
कोडीन कफ सिरप मामला: माफिया पर योगी सरकार का बड़ा प्रहार, विपक्ष पर भी तीखा हमला
कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला करते हुए कहा कि माफिया और सपा एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे कानून के तहत कठोर सजा दी जाएगी। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अब तक 33 जिलों में 140 से अधिक फर्मों पर कार्रवाई करते हुए 75 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 12.65 लाख से अधिक कफ सिरप की बोतलें जब्त की गई हैं। वहीं, कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने विपक्ष से राजनीति छोड़कर जांच में सहयोग की अपील की। सरकार ने दोहराया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नशा मुक्त उत्तर प्रदेश के लक्ष्य पर कोई समझौता नहीं होगा।
- उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मंत्री सुरेश खन्ना और संजय निषाद ने सपा पर साधा निशाना, 75 गिरफ्तारी, 12.65 लाख बोतलें जब्त
लखनऊ । उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के खिलाफ करारा प्रहार किया। शनिवार को उन्होंने कहा कि माफिया और समाजवादी पार्टी एक-दूसरे के बिना रह ही नहीं सकते हैं। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अनुसार, कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह कोई भी हो, उसे उल्टा लटकाकर सीधा किया जाएगा और उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मौर्य के अनुसार इस मामले में पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय की जांच चल रही है। जो भी इस अपराध का हिस्सा होगा, उसे अखिलेश यादव एंड कंपनी नहीं बचा पाएगी।
एक-एक दोषी को खोज निकाला जाएगा
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अनुसार, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव चोरी और सीनाजोरी के रास्ते पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि मामले का जो भी दोषी है, चाहे वे हों जिनका नाम अखिलेश यादव ले रहे हैं या फिर जिनका नाम जांच में सामने आ रहा है, एक-एक दोषी को खोज निकाला जाएगा। उन सभी को पकड़कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समाज के साथ द्रोह है अपराध
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस प्रकार का अपराध समाज के साथ द्रोह है। ऐसे समाज-द्रोहियों, सिरप के नाम पर जहर पिलाने वालों को बख्शा नहीं जा सकता है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर अखिलेश यादव पर प्रहार
मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर अखिलेश यादव पर प्रहार करते हुए मौर्य ने कहा कि बिहार चुनाव में उन्होंने सोचा था कि उनके रिश्तेदार तेजस्वी यादव जीत जाएंगे और मुख्यमंत्री बन जाएंगे, फिर उनका भी नंबर लग जाएगा। जब से बिहार का चुनाव हारकर आए हैं, तब से उनका मानसिक संतुलन गड़बड़ाया हुआ है। मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर यदि अखिलेश यादव के पुराने ट्वीट उठा लिए जाएं तो वे हर दिन किसी न किसी नए शब्द का प्रयोग करते हैं।
मतदाता सूची के शुद्धिकरण का काम है बहुत जरूरी
उप मुख्यमंत्री के अनुसार, मतदाता सूची के शुद्धिकरण का काम बहुत आवश्यक था। चुनाव आयोग को हम इसके लिए आभार प्रकट करते हैं कि एक बहुत बड़ा काम हो रहा है। यह प्रक्रिया पहले भी नियमित अंतराल पर होती रही है। उन्होंने कहा कि इस समय जो कार्य हो रहा है, वह आने वाले समय के लिए, मतदाताओं की सत्यता के लिए और विदेशी घुसपैठियों से मुक्त मतदाता सूची के लिए बहुत आवश्यक है। जो स्वर्गीय हो चुके हैं, जिनका नाम एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत है उनके नामों को हटाने और 18 वर्ष से अधिक आयु के नए मतदाताओं का नाम सूची में जोड़ने के लिए यह अभियान चल रहा है। मौर्य ने कहा कि फॉर्म-6 को लेकर भाजपा का कार्यकर्ता बूथ स्तर पर मेहनत कर रहा है। समाजवादी पार्टी के पास कार्यकर्ता नहीं हैं, इनके पास तो गुंडे, माफिया और अपराधी हैं। इनकी यही दशा होगी। कार्यकर्ताओं के कारण ही हमारा बूथ सबसे मजबूत है।
आरक्षण के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं होगा। ओबीसी, एससी, एसटी और सामान्य वर्ग के गरीबों का जितना भी आरक्षण है, वह निश्चित तौर पर उन्हें दिया जाएगा। लेखपाल भर्ती को लेकर उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और यदि कोई भी अधिकारी गड़बड़ी करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिख दिया है। साथ ही, मुख्य सचिव को भी लिखा गया है कि तत्काल गलतियों को सुधारकर कार्रवाई की जाए।
गोलमोल जवाब न देकर कोडिन माफिया के साथ फोटो की हकीकत बताएं सपा अध्यक्षः सुरेश खन्ना
शाहजहांपुर : प्रदेश के वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कोडिनयुक्त कफ सिरप मामले में शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए कार्रवाई का जिक्र किया। खन्ना ने साफ तौर पर कहा कि योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत बड़े-बड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे। इस दौरान सुरेश खन्ना ने समाजवादी पार्टी को भी घेरा। उन्होंने कहा कि कोडिन माफिया के साथ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का फोटो आया है, इसलिए गोलमोल जवाब देने की बजाय वे कोडिन माफिया के साथ फोटो की हकीकत बताएं। पूरा देश इस फोटो के पीछे की बात जानना चाहता है।
पकड़े गए लोगों का समाजवादी पार्टी से संबंध
