
सीएम योगी के निर्देश के बाद हरकत में आए राहत कार्यों से जुड़े विभिन्न विभाग के अधिकारी
योगी सरकार ने बाढ़ की आफत से 1,16,403 लोगों को दिलायी राहत, हर चुनौती से निपटने को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी तैनात.अब तक 9,467 खाद्यान्न पैकेट और 1,18,769 लंच पैकेट किये गये वितरित, 39 लंगर से पीड़ितों को परोसा जा रहा ताजा भोजन.एनडीआरएफ की 14 टीमें, एसडीआरएफ की 15 टीमें और पीएसी की 48 टीमें तैनात .
- बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिलाधिकारी पल-पल की ले रहे अपडेट, 4 हजार से अधिक मवेशियों को किया गया शिफ्ट
- कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना व अनिल राजभर ने वाराणसी में मुख्यमंत्री बाढ़ राहत किट का किया वितरण
- नंदगोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने प्रयागराज के करछना तहसील के कटका डेरा गांव का किया निरीक्षण
- स्वतंत्र देव सिंह व संजय गंगवार ने जालौन में बाढ़ पीड़ितों को परोसा भोजन
- दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ बलिया व रामकेश निषाद ने बांदा में बांटी राहत सामग्री
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में तेजी लाने, पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश के बाद अतिसंवेदनशील और संवेदनशील जिलों के अधिकारी हरकत में आ गये हैं। सीएम योगी के निर्देश के बाद अधिकारी अपने जिलों में बाढ़ की स्थितियों पर लगातार नजर बनाए रखे हैं। इसके साथ ही राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें भी मुस्तैदी से लोगों को राहत देने में लगी हुई हैं। बाढ़ के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रदेश के 57 जिलों में एनडीआरएफ की 14, एसडीआरएफ की 15 और पीएसी की 48 टीमों को तैनात किया गया है।
एक लाख से ज्यादा बाढ़ से प्रभावित लाेगों को दी गयी राहत
राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 17 जिलों की 40 तहसीलें और 694 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन इलाकों में बाढ़ से 1,16,403 लोग प्रभावित हैं। इन सभी को राहत प्रदान की गयी है। वहीं बाढ़ की वजह से 4,682 मवेशियों को सुरक्षा स्थान पर शिफ्ट किया गया है। बाढ़ की चपेट में आने से अब तक 373 लोगाें के मकानों को क्षति पहुंची है, जिनमें से 356 लोगों को सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। वहीं प्रदेश में 11,386 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल बाढ़ की चपेट में आया है। इन प्रभावित क्षेत्रों में 738 नावों और मोटरबोट्स की सहायता से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा 4,867 नावों को प्रीपोजीशंड किया गया है। इन इलाकों में अब तक 9,467 खाद्यान्न पैकेट और 1,18,769 लंच पैकेट वितरित किये जा चुके हैं। वर्तमान में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 39 लंगर के जरिये पीड़ितों को भोजन की सुविधा दी जा रही है।
25 हजार से अधिक लोगों सुरक्षित स्थान पर किया गया शिफ्ट
योगी सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में पीड़ितों के साथ मवेशियों की सुरक्षा और उनके खाने-पीने का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। अब तक मवेशियों के लिए 2,234 कुंटल भूसा वितरित जा चुका है। इसके अलावा 1,57,168 क्लोरीन टेबलेट और 1,21,476 ओआरएस पैकेट भी वितरित किए जा चुके हैं ताकि जलजनित बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सके। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुल 924 बाढ़ शरणालय सक्रिय हैं, जहां 18,772 लोग अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं। वहीं अब तक इन सभी का 778 मेडिकल टीमों द्वारा मेडिकल चेकअप किया जा रहा है। इसके साथ ही 1,193 बाढ़ चौकियों की स्थापना की गई है, जो प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर निगरानी रख रही हैं। अब तक 25,586 लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है।
यह जनपद बाढ़ से हैं प्रभावित
वर्तमान में प्रदेश के 17 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाज़ीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, कानपुर देहात, हमीरपुर, इटावा और फतेहपुर शामिल हैं। इन सभी जिलों में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। वहीं एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी के जवानों द्वारा पेट्रोलिंग की जा रही है।
पीड़ितों की मदद योगी सरकार की प्राथमिकता, प्रभावित क्षेत्रों में मुस्तैद है योगी की टीम-11
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश सरकार के मंत्री बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए ग्राउंड जीरो पर उतरे हैं। मंत्रियों ने सोमवार को भी बाढ़ प्रभावित जनपदों का भ्रमण किया। मंत्रियों ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों का भी जायजा लिया, फिर पीड़ितों से संवाद स्थापित किया। बाढ़ पीड़ितों और जरूरतमंदों तक अविलंब सहायता पहुंचाना, राहत सामग्री का निरंतर वितरण करना योगी सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रतिनिधि, प्रशासन और संसाधन जनता के हर सुख-दुख में है। सरकार हर परिस्थिति में बाढ़ पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए तत्पर है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना व अनिल राजभर ने वाराणसी में बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का किया दौरा
योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना व श्रम-सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने सोमवार को वाराणसी के बाढ़ग्रस्त एरिया का निरीक्षण किया। खन्ना ने प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण भी किया। प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने नमो घाट से नक्की घाट तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए राहत शिविरों में पहुँचकर पीड़ितों से संवाद किया। उन्होंने शिविरों में साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, भोजन, चिकित्सा सुविधा और बिजली आपूर्ति जैसी बुनियादी जरूरतों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। खन्ना ने श्रीराम पीजी कॉलेज और दीप्ति कॉन्वेंट स्कूल हुकुलगंज में भी राहत शिविरों का दौरा कर राहत सामग्री वितरित की। खन्ना ने बच्चों को चॉकलेट भी दी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चिकित्सा टीमें पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें, जलजनित रोगों की रोकथाम हेतु समुचित प्रयास हों।
कैबिनेट मंत्री ने किया प्रयागराज के करछना तहसील के कटका डेरा गांव का निरीक्षण
कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने सोमवार को प्रयागराज के करछना तहसील के कटका डेरा गांव का निरीक्षण किया। बाढ़ की स्थिति का अवलोकन करने के साथ ही उन्होंने बाढ़ प्रभावितों का कुशलक्षेम जाना। अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ ग्रस्त इलाकों में सूखा राशन एवं मवेशियों के लिए चारा की व्यवस्था कराई जाए। बाढ़ चौकी के माध्यम से जलस्तर की सतत निगरानी एवं ग्राम प्रधानों से समन्वय स्थापित कर आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत शिविर में पहुंचाने की तैयारी के निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री ने मीरजापुर में भी राहत कार्यों का जायजा लिया और जिलाधिकारी, सीडीओ व एसपी के साथ स्थिति की जानकारी ली।
स्वतंत्र देव सिंह व संजय गंगवार ने जालौन में बाढ़ पीड़ितों को परोसा भोजन
योगी सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह व राज्यमंत्री संजय गंगवार ने कालपी, जालौन के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री वितरित की। मंत्रियों ने यहां बाढ़ पीड़ितों को भोजन भी परोसा। संजय गंगवार ने माधौगढ़ का भी निरीक्षण किया। मंत्रियों ने राहत सामग्री वितरण के साथ बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना। राज्यमंत्री ने अधिकारियों को त्वरित सहायता सुनिश्चित कराने का भी निर्देश दिया।
बलिया में प्रभारी मंत्री ने किया बाढ़ व कटान क्षेत्रों का निरीक्षण
बलिया के प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने बाढ़ व कटान प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने एनडीआरएफ की नाव से बाढ़ प्रभावित गोपालपुर, उदयीछपरा, दूबेछपरा बस्ती मे जाकर नुकसान व आमजन की परेशानियों का जायजा लिया। उन्होंने एनएच-31 के डेंजर प्वाइंट्स का भी निरीक्षण किया। मंत्री ने दूबेछपरा में हनुमान मंदिर से संचालित होने वाले बाढ़ राहत केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रशासनिक व बाढ़ विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देने के साथ ही प्रभावित लोगों को विश्वास दिलाया कि पीड़ितों को समय से सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। यहां नाव से लगायत अन्य कोई भी समस्या नहीं आने दी जायेगी। जिला प्रशासन ने सारी व्यवस्था कर ली है। एनडीआरएफ ने भी मोर्चा संभाल लिया है।
राज्यमंत्री ने ली बांदा की जानकारी
जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने बाढ़ से प्रभावित ग्राम पंचायत चिल्ला, तारा (बांदा) का भ्रमण कर वहां की स्थितियों का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और आवश्यक्ताओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल राहत मुहैया कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री स्वयं रख रहे प्रभावित जनपदों पर नजर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं हर प्रभावित जिले की स्थिति पर नजर रखे हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि राहत कार्यों में पारदर्शिता और मानवीय संवेदना को प्राथमिकता दी जाए। राज्य सरकार “हर पीड़ित तक सरकार” की भावना को ज़मीन पर उतारने के लिए संकल्पबद्ध है। जब तक हर पीड़ित तक सहायता नहीं पहुंचती, राहत व पुनर्वास का अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पीएसी की टीमें सक्रिय हैं। स्थानीय प्रशासन फील्ड में रहकर राहत कार्यों की निगरानी और समन्वय सुनिश्चित कर रहा है।
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