योगी सरकार के संकल्प का साक्षात् रूप बना ‘स्कूल चलो अभियान’, उत्सव की तरह आरम्भ हुआ नया शैक्षणिक सत्र
राज्यभर के विद्यालयों में बच्चों का हुआ पारंपरिक स्वागत.बालिकाओं के लिए की गयीं विशेष व्यवस्थाएं.नामांकन वृद्धि हेतु नवाचार की ओर बढ़ा ठोस कदम.
- शिक्षा को अधिकार के साथ संस्कार भी मान रही है योगी सरकार: संदीप सिंह
लखनऊ । प्रदेशभर में ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत इस बार एक उत्सव के रूप में देखने को मिली। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का पारंपरिक ढंग से स्वागत हुआ, वहीं समुदाय और अभिभावकों को संवाद में जोड़कर शिक्षा को एक सामाजिक आंदोलन का स्वरूप दिया गया। डिजिटल नवाचारों के माध्यम से जन-जागरूकता को बढ़ावा मिला और बालिकाओं के नामांकन व सहभागिता पर विशेष बल दिया गया। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अभिनव पहल करते हुए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत विद्यालयों में वृक्षारोपण किया गया।
यह अभियान योगी सरकार के उस संकल्प का साकार रूप है, जिसमें शिक्षा को सामाजिक क्रांति का माध्यम मानते हुए हर बच्चे तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह प्रतिबद्धता अब ज़मीन पर उत्सव का रूप ले चुकी है। ग्रीष्मावकाश के उपरांत आज जब प्रदेश के परिषदीय विद्यालय खुले, तो बच्चों का स्वागत केवल औपचारिक नहीं, बल्कि संवेदना, सम्मान और संस्कार से परिपूर्ण था। साथ ही ‘स्कूल चलो अभियान’ के द्वितीय चरण की भी पूरे राज्य में शुरुआत हुई, जो 1 जुलाई से 15 जुलाई तक संचालित किया जाएगा।

यह चरण योगी सरकार की उस सोच का जीवंत प्रमाण है जिसमें शिक्षा केवल पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि हर बच्चे का मूल अधिकार है। मुख्यमंत्री योगी की दूरदर्शिता ही इस अभियान की आधारशिला बनी है। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी की यह स्पष्ट मान्यता रही है कि यदि कोई बच्चा स्वयं स्कूल नहीं आ सकता, तो राज्य की जिम्मेदारी है कि शिक्षा को उसके द्वार तक पहुँचाया जाए। ‘स्कूल चलो अभियान’ उनकी इसी दूरदर्शी सोच का साकार रूप है, जिसके माध्यम से शिक्षा को समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े बच्चे तक पहुँचाने का प्रयास हो रहा है।
विद्यालय बने उत्सव स्थल, बच्चों का हुआ पारंपरिक स्वागत
प्रदेश भर मे सभी विद्यालयों में आज उत्सव जैसा माहौल रहा। जहाँ बच्चों का स्वागत फूल मालाओं से हुआ वहीं उन्हें हलावा खिला कर उनके जीवन में मिठास घोलने का संकल्प भी लिया गया। प्रदेश के अन्य जिलों की तरह शाहजहाँपुर, प्रयागराज, सहारनपुर, जालौन, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बुलंदशहर और अयोध्या जैसे जिलों के लाखों विद्यालयों में भी विद्यार्थियों का रोली-चंदन, फूलमालाओं, मिठाई, हलवा-भोज और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आत्मीय स्वागत किया गया।
प्रयागराज के नगर क्षेत्र स्थित आदर्श संविलियन विद्यालय में मुख्य विकास अधिकारी की उपस्थिति में बच्चों को पुस्तकें और स्टेशनरी वितरित की गईं। बच्चों की रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया तथा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष, पारिजात, महोगनी आदि पौधों का रोपण भी किया गया।
अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने की हुई अपील
जालौन जनपद के ब्लॉक माधौगढ़ स्थित प्राथमिक विद्यालय अमखेड़ा में शिक्षकों और बच्चों ने डिजिटल अपील जारी कर समुदाय से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजें। यह नवाचार शिक्षा के प्रति सामाजिक सहभागिता को प्रेरित करने वाला उदाहरण बना।
‘बेटी पढ़े, प्रदेश बढ़े’ संकल्प संग बालिकाओं का गरिमापूर्ण स्वागत
