
वाराणसी : वर्ष 2014 में संपन्न लोकसभा चुनाव में काशी की जनता ने भारी मतों से श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी को अपने प्रतिनिधि के रूप में लोकसभा में भेजा। मोदी ने पत्रकारों को नामांकन के समय उत्तर देते हुए कहा था कि उन्हें माँ गंगा ने बुलाया है। काशी की ड्योढ़ी को प्रणाम किया था और उसी आत्मीय भाव से काशी कि बहुसंख्यक जनता ने मोदी को विजयी बनाया।2014-2023 तक के कालखंड में सांसद और प्रधानमंत्री के रूप में प्रारम्भ से लेकर अबतक किये गए इनके कार्यों की लिपिबद्ध किया जाए तो कई खण्डों की पुस्तक तैयार हो जाएगी। मोदी ने काशी के लोगों की सोच से भी बहुत आगे जाकर काशी के सांस्कृतिक मूल्यों की और धरोहरों सहित जो विकास की धारा प्रवाहित किया वह देश ही नहीं अपितु पूरी दुनिया के लिए एक उदहारण है। अभी भी प्रवाहमान विकास यात्रा अनवरत रूप से जारी है। 2017 में प्रदेश में शासन परिवर्तन के बाद लगता है कि काशी के विकास में पंख जुड़ गए हैं।
नरेंद्र मोदी काशी से निर्विरोध क्यों –
केंद्र में सरकार गठन के बाद ट्रेड फैसिलिटी सेन्टर के निर्माण के साथ ही काशी में विकास धारा बह चली । रिंग रोड की फाइल झाड़ पोंछ कर निकाली गयीं।समयबद्ध रिंगरोड फेज -1 का निर्माण, गेटवे ऑफ़ बनारस कहे जाने वाले बाबतपुर एयरपोर्ट का निर्माण, रुद्राक्ष कन्वेंशन सेन्टर का निर्माण, सर सुंदरलाल चिकित्सालय में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निर्माण, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर में ही महामना कैंसर इंस्टिट्यूट का निर्माण, कैंट स्थित वाराणसी जंक्शन का विकास एवं सौंदर्यीकरण, तात्कालिक मडुआडीह स्टेशन का बनारस स्टेशन के रूप में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के सुविधाओं से युक्त टर्मिनल के रूप में विकास, वाराणसी स्टेशन में विकास और पुनर्निर्माण,काशी को स्मार्ट सिटी का दर्जा देते हुए मॉडल शहर के रूप में विकास,पुराने शहर और नए शहर में संकरी गलियों से लेकर सड़कों तक का हृदय और जायका के माध्यम से विकास,सड़कों का चौड़ीकरण,पुनर्निर्माण और सुसज्जित करना,पर्यावरण के लिए अनुकूल डिवाइडर का निर्माण,शहर को पेंटिंग और सोशल पेंटिंग से सुसज्जित किये जाने का कार्य, हथकरघा उद्योग,कुटीर उद्योग का सुदृढ़ीकरण और निर्यात को प्रोत्साहन का कार्य, इस क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने का कार्य, प्रवासी भारतीय सम्मलेन G -20 के सम्मलेन आदि।
काशी में विद्युत व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण करते हुए यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिएअनेकानेक नए मार्गों का निर्माण,रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण, देश के अद्वितीय रज्जु मार्ग की परियोजना का आरम्भ,सब्सिडी युक्त सोलर लाइट परियोजना,एथेनॉल गैस प्रोजेक्ट, कूड़ा प्रबंधन के कार्य, जल-मल शोधन संनियंत्रों का निर्माण और विकास,इन सब में सबसे ऊपर जगतनियंता बाबा विश्वनाथ के परिसर का अभूतपूर्व निर्माण और विकास। इनके मात्र इस कार्य से वर्तमान में काशी उत्तर प्रदेश के पर्यटन मानचित्र में सबसे ऊपर है और काशी के लाखों निवासियों को स्थायी रूप से रोजगार प्राप्त हो रहा है।
