वाराणसी नगर निगम की सख्ती, विशेश्वरगंज की 5 दुकानें सील
वाराणसी में नगर निगम वाराणसी ने राजस्व वसूली को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। गृहकर और जलकर के साथ दुकानों के बकाया किराए की वसूली तेज कर दी गई है। विशेश्वरगंज क्षेत्र में किराया न जमा करने पर पांच दुकानों को सील किया गया। इन दुकानों पर 35 लाख रुपये से अधिक का किराया बकाया है।
- 35 लाख से अधिक किराया बकाया, समय पर भुगतान न करने पर आवंटन निरस्तीकरण की चेतावनी
वाराणसी। राजस्व वसूली को लेकर नगर निगम वाराणसी ने सख्त रुख अपनाते हुए बकायेदार दुकानदारों पर कार्रवाई तेज कर दी है। गृहकर और जलकर के साथ-साथ निगम अब दुकानों के बकाया किराए की वसूली पर भी विशेष जोर दे रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को विशेश्वरगंज क्षेत्र में किराया न जमा करने वाले पांच दुकानों को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे मार्केट परिसर में हड़कंप मच गया।
निगम अधिकारियों के अनुसार, बीते दिनों करीब 600 दुकानदारों को बकाया किराया जमा करने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद कुछ दुकानदारों द्वारा लगातार हीलाहवाली किए जाने पर निगम ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया। तय समयसीमा में भुगतान न होने पर न केवल सीलिंग, बल्कि आवंटन निरस्त करने की चेतावनी भी दी गई है।
इस संबंध में सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने बताया कि संबंधित दुकानदारों को कई बार लिखित नोटिस देकर किराया जमा करने का अवसर दिया गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। “बार-बार चेतावनी के बाद भी जब किराया जमा नहीं हुआ, तो मजबूरी में सख्ती करनी पड़ी,” उन्होंने कहा।
उन्होंने आगे बताया कि नायब तहसीलदार शेषनाथ यादव के नेतृत्व में गठित टीम ने सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया। जिन दुकानों पर कार्रवाई हुई, उनमें दुकान नंबर 4 और 5, दुकान नंबर 22 और 23, तथा दुकान नंबर 113 (अ) शामिल हैं। इन सभी दुकानों पर कुल मिलाकर 35 लाख रुपये से अधिक का किराया बकाया बताया गया है।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर किराया जमा न करने वाले अन्य दुकानदारों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। निगम का कहना है कि बकाया वसूली से प्राप्त राजस्व का उपयोग शहर की बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों में किया जाएगा।
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