तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन की आहट? पीएम मोदी की रैली में द्रमुक पर राजग का बड़ा हमला
चेन्नई के निकट आयोजित विशाल जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में राजग के सहयोगी दलों ने द्रमुक सरकार पर वंशवादी और भ्रष्ट शासन के गंभीर आरोप लगाए। अन्नाद्रमुक, भाजपा, पीएमके और एएमएमके नेताओं ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में द्रमुक को सत्ता से बेदखल किया जाएगा। राजग नेताओं ने तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन का भरोसा जताते हुए भारी बहुमत से जीत का दावा किया।
चेन्नई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुक्रवार को चेन्नई के निकट आयोजित एक विशाल जनसभा में राजग के सहयोगी दलों अन्नाद्रमुक, भाजपा, पीएमके और एएमएमके ने सत्तारूढ़ द्रमुक सरकार पर वंशवादी और भ्रष्ट शासन का आरोप लगाते हुए जोरदार हमला किया। अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले राजग के नेताओं ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में द्रमुक को सत्ता से बेदखल किया जाएगा और राजग भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगा।भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने प्रधानमंत्री मोदी और राजग के अन्य नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि यह केवल एक जनसभा नहीं, बल्कि उन ताकतों को समाप्त करने का सम्मेलन है जो तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ियों पर दीपम जलाने का विरोध कर रही हैं और सनातन धर्म के खिलाफ बोल रही हैं। तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी भगवान मुरुगन के छह पवित्र धामों में से एक है।
प्रधानमंत्री मोदी को ‘नर्मदा की मिट्टी का पुत्र’ बताते हुए श्री नागेंद्रन ने कहा कि वे तमिलनाडु को द्रमुक से मुक्त कराने आए हैं और आगामी विधानसभा चुनावों में द्रमुक का पतन तय है। उन्होंने कहा कि एनडीए की जीत के साथ राज्य में सत्ता परिवर्तन निश्चित है।मौसम का उल्लेख करते हुए उन्होंने द्रमुक के चुनाव चिह्न ‘उगते सूर्य’ पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आगमन के साथ ही “सूर्य अस्त हो गया” (सूरियन मरैन्थुविट्टधु), जो डीएमके की आगामी हार का संकेत है।उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा तमिलनाडु को दी गई उपलब्धियों का भी उल्लेख किया, जिनमें 11 मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और राज्य के विकास से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं।सभा को संबोधित करते हुए अन्नाद्रमुक के महासचिव और एनडीए के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने द्रमुक पर तीखा हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के तमिलनाडु की धरती पर कदम रखते ही “सूर्य अस्त हो गया”।
उन्होंने कहा कि आज पूरा देश मदुरांतकम की ओर देख रहा है और पिछले चार वर्षों में तमिलनाडु ने द्रमुक शासन के दौरान केवल भ्रष्टाचार ही देखा है।श्री पलानीस्वामी ने कहा कि कोविड-19 संकट के दौरान कई विकसित देश भी अपने नागरिकों को नहीं बचा सके, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देश को संकट से उबारा। इसके विपरीत, द्रमुक सरकार केवल केंद्र सरकार की आलोचना करती रही और राज्य के विकास के लिए सहयोग नहीं किया।उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक के शासनकाल में केंद्र से धन प्राप्त कर तमिलनाडु का विकास हुआ।उन्होंने दावा किया कि यह चुनाव द्रमुक के वंशवादी, भ्रष्ट और जनविरोधी शासन को समाप्त करने के लिए है और राजग 234 में से 210 से अधिक सीटें जीतकर भारी बहुमत से सत्ता में आएगा।
द्रमुक पर वंशवाद का आरोप लगाते हुए श्री पलानीस्वामी ने कहा कि पार्टी की “पहली परिवार” ही राज्य पर शासन कर रही है। दिवंगत द्रमुक नेता एम. करुणानिधि के बाद उनके पुत्र एम.के. स्टालिन मुख्यमंत्री बने और अब अपने बेटे उदयनिधि स्टालिन को अगला मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि श्री उदयनिधि को पहले विधायक बनाया गया, फिर उपमुख्यमंत्री पद दिया गया और अब मुख्यमंत्री बनाए जाने की तैयारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या द्रमुक में इन पदों के लिए कोई और योग्य व्यक्ति नहीं है।श्री पलानीस्वामी ने कहा कि यह द्रमुक का आखिरी चुनाव होगा और पार्टी को सत्ता से बाहर किया जाएगा। “हम चुनाव जीतेंगे, राज्य को बचाएंगे और लोगों को द्रमुक के चंगुल से मुक्त कराएंगे… बाय-बाय स्टालिन,” कहते हुए उन्होंने अपना भाषण समाप्त किया।
पीएमके नेता अंबुमणि रामदास और एएमएमके संस्थापक टीटीवी दिनाकरन जो कुछ महीने पहले गठबंधन से अलग होकर अब फिर राजग में लौटे हैं, ने भी द्रमुक सरकार पर तीखा हमला बोला और इस चुनाव में उसके पतन की भविष्यवाणी की।इससे पहले कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, एनडीए का नेतृत्व कर रहे अन्नाद्रमुक महासचिव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ मंच पर हल्के-फुल्के क्षण साझा करते नजर आए। प्रधानमंत्री ने पीएमके नेता अंबुमणि रामदास और एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनाकरन सहित सभी सहयोगी दलों के नेताओं से संवाद भी किया। (वार्ता)
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