गांधीनगर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात के गांधीनगर में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कश्मीर से दो विधान, दो प्रधान और दो निशान समाप्त हो गए हैं और वहां तिरंगा बड़ी शान से लहरा रहा है।श्री शाह ने शनिवार को यहां 102वें अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘सहकार से समृद्धि’ कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और सचिव, सहकारिता मंत्रालय सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती है। आज अगर बंगाल औऱ कश्मीर भारत का हिस्सा हैं, तो इसका एकमात्र कारण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी हैं।उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने ही एक देश में दो विधान, दो प्रधान औऱ दो निशान नहीं चलेगे के आंदोलन का नेतृत्व किया और इसके लिए लड़ते-लड़ते अपने प्राण न्यौछावर कर दिये। आज प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में कश्मीर से दो विधान, दो प्रधान और दो निशान समाप्त हो गए हैं और वहां तिरंगा बड़ी शान से लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि आज बाबू जगजीवन राम जी की भी पुण्यतिथि है, जिन्होंने देश के दलितों के लिए कई विकास कार्यक्रम चलाए और सामाजिक समरसता और धर्म परिवर्तन के विरोध की नींव रखी।
केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज सहकारिता क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों कार्यकर्ताओं के लिए कई प्रकार से एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन प्रधानमंत्री ने एक स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की थी। पिछली सरकारों ने कभी अलग सहकारिता मंत्रालय की आवश्यकता महसूस नहीं की। गुजरात की धरती से आने वाले श्री मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद आज के समय में सहकारिता की ज़रूरत को समझकर 2021 में एक स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की थी। (वार्ता)
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