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राजनाथ ने रक्षा क्षेत्र के लिए पांचवीं स्वदेशीकरण सूची जारी की

नयी दिल्ली : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढावा देने की दिशा में आज एक और बड़ा कदम उठाते हुए 98 रक्षा साजो सामान की पांचवीं सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची जारी की। सूची में शामिल सामान का अब आयात नहीं किया जायेगा और इन्हें निश्चित समय सीमा में देश में ही बनाया जायेगा।

श्री सिंह ने बुधवार को यहां रक्षा और नवाचार के क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भरता’ को बढ़ावा देने के लिए, नौसेना नवाचार और स्वदेशीकरण संगठन के दो दिवसीय सेमिनार ‘स्वावलंबन’ के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए यह सूची जारी की। इस सूची में अत्यधिक जटिल सिस्टम, सेंसर, हथियार और गोला-बारूद जैसे सामानों को शामिल किया गया है। इन सभी वस्तुओं को रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 में के प्रावधानों के अनुसार अलग-अलग समय-सीमा में स्वदेशी स्रोतों से खरीदा जाएगा।रक्षा मंत्री ने इस मौके पर दसवीं रक्षा भारत स्टार्ट-अप चुनौतियां और रक्षा उद्योग के लिए 76 चुनौतियों के कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया।

उन्होंने भारतीय नौसेना का अद्यतन स्वदेशीकरण रोडमैप ‘स्वावलंबन 2.0’ भी जारी किया। सेमिनार के दूसरे दिन रोडमैप की बारीकियों को समझाने के लिए उद्योग के लिए एक विशेष इंटरैक्टिव सत्र की योजना बनाई गई है।श्री सिंह ने इस मौके पर कहा कि भारत का रक्षा क्षेत्र अभी नवाचार की नाव पर सवार है। उन्होंने युवाओं को नए उत्पादों को विकसित करने के लिए एक मंच प्रदान करने पर आईडेक्स की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे न केवल स्टार्ट-अप की प्रगति सुनिश्चित होती है, बल्कि देश के रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूती मिलती है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत हमेशा ज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर रहा है और जब 2014 में मौजूदा सरकार सत्ता में आई, तो उसने हर क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर’ होने की भावना को फिर से जगाया। उन्होंने कहा, “विदेशी आक्रमणों के कारण हम अपना नवीन दृष्टिकोण भूल गए थे। ‘स्थानीय’ शब्द निम्न गुणवत्ता का पर्याय बन गया। अब हम खुद को उस मानसिकता से मुक्त कर रहे हैं। हमारे प्रधान मंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान शुरू किया और स्थानीय वस्तुओं के प्रति सम्मान बहाल किया। हमारे युवा अब अपनी आंतरिक शक्ति को पहचान रहे हैं और आंतरिक शंकाओं को दूर कर रहे हैं। आने वाले समय में वे अपने नवोन्मेषी दृष्टिकोण और ज्ञान से देश के विकास में बड़ी भूमिका निभाएंगे।”(वार्ता)

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