खन्ना ने कहा कि कफ सिरप से देश में हुई बच्चों की मौत पर भी सपा ने कुछ नहीं बोला। बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ की तस्करी हुई और इससे मौतें हुईं, लेकिन इस पर कुछ नहीं बोला गया। पकड़े गए लोगों का किसी न किसी रूप में समाजवादी पार्टी के लोगों से संबंध है। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि इससे उत्तर प्रदेश में एक भी मौत नहीं हुई है। बावजूद इसके योगी सरकार ने इस मामले में तत्परता से कार्रवाई की।
नशा मुक्त उत्तर प्रदेश ही हमारी सरकार का उद्देश्य
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य है कि जिस प्रकार नशा मुक्त भारत हो, उसी प्रकार नशा मुक्त उत्तर प्रदेश भी हो। इसी के तहत व्यापक पैमाने पर कार्रवाई की गई है। कोडिन युक्त सिरप गंभीर खांसी के मरीजों के इलाज के लिए है। यह उन मरीजों को दिया जाता है, जिसे डॉक्टर लिखते हैं। मेडिकल स्टोर के लिए अनिवार्य है कि उन्होंने किसे कितनी दवाई दी, इसका रजिस्टर मेंटेन करें। खन्ना ने कहा कि इसकी स्मलिंग बड़े पैमाने पर की गई। नशे के रूप में इस्तेमाल करने के लिए उसे नेपाल व बांग्लादेश भेजा गया।
अब तक 75 लोगों की गिरफ्तारी हुई
खन्ना ने बताया कि इस अपराध के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। एफएसडीए व पुलिस विभाग के सहयोग से एसआईटी बनाई गई। इसमें पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) एलआर कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनी है। एसआईटी बड़े पैमाने पर जांच कर रही है। फिलहाल 33 जनपदों में 140 फर्मों के खिलाफ बीएनएस व एनडीपीएस के तहत एफआईआर दर्ज गई है। जो चीज गंभीर खांसी के मरीजों के लिए थी, वो उन लोगों को न मिली। नशे के उद्देश्य से इसकी स्मगलिंग की गई।
इसका संज्ञान लेकर जांच कराई गई तो पता चला कि काफी लोग इसमें संलिप्त हैं, उन सबके खिलाफ कार्रवाई की गई है। अब तक 75 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। 9.42 करोड़ रुपये का कफ सिरप सीज किया गया है। 12,65,455 कोडिन युक्त सिरप की बोतलें बरामद हुईं। खन्ना ने आश्वस्त किया कि जैसे-जैसे एसआईटी की जांच बढ़ेगी, इसमें जितने लोग भी शामिल पाए जाएंगे, उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में संजय निषाद ने सपा प्रमुख, अखिलेश यादव पर किया वार
लखनऊ। कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में बोलते हुए उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य पालन विभाग के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद विपक्ष की भूमिका पर चिंता व्यक्त की और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मामले पर राजनीति न करके स्पष्टीकरण देने को कहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश में किसी भी तरह के मादक पदार्थ और दवाओं के अवैध कारोबार और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति के तहत कार्य कर रही हैं। लेकिन इस मामले में विपक्ष की भूमिका अत्यंत चिंताजनक है। एक ओर तो वो इस गंभीर मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, बल्कि जाति की राजनीति की आड़ में सच्चाई से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
कोडीन कफ सिंडीकेट से जुड़े लोगों के साथ समाजवादी पार्टी अध्यक्ष, अखिलेश यादव की तस्वीर का सामने आना, सामान्य बात नहीं है। इस मामले में उनकी चुप्पी समझ से परे हैं, उन्हें मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए। तमिलनाडू में बनी कोडीन कफ सिरप से बच्चों की जो मृत्यु हो रही है, इसके बारे में भी उनकी चुप्पी, उनकी भूमिका पर सवालिया निशान लगाती है। उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ये विषय राजनीति का नहीं है, बल्कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के मामला है, इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्हें जांच में सहयोग करना चाहिए, न कि राजनीति। हमारी सरकार का रुख पूरी तरह से स्पष्ट है कि माफिया चाहें कोई भी हो, उनका राजनीतिक संरक्षण कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून से कोई बचेगा नहीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हमारी सरकार नशा मुक्त भारत, नशा मुक्त उत्तर प्रदेश के उद्देश्य से प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों, संगठित ड्रग माफियाओं के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति अपना रही है। जिसके तहत मुख्यमंत्री जी के दिशा निर्देशों के आधार पर प्रदेश पुलिस, एफएसडीए के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत कोडीन कफ सिरप तथा मादक पदार्थों के अवैध भंडारण, डायवर्जन, वितरण और क्रय विक्रय के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिसके तहत अब तक इस मामले में मेरी जानकारी में प्रदेश के 33 जनपदों में मामले दर्ज किया जा चुके हैं, साक्ष्यों के आधार पर 75 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
अब तक 12,65,455 से अधिक प्रतिबंधित कफ सिरप के बोतले जब्त की जा चुकी हैं, 132 फर्मों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई है। 15 मुख्य षड्यंत्रकारियों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की जा चुकी है, 12 प्रमुख अभियुक्तों के विरुद्ध लुकआउट सर्कुलर जारी किए गए हैं तथा अन्य के विरुद्ध भी यह प्रक्रिया चल रही है। योगी सरकार में कानून पहले की तरह कागजों पर नहीं, जमीन पर अमल में लाया जा रहा है। एनडीपीसीए एक्ट के तहत पूरी सप्लाई चेन की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को जेल भी पहुंचाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश को नशे की मंडी बनाने का सपना देखने वालों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। ये हमारी सरकार का जनता के साथ वादा है और हमारी सरकार जनता के वादे के साथ खड़ी है।
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