
नयी दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण पर हमेशा जोर देती रही है और अपने संकल्प पत्र में महिलाओं को लोसकभा और विधानसभाओं में आरक्षण देने का वायदा किया था, जिसे नारी शक्ति वंदन विधेयक के माध्यम से पूरा किया जा रहा है।
श्रीमती सीतारमण ने राज्यसभा में इस विधेयक पर हुयी चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुये कहा कि इस विधेयक के जरिए लोकसभा और विधानसभाओं में एक तिहाई सीट महिलाओं के लिए आरक्षित किया जा रहा है। इसमें तीन अनुच्छेद है, जिसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए भी आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि संविधान में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को आरक्षण दिये जाने की बात कही गयी है, लेकिन उसमें पिछड़े वर्ग के आरक्षण का जिक्र नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुये इस विधेयक में पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए अगल से आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया है।
परिसीमन के बाद इस विधेयक के प्रभावी होने के प्रावधान पर श्रीमती सीतारमण ने कहा कि वर्ष 2026 में इसके लिए एक समिति बनायी जाएगी है, जो सेवानिवृत्त न्यायधीश की अध्यक्षता में गठित होगी। इसमें चुनाव आयोग के सदस्य के साथ ही सभी मान्यता प्राप्त दलों के सदस्य होंगे। इसलिए वर्ष 2026 में परिसीमन कराये जाने की बात कही गयी है।उन्होंने कहा कि अब तक कई कानून वर्ष 1971 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर बनाये गये हैं, लेकिन इस विधेयक को प्रभावी बनाये जाने के लिए नयी जनगणना के आंकड़ों का ही उपयोग किया जायेगा।उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के लिए पहले चार बार विधेयक लाये जा चुके हैं। वर्ष 2010 में राज्यसभा से पारित महिला आरक्षण विधेयक को 2014 तक लोकसभा में पेश नहीं किया जा सका।
लोकसभा में भंग होने के साथ ही विधेयक भी स्वत: निरस्त हो गया। उन्होंने कहा कि जब- जब इस विधेयक को लाया गया तब- तब भाजपा ने समर्थन किया है।उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा महिलाओं के सशक्तिकरण के पक्षधर रही है और पार्टी में संगठन स्तर पर महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाता है। भाजपा के संकल्प पत्र में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने का उल्लेख है। जिस तरह से संकल्प पत्र में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने और तीन तलाक के विरूद्ध कानून बनाने का उल्लेख था, उसी तरह से महिला आरक्षण विधेयक का भी उसमें उल्लेख है। संकल्प पत्र में सब कुछ है।सरकार की महिलाओं के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक दोनों स्तर पर सशक्त बनाने के उपाय किये गये हैं।(वार्ता)



