन निश्चय ही इस बात का प्रमाण है कि जब समाज मिलकर किसी नेक उद्देश्य के लिए आगे बढ़ता है, तो सेवा ही सबसे बड़ा उत्सव बन जाती है।

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