
नयी दिल्ली : राज्यसभा में आज अनुचित आचरण के आरोप में तृणमूल कांग्रेस (तृकां) के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ ब्रायन को सदन की मानसून सत्र की कार्यवाही की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।सदन की कार्यवाही शुरु होने के बाद श्री ब्रायन ने व्यवस्था के मामले के तहत मणिपुर पर चर्चा किये जाने की मांग को उठाया और कहा कि विपक्ष के नेता नियम 267 के तहत इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग पहले से करते रहे है। सभापति जगदीप धनखड़ ने पूछा कि वह किस नियम के तहत व्यवस्था का मामला उठा रहे है।
उन्होंने कहा कि वह श्री ब्रायन का नाम लेंगे इसके बाद श्री ब्रायन बहुत अधिक उत्तेजित हो गये।इसी दौरान सदन के नेता पीयूष गोयल ने श्री ब्रायन को अनुचित आचरण के आरोप में सदन की मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए कार्यवाही से निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया। जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद सदन की बैठक 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा का मानसून सत्र 11 अगस्त तक निर्धारित है।
इससे पहले सभापति ने कहा कि गृहमंत्री, सदन के नेता और उन्होंने मणिपुर पर चर्चा किये जाने की बात कही है और इसके लिए समय भी निर्धारित कर दिया गया है इसके बावजूद इस मामले पर सफलता नहीं मिल रही है। श्री गोयल ने कहा कि वह गृहमंत्री से संपर्क करने का प्रयास करते है और संभव हो तो आज 12बजे से इस मामले पर चर्चा हो। सभापति ने कहा कि कुल 51 सदस्यों ने नियम 267 के तहत नोटिस दिया है, जिनमें से अधिकांश ने मणिपुर की घटनाओं पर चर्चा किये जाने की मांग की है। इस दौरान विपक्षी दल के सदस्य अपनी सीट से नारेबाजी करते रहे।
डेरेक ओ ब्रायन पर अभी कोई फैसला नहीं: धनखड़
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन के सदन में अनुचित आचरण पर अभी कोई फैसला नहीं किया गया है।शून्य काल के दौरान सदन में श्री ब्रायन के अनुचित आचरण पर श्री धनखड़ ने उन्हें मानसून सत्र के की शेष अवधि के लिए कार्यवाही से निलंबित करने की घोषणा की थी। इससे पहले सदन के नेता श्री पीयूष गोयल ने श्री ब्रायन को मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा था।प्रश्नकाल शुरू होने पर श्री धनखड़ ने कहा कि उन्होंने श्री ब्रायन को निलंबित करने की घोषणा पर विचार किया है। इसलिए वह घोषणा के बाद भी सदन में है।
कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने कहा कि सभापति को बड़ा हृदय दिखाना चाहिए और श्री ब्रायन का निलंबन वापस ले लेना चाहिए। कांग्रेस के ही मुकुल वासनिक ने कहा कि परिस्थितियों वश श्री ब्रायन आवेश में आ गए। उनका इरादा सभापति का अपमान करना नहीं है। इसी पार्टी के श्री दिग्विजय सिंह ने भी श्री ब्रायन के पक्ष में अपनी बात रखी। कांग्रेस के ही जयराम रमेश ने कहा कि श्री ब्रायन का आचरण उचित नहीं था। वह उनकी तरफ से खेद व्यक्त करते हैं।सदन के नेता श्री पीयूष गोयल ने कहा कि श्री ब्रायन का आचरण नियमों के अनुकूल नहीं था। उन्होंने सभापति का अपमान करने का प्रयास किया है। लेकिन इस गतिरोध का रास्ता निकालना ही होगा। वह सभापति से सदन के नेता के तौर पर खेद व्यक्त करते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर श्री ब्रायन अपने आचरण पर खेद व्यक्त करते हैं, तो उसे स्वीकार कर लेना चाहिए। इस पर कांग्रेस के सदस्यों ने एक बार फिर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद श्री धनखड़ ने कहा कि सदस्यों को सदन की कार्यवाही चलने देनी चाहिए क्योंकि श्री ब्रायन के मामले पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।(वार्ता)



