गैस सिलेंडर कालाबाजारी : पीपीगंज की आशीष इंडेन गैस सर्विस का गोदाम सीज, नौसड़ एजेंसी पर एफआईआर
गोरखपुर में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और वितरण में अनियमितता की शिकायतों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कैम्पियरगंज तहसील के पीपीगंज स्थित आशीष इंडेन गैस सर्विस के गोदाम को जांच में अभिलेख न प्रस्तुत करने और गड़बड़ी मिलने पर सीज कर दिया गया। वहीं नौसड़ स्थित कन्हैया इंडेन गैस सर्विस के वाहन से 31 सिलेंडर पकड़े जाने के बाद एजेंसी पर भी एफआईआर की कार्रवाई शुरू हुई है। दोनों मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
गोरखपुर। जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और वितरण में अनियमितता की शिकायतों पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। कैम्पियरगंज तहसील क्षेत्र के पीपीगंज स्थित आशीष इंडेन गैस सर्विस के गोदाम को आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने जांच के बाद तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया, वहीं नौसड़ स्थित कन्हैया इंडेन गैस सर्विस के खिलाफ भी कालाबाजारी के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पीपीगंज की आशीष इंडेन गैस सर्विस का गोदाम सीज
तहसील कैम्पियरगंज के आपूर्ति निरीक्षक संजीत कुमार ने बताया कि उपभोक्ताओं और स्थानीय नागरिकों द्वारा गैस सिलेंडर के वितरण में अनियमितता और कालाबाजारी की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी गोरखपुर ने जांच के लिए आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
बुधवार को जिले से पहुंची टीम ने नगर पंचायत पीपीगंज के जंगल बिहुली स्थित आशीष इंडेन गैस सर्विस के गोदाम और एजेंसी की जांच की। जांच के दौरान टीम को कई अनियमितताएं और अव्यवस्था मिली। टीम द्वारा एजेंसी के प्रोपराइटर पवन वर्मा से गैस सिलेंडरों के वितरण से संबंधित अभिलेख और रजिस्टर मांगे गए, लेकिन वे समुचित अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके।
इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए गैस एजेंसी के गोदाम को सीज कर दिया गया तथा पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट जिलाधिकारी गोरखपुर को भेज दी गई है। आपूर्ति निरीक्षक के अनुसार आगे की कार्रवाई जिलाधिकारी के निर्देश के अनुसार की जाएगी।
525 सिलेंडरों के दुरुपयोग का आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि 10 मार्च 2026 को गीडा स्थित बॉटलिंग प्लांट से इस एजेंसी के लिए 525 घरेलू गैस सिलेंडर भेजे गए थे, जिन्हें ट्रक नंबर WB 29 C 1718 के माध्यम से पीपीगंज लाया गया था। आरोप है कि एजेंसी ने इन सिलेंडरों को उपभोक्ताओं में वितरित करने के बजाय उच्च कीमत पर बेचने की कोशिश की।
यह भी सूचना मिली कि ट्रक को वापस गोरखपुर ले जाकर सिलेंडरों की बिक्री की जा रही थी। 11 मार्च 2026 को गोदाम की जांच में स्टॉक और वितरण में गड़बड़ी पाई गई।
इस मामले में गैस एजेंसी के मालिक पवन वर्मा, परिवहन के केयरटेकर प्रदीप मूर्ति, ट्रक चालक अली मोहम्मद और एजेंसी के कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 तथा भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत थाना गीडा में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
नौसड़ की कन्हैया इंडेन गैस सर्विस भी जांच के घेरे में
इसी तरह 10 मार्च 2026 को नौसड़ चौराहे के पास रोडवेज के पीछे एक पिकअप वाहन (UP 53 GT 5254) पकड़ा गया, जिस पर 31 गैस सिलेंडर लदे हुए थे। जांच में पता चला कि यह वाहन कन्हैया इंडेन गैस सर्विस, नौसड़ से जुड़ा हुआ है और सिलेंडरों को घरेलू उपभोक्ताओं के बजाय ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा था।
जैसे ही जांच टीम मौके पर पहुंची, एजेंसी के कर्मचारी मौके से फरार हो गए। इसके बाद 11 मार्च को एजेंसी के गोदाम की जांच की गई, जिसमें स्टॉक और वितरण में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच के आधार पर एजेंसी संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 और आईपीसी की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन सख्त : प्रशासन का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और वितरण में गड़बड़ी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
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