लखीमपुर खीरी, वाराणसी, अम्बेडकरनगर, उन्नाव, सुल्तानपुर, जौनपुर समेत प्रदेश के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में बालिकाओं का गर्मजोशी से स्वागत हुआ। बालिकाओं ने नवसत्र की शुरुआत ज्ञान, संवाद और नवाचार के उत्साह के साथ की। योगी सरकार के नेतृत्व में बालिकाओं की शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
रैली, पौधरोपण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ जनजागरण भी
प्रदेशभर के सभी विद्यालयीं की तरह शाहजहाँपुर के ब्लॉक कलान कंपोजिट विद्यालय जखिया में माँ शारदे की वंदना के साथ शिक्षा यात्रा शुरू हुई। वहीं अयोध्या के करिमपुर स्थित विद्यालयों में विद्यार्थियों का फूलवर्षा और तिलक के साथ स्वागत किया गया। प्रयागराज से लेकर सहारनपुर तक रैलियों, दीवार लेखन और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से शिक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया गया।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ‘स्कूल चलो अभियान’ का दूसरा चरण उत्सवी वातावरण में प्रारंभ हुआ है। घर-घर संपर्क, बालिकाओं के नामांकन पर विशेष फोकस और विद्यालय से वंचित बच्चों तक पहुँच सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ यह अभियान चलाया जा रहा है। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि नए शैक्षणिक सत्र में कोई भी बच्चा पीछे न छूटे।
– संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश
सर्वोदय विद्यालयों में नए सत्र की शुरुआत, बच्चों में दिखा उमंग और उल्लास
उत्तर प्रदेश के वंचित, ग्रामीण और समाज के पिछड़े वर्गों के मेधावी बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई है। प्रदेशभर के इन आवासीय विद्यालयों में पहले दिन का माहौल उत्साहपूर्ण रहा। विद्यार्थियों के स्वागत के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रेरणात्मक सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें शिक्षकों ने बच्चों को नए सत्र के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया।
नए सत्र में दिखा नया जोश
विद्यालयों में बच्चों के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। छात्रों ने न केवल विद्यालय में समय पर पहुंचकर अनुशासन का परिचय दिया, बल्कि उनमें पढ़ाई के प्रति खास लगन भी दिखाई दी। शिक्षकगण भी पूरे उत्साह से विद्यार्थियों को सकारात्मक ऊर्जा देने में जुटे रहे। योगी सरकार ने इस सत्र में बच्चों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विद्यालय परिसरों में साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बिजली और बैठने की व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। साथ ही छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए समय पर नाश्ता, भोजन और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
स्मार्ट क्लास और आधुनिक लैब से शिक्षा होगी और सशक्त
प्रशिक्षित एवं अनुभवी शिक्षक विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में जुटे हैं। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, विज्ञान और कंप्यूटर लैब की बेहतर सुविधाएं बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ रही हैं। इसके अलावा शिक्षण के साथ-साथ खेलकूद, संगीत, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी समान महत्व दिया जा रहा है।
100 विद्यालय संचालित, 9 और होंगे शुरू
समाज कल्याण विभाग की ओर से इस समय 100 सर्वोदय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अन्य कमजोर वर्गों के बच्चों को नि:शुल्क आवासीय सुविधा सहित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। इस सत्र से 9 नए सर्वोदय विद्यालयों में भी पढ़ाई शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। इनमें से 45 विद्यालयों में आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे और अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल सकेगा।



