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ODOP योजना से अलीगढ़ की नीलम सिंह की बड़ी सफलता, डिजिटल लॉक उद्योग से 10 करोड़ का कारोबार

उत्तर प्रदेश की ODOP योजना से प्रेरित होकर अलीगढ़ की महिला उद्यमी नीलम सिंह ने “ओव्लॉक्स इंडिया” नाम से डिजिटल लॉक यूनिट स्थापित की। बैंक ऋण और सरकारी सहयोग से शुरू हुआ यह स्टार्टअप आज 10 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर रहा है और 20 से अधिक लोगों को रोजगार दे रहा है। उनके स्मार्ट लॉक अब देश-विदेश तक पहुंच रहे हैं।

  • योगी सरकार की योजना से मिला 10 लाख का ऋण, ‘ओव्लॉक्स इंडिया’ यूनिट में 20 से अधिक लोगों को रोजगार और कई देशों तक पहुंच रहे स्मार्ट लॉक

लखनऊ/अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश सरकार की उद्योग प्रोत्साहन नीतियों और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना ने प्रदेश में उद्यमिता को नई गति दी है। इसी पहल से प्रेरित होकर अलीगढ़ की महिला उद्यमी नीलम सिंह ने कठिन परिस्थितियों को अवसर में बदलते हुए डिजिटल लॉक निर्माण की यूनिट स्थापित की, जो आज सफलता की नई मिसाल बन चुकी है।

ताला नगरी के नाम से प्रसिद्ध अलीगढ़ में नीलम सिंह ने वर्ष 2019 में “ओव्लॉक्स इंडिया” नाम से डिजिटल लॉक बनाने का स्टार्टअप शुरू किया। उस समय देश कोविड-19 महामारी के संकट से जूझ रहा था और आर्थिक गतिविधियां लगभग ठप थीं। रोजगार के अवसर सीमित हो रहे थे, लेकिन नीलम ने अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियर पति के साथ मिलकर ऐसा व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया, जिससे स्थानीय लोगों को उनके ही क्षेत्र में रोजगार मिल सके।

ओडीओपी योजना से मिला आर्थिक सहयोग

डिजिटल लॉक यूनिट स्थापित करना आसान नहीं था क्योंकि शुरुआती दौर में आर्थिक संसाधन सीमित थे। नीलम सिंह ने ओडीओपी योजना के तहत उद्योग विभाग से संपर्क किया, जिसके बाद उन्हें बैंक ऑफ बड़ौदा से लगभग 10 लाख रुपये का ऋण मिला। इस ऋण में करीब 2.5 लाख रुपये की सब्सिडी भी प्रदान की गई।

योगी सरकार की इस योजना से उन्हें अपने व्यवसाय को शुरू करने के लिए मजबूत आधार मिला। छोटे स्तर से शुरू हुआ यह उद्यम आज तेजी से विस्तार करते हुए 10 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार तक पहुंच चुका है।

कोविड काल में शुरू हुआ उद्यम, आज दे रहा रोजगार

शुरुआत में इस यूनिट में केवल 5–6 कर्मचारी काम करते थे, लेकिन धीरे-धीरे कारोबार बढ़ने के साथ कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ती गई। वर्तमान में यहां 20 से 25 लोग कार्यरत हैं।

इस यूनिट से जुड़े कर्मचारियों को उनके काम के अनुसार 15 हजार से 35 हजार रुपये तक मासिक आय प्राप्त हो रही है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और कई परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

आधुनिक तकनीक से बन रहे स्मार्ट लॉक

नीलम सिंह की यूनिट में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स को असेंबल कर आधुनिक डिजिटल लॉक तैयार किए जाते हैं। इन स्मार्ट लॉक को आरएफआईडी कार्ड, मोबाइल फोन और सामान्य चाबी के माध्यम से संचालित किया जा सकता है।

यह तकनीक इन्हें पारंपरिक तालों से अलग बनाती है और बाजार में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। अलीगढ़ का पारंपरिक ताला उद्योग अब आधुनिक तकनीक के साथ नई पहचान बना रहा है।

देश-विदेश में पहुंच रहे उत्पाद

“ओव्लॉक्स इंडिया” के डिजिटल लॉक केवल भारत में ही नहीं, बल्कि कई अन्य देशों में भी सप्लाई किए जा रहे हैं। इससे अलीगढ़ के ताला उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है।

नीलम सिंह का कहना है कि पहले अलीगढ़ में ज्यादातर हैंडमेड और की-बेस्ड लॉक बनाए जाते थे, जिनमें मजदूरों को काफी मेहनत करनी पड़ती थी और आय भी सीमित होती थी। डिजिटल लॉक उद्योग आने से कार्य प्रणाली में बदलाव आया है और कर्मचारियों को बेहतर आय के साथ नई तकनीक सीखने का अवसर भी मिला है।

महिला उद्यमिता की प्रेरक कहानी

नीलम सिंह की यह सफलता केवल एक व्यवसाय की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उस सोच का उदाहरण है जो कठिन परिस्थितियों में भी नए अवसर तलाशती है।

ओडीओपी योजना के माध्यम से पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। नीलम सिंह की पहल इस बात का प्रमाण है कि जब परंपरा और तकनीक का संगम होता है, तो स्थानीय उद्योग भी अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल कर सकते हैं।

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