
बरेका में दो बड़ी पहल: वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य शिविर, कर्मचारियों को मिला ‘सुरक्षा मंत्र’
वाराणसी स्थित बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें वजन, बीएमआई, रक्तचाप, रक्त शर्करा और बीएमडी जांच की गई। प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश कुमार के नेतृत्व में वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सलाह दी गई। वहीं 55वें राष्ट्रीय संरक्षा सप्ताह के अंतर्गत संरक्षा संगोष्ठी और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जिसमें महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य-संस्कृति अपनाने और दुर्घटना मुक्त कार्यस्थल बनाने का संदेश दिया।
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के केंद्रीय चिकित्सालय में मंगलवार को वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाप्रबंधक आशुतोष पंत के दिशा-निर्देशन एवं प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश कुमार के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई। कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय चिकित्सालय बरेका के सभागार कक्ष में किया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य का व्यापक परीक्षण किया। इस दौरान उनका वजन, बीएमआई (BMI), रक्तचाप और रक्त शर्करा की जांच की गई। इसके साथ ही हड्डियों की स्थिति का आकलन करने के लिए बीएमडी परीक्षण भी किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश कुमार ने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, गठिया और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा अधिक बढ़ जाता है। इन बीमारियों का प्रभाव केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इसलिए समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और शरीर के विभिन्न मापदंडों की निगरानी से बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है और उन्हें नियंत्रित भी किया जा सकता है। इससे वरिष्ठ नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार संभव है।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल चिकित्साधिकारी डॉ. एस. के. मौर्या ने उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर चिकित्सकीय जांच कराने पर विशेष जोर दिया। साथ ही जरूरतमंद मरीजों को आवश्यक उपचार भी उपलब्ध कराया गया।हड्डियों से संबंधित समस्याओं की जांच और उपचार के लिए अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित गुप्ता ने वरिष्ठ नागरिकों को हड्डियों की मजबूती के लिए नियमित शारीरिक श्रम, व्यायाम तथा पौष्टिक और कैल्शियम युक्त भोजन लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सक्रिय जीवनशैली अपनाकर हड्डियों की कमजोरी और गठिया जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. मिन्हाज अहमद, मुख्य नर्सिंग अधीक्षक श्रीमती कमला श्रीनिवासन, श्री पवन कुमार, सुश्री काजल विश्वकर्मा, सुश्री पूनम मौर्या, सुश्री दीपिका सिंह, श्री प्रिंस कुमार, श्री दुर्गेश नन्दन श्रीवास्तव और सुश्री रूपिंदर कौर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के आयोजन में पेंशनर एसोसिएशन के सदस्यों श्री अभ्येन्द्र कुमार सिन्हा, श्री नरेंद्र मिश्रा सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारियों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। उनके सहयोग से बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक इस कार्यक्रम का लाभ उठा सके।
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ नागरिकों ने बरेका प्रशासन और चिकित्सा विभाग द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उनका कहना था कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर न केवल बीमारियों की समय रहते पहचान में मदद करते हैं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य-संस्कृति का संदेश, नुक्कड़ नाटक व शपथ के माध्यम से बढ़ाई गई जागरूकता
बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में 55वें राष्ट्रीय संरक्षा सप्ताह के अवसर पर मंगलवार को प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र में एक प्रभावी संरक्षा संगोष्ठी एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के बीच कार्यस्थल पर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित और अनुशासित कार्य-संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत रहे। कार्यक्रम की शुरुआत उनके स्वागत से हुई, जहां उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर तथा बैज लगाकर सम्मानित किया गया। इसके बाद महाप्रबंधक द्वारा दीप प्रज्वलित कर संगोष्ठी एवं जागरूकता कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य संरक्षा अधिकारी राम जन्म चौबे ने परिचय संवाद के माध्यम से राष्ट्रीय संरक्षा सप्ताह की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और औद्योगिक संस्थानों में सुरक्षा संस्कृति के महत्व पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि औद्योगिक संस्थानों में संरक्षा केवल नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कार्यस्थल की उत्पादकता और कर्मचारियों की सुरक्षा से सीधा जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण पहलू है। कर्मचारियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम में एक नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया। इस नाटक के माध्यम से कार्यस्थल पर छोटी-छोटी लापरवाहियों से होने वाली दुर्घटनाओं और उनसे बचने के उपायों को प्रभावी और रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थित कर्मचारियों को सुरक्षा के महत्व का स्पष्ट संदेश मिला।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एस.के. श्रीवास्तव और प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेकशील ने अपने संरक्षा संदेश में कहा कि किसी भी उत्पादन इकाई की सफलता का आधार सुरक्षित कार्य वातावरण होता है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे संरक्षा मानकों, प्रक्रियाओं और निर्धारित सावधानियों का पूरी तरह पालन करें, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। इस अवसर पर अपने संबोधन में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि संरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं है, बल्कि यह हमारी कार्य-संस्कृति का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। जब प्रत्येक कर्मचारी स्वयं की और अपने सहकर्मियों की सुरक्षा के प्रति सजग रहेगा, तभी दुर्घटना-मुक्त कार्यस्थल का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि बरेका जैसी उच्च तकनीकी उत्पादन इकाई में हर कार्य अत्यंत सावधानी और जिम्मेदारी के साथ किया जाना आवश्यक है। छोटी-छोटी लापरवाहियां भी बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं, इसलिए सभी कर्मचारियों को सतर्कता, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए।महाप्रबंधक ने यह भी कहा कि संरक्षा और स्वच्छता एक-दूसरे के पूरक हैं। स्वच्छ और सुव्यवस्थित कार्यस्थल न केवल दुर्घटनाओं की संभावना को कम करता है, बल्कि कर्मचारियों की कार्यक्षमता और उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाता है। अपने संबोधन में उन्होंने कई व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से संरक्षा के महत्व को स्पष्ट किया।
कार्यक्रम के अंत में महाप्रबंधक द्वारा उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संरक्षा शपथ दिलाई गई तथा सभी से सुरक्षित कार्य वातावरण बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन संरक्षा अधिकारी अनुप सिंह वत्स द्वारा किया गया। इस अवसर पर बरेका के अनेक अधिकारी, कर्मचारी तथा प्रशिक्षणार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
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