काशी ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अनेक ऐसी योजनाऐं क्रियान्वित की गयी जो किसी व्यक्ति कि सोच के बहुत आगे थी, जैसे पूरे देश में इज्जत घर का निर्माण, हर गरीब को आवास,मैंने नजदीक से महसूस किया है कि ऐसे लोगों को घर मिला जो स्वप्न मेंभी नहीं सोच सकते थे कि मेरे पास भी अपना पक्का घर होगा, उज्जवला योजना जिससे महिलाओं के जीवन में बदलाव आया, सौभाग्य योजना में घर-घर बिजली,जल जीवन मिशन द्वारा हर घर शुद्ध पानी, माँ गंगा कि निर्मलता और अविरलता के लिए किये गए कार्य तो अब प्रवाहमान माँ गंगा में दिखाई पड़ने लगें है, अंतर्देशीय जल परिवहन का काशी से विकास,पूरे देश में अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण और विकास,गौ-पालन,गौ-संरक्षण,मत्स्य पालन,किसानो को सब्सिडी युक्त फर्टीलाइजर और खाद, किसानो के लिए रियायतीदर पर बिजली व्यवस्था, विपणन मंडियों का विकास, कृषि और औद्यानिक उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस कि मान्यता।
राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रीय सेवा के लिए अनेकों महापुरुषों को भारतरत्न से विभूषित करने का कार्य, राष्ट्रीय एकीकरण के लिए कश्मीर को विभाजित करने वाली धारा 370की समाप्ति और भगवान श्री रामचंद्र जी के जन्म स्थान अयोध्या में भव्य राम मन्दिर के निर्माण का कार्य, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सनातन पुनर्जागरण का उत्कृष्ट उदहारण है। काशी से ही दिया दिव्यांग शब्द तथा दिव्यांगों के सम्मान और पुनर्वास कि अनगिनत कार्य योजनाओं के चलते उनके जीवन में नई-नई संभावनाएं पैदा हुईं। यहाँ हम इनके अन्तर्राष्ट्रीय कार्यों का वर्णन नहीं कर पा रहे हैं। इतना कहना आवश्यक है कि कई देशों के शासनाध्यक्ष और राष्ट्राध्यक्ष को मोदी जी ने काशी की सैर कराया। इस प्रकार के कार्य किसी मानव से सम्भव प्रतीत नहीं होते यह सम्पूर्ण कार्य इन्हें दैवत्व युक्त महामानव बनाता है। इनके कार्य युगों युगों तक याद रखे जाएंगे क्योंकि काशी अविनाशी है।
अब समय आ गया है कि इस युगपुरुष को काशीकी जनता और जनता से जुड़े हुए जितने सांस्कृतिक संगठन,संस्थाएं, राजनीतिक अथवा गैर राजनीतिक संस्थाएं अपना स्वधर्म मानकर मोक्षदायिनी काशी, माँ गंगा,भारत देश और पूरे विश्व के लिए किये गए कार्यों के लिए अनुग्रहित भाव से लोकसभा के आगामी चुनाव में निर्विरोध रूप से लोकसभा भेजकर अपनी कृतज्ञता प्रकट करे। अखिल भारतीय मनीषी परिषद् की ओर से हम काशी के जन-जन से,सभी राजनीतिक दलों से यह अपील करते हैं कि इस अवसर को काशी की जनता अपने हाथ से न जाने दे और आग्रह पूर्वक इस युगदृष्टा महापुरुष श्री नरेन्द्र भाई मोदी को संसद में निर्विरोध भेजे।
पत्रकारवार्ता को अखिल भारतीय मनीषी परिषद् के अध्यक्ष डॉ विद्या सागर पाण्डेय एवं महासचिव दिवाकर द्विवेदी ने संयुक्त रूप से सम्बोधित किया साथ में मनीषी परिषद् के रणदीप सिंह, चंद्रेश पाण्डेय, शैलेश श्रीवास्तव, हिमांशु मिश्रा, चंद्रप्रकाश दूबे, अम्बरीश उपाध्याय, प्रथमेश शर्मा आदि लोग अखिल भारतीय मनीषी परिषद् की ओर से मौजूद रहे।



