अब अंडरग्राउंड दौड़ेंगे इंटरनेट व डिश टीवी के केबल
वाराणसी में सड़कों और गलियों में फैले बिजली व इंटरनेट के तारों के जाल से शहर को जल्द राहत मिलेगी। नगर निगम की बैठक में टेलीकॉम कंपनियों ने ओवरहेड केबल हटाकर अंडरग्राउंड ऑप्टिकल फाइबर बिछाने पर सहमति दी। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पहले चरण में लहुराबीर, मैदागिन और गोदौलिया जैसे प्रमुख मार्गों पर यह व्यवस्था लागू की जाएगी।
- नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की बैठक में जियो, एयरटेल, वोडाफोन, बीएसएनएल समेत कंपनियों की सहमति; प्रमुख मार्गों पर पहले चरण में काम शुरू
वाराणसी। काशी की सड़कों और गलियों में फैले बिजली और इंटरनेट के बेतरतीब तारों के जाल से जल्द ही शहर को राहत मिलने वाली है। शहर की सुंदरता और व्यवस्थित स्वरूप को बनाए रखने के लिए नगर निगम ने इस दिशा में बड़ी पहल शुरू की है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित बैठक में प्रमुख टेलीकॉम और केबल कंपनियों ने शहर को तारों के मकड़जाल से मुक्त करने के प्रस्ताव को सहमति दे दी।
बैठक में रिलायंस जियो, एयरटेल, वोडाफोन, बीएसएनएल और जीटीपीएल सहित अन्य कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी कंपनियों ने माना कि शहर की सड़कों और संकरी गलियों में फैले बिजली और इंटरनेट के तारों का जाल न केवल अव्यवस्था पैदा करता है, बल्कि काशी आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के मन में भी शहर की नकारात्मक छवि बनाता है। इसलिए इस समस्या के समाधान के लिए समन्वित कार्रवाई जरूरी है।
नगर आयुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत जिन क्षेत्रों में पहले से ही अंडरग्राउंड ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) की व्यवस्था उपलब्ध है, वहां सभी कंपनियां अपने ओवरहेड तारों को हटाकर उन्हें जमीन के नीचे स्थापित करेंगी। इससे सड़कों और गलियों में दिखाई देने वाले तारों के जाल को समाप्त किया जा सकेगा और शहर का स्वरूप अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित दिखाई देगा।
इसके अतिरिक्त सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत बनाए गए यूटिलिटी डक्ट का भी उपयोग किया जाएगा। इन डक्ट में केबल बिछाने से बार-बार सड़क खोदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और विभिन्न एजेंसियों के केबल एक ही संरचना के भीतर व्यवस्थित रूप से लगाए जा सकेंगे। इससे भविष्य में रखरखाव और मरम्मत कार्य भी आसान हो जाएगा।
बैठक में एयरटेल की ओर से एक विशेष वायर कवरिंग बॉक्स का मॉडल भी प्रस्तुत किया गया। इस बॉक्स का उद्देश्य बिजली के खंभों पर लटकते तारों के गुच्छों को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से ढकना है। प्रथम चरण में इस व्यवस्था को लहुराबीर से मैदागिन, मैदागिन से गोदौलिया और कालभैरव मंदिर मार्ग जैसे प्रमुख मार्गों पर लागू किया जाएगा। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे पूरे शहर में लागू करने की योजना है।
नगर निगम ने उन क्षेत्रों के लिए भी विशेष व्यवस्था तैयार की है जहां संकरी गलियों में बिजली के खंभे नहीं हैं। मणिकर्णिका घाट और ठठेरी बाजार जैसी जगहों पर स्थानीय भवन स्वामियों के सहयोग से भवनों की दीवारों पर विशेष क्लैंप लगाए जाएंगे। इन क्लैंप की मदद से तारों को कसकर व्यवस्थित किया जाएगा, जिससे वे बेतरतीब ढंग से लटकते हुए दिखाई नहीं देंगे।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य काशी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप शहर को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और आकर्षक बनाना है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि इस अभियान में सहयोग करें, ताकि शहर को तारों के मकड़जाल से मुक्त कर स्वच्छ और सुन्दर काशी का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
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