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एमएसएमई से लेकर निवेश और रोजगार तक बदली यूपी की तस्वीरः मुख्यमंत्री

लखनऊ में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान अनुपूरक बजट पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को नई मजबूती मिली है। काला नमक चावल जैसे परंपरागत उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और एक्सपोर्ट से निवेश, निर्यात और रोजगार में वृद्धि हुई है। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयों से करोड़ों परिवारों की आजीविका चल रही है, जबकि 5 लाख करोड़ की परियोजनाएं जल्द धरातल पर उतरेंगी।

  • अनुपूरक बजट चर्चा में सीएम योगी बोले- परंपरागत उत्पादों को ब्रांडिंग-पैकेजिंग से मिला नया बाजार, काला नमक बना उदाहरण

लखनऊ । विधान सभा के शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों के साथ-साथ परंपरागत उद्यमों को सशक्त कर एमएसएमई सेक्टर को नई मजबूती दी गई है, जिसका असर आज निवेश, निर्यात और रोजगार के रूप में साफ दिखाई दे रहा है। पहले किसी सरकार ने इन उत्पादों पर ध्यान नहीं दिया, जबकि मौजूदा सरकार ने इनकी ब्रांडिंग, पैकेजिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब के प्रति सरकार की संवेदना अडिग है। 25 करोड़ की आबादी के कल्याण और सुरक्षा के लिए सरकार बिना किसी भेदभाव के मजबूती से खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी।

काला नमक चावल की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि काला नमक चावल पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। हमारी सरकार ने इसकी ब्रांडिंग, पैकेजिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शाही जी जहां भी जाते हैं, वहां के श्रेष्ठ स्थानीय खाद्य उत्पादों की जानकारी लेते हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए वाराणसी का किस्सा भी सुनाया और कहा कि शाही जी स्वयं परंपरागत उत्पादों के प्रति सजग हैं और काला नमक को विशेष ब्रांड के रूप में स्थापित करने में उनकी भूमिका सराहनीय रही है। वहीं, पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि उस समय इच्छाशक्ति की कमी के कारण ऐसे उत्पाद उपेक्षित रहे।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के हर जनपद में एक-एक विशिष्ट उत्पाद था, लेकिन तकनीक, डिजाइन, मार्केट डिमांड और पैकेजिंग की जानकारी के अभाव में वे धीरे-धीरे बंद होते जा रहे थे। सरकार ने इन्हें सुविधाएं दीं और आज उत्तर प्रदेश के पास देश का सबसे बड़ा एमएसएमई नेटवर्क है। प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई इकाइयां हैं, जिनसे पौने दो करोड़ परिवारों की आजीविका चल रही है। एमएसएमई के जरिए यूपी दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा है।

5 लाख करोड़ की जीबीसी होगी जल्द

निवेश के मोर्चे पर भी उत्तर प्रदेश ने लंबी छलांग लगाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक जमीनी स्तर पर उतर चुके हैं। वहीं, 7 लाख से अधिक युवाओं को सीधे रोजगार मिला है। 5 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है। अब प्रदेश का युवा रोजगार के लिए भटकने को मजबूर नहीं है। ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण अब लखनऊ में हो रहा है, जो डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर की बड़ी उपलब्धि है। इसमें काम करने वाले सभी युवा उत्तर प्रदेश के हैं। आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग पास युवाओं को यहीं रोजगार मिला है।

कभी चेहरा देखकर योजनाओं का लाभ नहीं दिया

वेलफेयर योजनाओं पर मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार ने कभी चेहरा देखकर योजनाओं का लाभ नहीं दिया। आवास, राशन, उज्ज्वला गैस, आयुष्मान कार्ड और मुख्यमंत्री राहत कोष हर योजना बिना भेदभाव लागू की गई है। सूची में उन गरीबों को भी जोड़ा गया, जिन्हें पहले वंचित रखा गया था। सीएम योगी ने कहा कि 403 विधानसभा क्षेत्रों में कोई भी क्षेत्र विकास से वंचित नहीं रहेगा। पीडब्ल्यूडी समेत हर विभाग की नियमित समीक्षा होती है, जिलों में सांसद और प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में बैठकें होती हैं और योजनाओं की प्रगति की रिपोर्ट शासन तक पहुंचती है। मुख्यमंत्री राहत कोष में किए गए नए प्रावधान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिनके पास आयुष्मान कार्ड है, वे पहले उसका उपयोग करें, आवश्यकता होने पर जिला अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर राहत कोष से सहायता दी जाएगी। कुछ अस्पतालों में गलत बिलिंग की शिकायतों पर कार्रवाई भी की गई है।

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