NationalUP Live

प्रदेशवासियों ने 7 वर्षों में कानून व्यवस्था के महत्व को बखूबी अनुभव किया: सीएम योगी

प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था के संकल्प को दर्शाता है 40 लाख करोड़ के निवेश का प्रस्ताव: सीएम योगी

  • 67वीं ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट के समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
  • सीएम योगी ने मीट की स्मारिका का किया विमाेचन, प्रतिस्पर्धाओं के विजेताओं को प्रदान की ट्रॉफी

लखनऊ : प्रदेशवासियों ने पिछले 7 वर्षों में कानून व्यवस्था के महत्व को बखूबी अनुभव किया है। प्रदेशवासियों ने प्रदेश के लॉ एंड आर्डर की बेहतर स्थिति और सुरक्षा के माहौल को देखते हुए ही दोबारा इस सरकार को चुना है। आज हर नागरिक के मन में सुरक्षा का विश्वास है। प्रदेश की मजबूत कानून व्यवस्था का ही परिणाम है कि जीआईएस-23 में 40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए जबकि 2017 से पहले प्रदेश में निवेश के लिए कोई आना नहीं चाहता था। 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में 10 लाख करोड़ से अधिक निवेश के प्रस्तावों को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से धरातल पर उतारने जा रहे हैं। इससे 35 लाख नौजवानों को सीधे-सीधे नौकरी मिलेगी, जो यह दर्शाता है कि संकल्प के साथ कानून व्यवस्था को लागू किया जाए तो उसके परिणाम भी सामने आते हैं। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को 67वीं ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट के समापन समारोह में कही। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीट की स्मारिका का विमोचन किया। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं के विजेताओं को ट्रॉफी भी प्रदान की।

फील्ड में मिला अनुभव ही असली ज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सुरक्षा का बेहतर माहौल बनाने में पुलिस के विभिन्न बलों की अति महत्वपूर्ण भूमिका है। इतना ही नहीं पब्लिक परसेप्शन तय करने में भी पुलिस बल का अहम रोल है। उन्हे यह परसेप्शन बनाने में काफी चुनौतियों का सामना किया है। इसके लिये उन्हे दोहरी मानसिकता के साथ काम करना पड़ता है। वह असामाजिक और अराष्ट्रीय तत्वाें के साथ जीरो टाॅलरेंस नीति के तहत अपने काम को अंजाम तक पहुंचाते हैं, जबकि कॉमन मैन के गुहार लगाने पर संवाद स्थापित कर उन्हे न्याय दिलाते हैं। इससे कॉमन मैन के मन में एक नया विश्वास पैदा होता है। साथ ही यह पुलिस बल की संवेदनशीलता को भी दर्शाता है।

समारोह में देश भर के विभिन्न बलों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया है। उनके अपने-अपने अनुभव हैं। उन अनुभवों का लाभ किस रूप में हम ले सकते हैं यह काफी महत्वपूर्ण है। हमारे देश में ज्ञान के आदान-प्रदान की परंपरा वर्षों पुरानी है। राजधानी लखनऊ से 70 किलोमीटर दूर नौमिषारण्य है, जो हजारों वर्ष पहले ऋषियों के ज्ञान के आदान प्रदान के मंथन का केंद्र था। यहां पर भारत के वैदिक ज्ञान की परंपरा को लिपिबद्ध करने का काम किया गया था। इसमें पूरे देश भर के 88,000 ऋषि-मुनि शामिल थे। ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट इसी धरोहर को आगे बढ़ाता है। सीएम योगी ने कहा कि ज्ञान वह नहीं होता है जो पुस्तकों में लिखा होता है, जबकि ज्ञान वह है जो फील्ड की ड्यूटी के दौरान आप अनुभव करते हैं।

प्रतियोगिताओं और प्रतिस्पर्धाओं में बहुत कुछ सीखने और देखने को मिलता है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अपराध की बदलती प्रकृति के अनुसार हम सभी को अपने आप को तैयार करना होगा। हम जब अपनी बेस्ट प्रैक्टिसेज को जनता के सामने शेयर करते हैं तो बहुत कुछ जानने और सीखने को मिलता है। वहीं इस प्रकार की प्रतियोगिताओं और प्रतिस्पर्धाओं के माध्यम से बहुत सारी चीजों को देखने और सीखने का अवसर मिलता है। यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हो चुका है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर देश के अंदर की चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रख करके स्मार्ट पुलिसिंग की बात करते हैं। इस दौरान वह सख्त और सेंसिटिव पुलिस की बात करते हैं। पुलिस बल जब स्मार्ट पुलिसिंग की व्यवस्था से जुड़ जाएगी तो वर्तमान की चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक कर सकेगी। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी प्रशांत कुमार, डीजी आरपीएफ मनोज यादव आदि शामिल हुए।

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button