नूंह हिंसा:सोशल मीडिया पर अपलोड 2300 वीडियो पुलिस रडार पर
पाकिस्तानी कनेक्शन समेत सभी बिंदुओं पर पुलिस की जांच जारी, अब तक 216 गिरफ्तार, 80 हिरासत में : विज
चंडीगढ़। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने नूह में हुई हिंसा के बारे में आज कहा कि पुलिस कार्यवाही कर रही है और अब तक 104 एफआईआर दर्ज की गई है और 216 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसी प्रकार, इस मामले में 80 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है। सीआईडी के इंस्पेक्टर के वायरल वीडियो के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ये वीडियो उन्होंने भी सुना है, उचित समय पर उचित कार्यवाही करेंगे।
नूह हिंसा में पाकिस्तान के हाथ होने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में गृह मंत्री ने कहा कि ये सारे तथ्य पुलिस की जानकारी में है, और पुलिस एक -एक बिंदु पर जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच करने के बाद जो निष्कर्ष सामने आएगा, वो बताया जायेगा। हिंसा के दौरान पंजाब नंबर की गाड़ी के तार हैदर अली से जुड़े होने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ये जानकारी भी अधिकारियों को भेज दी गई है, और इसकी भी जांच की जाएगी।
बिट्टू बजरंगी थाने से जमानत पर छूटा
चंडीगढ़। नूंह हिंसा में उकसाने के आरोपी बिट्टू बजरंगी की कल हुई गिरफ्तार के बाद थाने से जमानत पर छोड़ दिया गया। फरीदाबाद में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। धार्मिक भावनाओं को आहत करने का यह केस नूंह हिंसा के अगले दिन यानी 1 अगस्त को दर्ज हुआ। इसमें बिट्टू बजरंगी के लोकेशन बताकर उसके मेवात आने के लाइव वीडियो को आधार बनाया गया है। पुलिस ने कहा कि बिट्टू ने पाली गांव में समर्थकों के साथ ऐसी बातें कर लोगों को भड़काया है। फरीदाबाद पुलिस के पीआरओ सूबे सिंह ने स्पष्ट किया कि बिट्टू को थाने से ही जमानत दी गई क्योंकि इसके ऊपर जो एफआईआर दर्ज हुई, इसमें सात साल से कम की सजा का प्रावधान है।
नुूंह हिंसा की जांच में जुटी टीमों को मिले अहम तथ्य : उपद्रवियों ने 500 राउंड फायर किए
नूंह/ चंडीगढ़ । पांच दिन पहले मेवात में हुई सांप्रदायिक हिंसा को लेकर जमीनी स्तर पर जारी विभिन्न पुलिस टीमों की जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। माहौल बिगाड़ने में शुमार पाए गए सोशल मीडिया पर अपलोड हुए विभिन्न पक्षों के कुल 2300 वीडियो पुलिस जांच के जद में हैं। इन्हें अपलोड करने वालों लेकर इन पर टीका-टिप्पणी करने वालों का पुलिस टीमें विश्लेषण कर रही हैं ताकि तकनीकी साक्ष्यों के साथ सटीक आरोपियों को दबोचा जाए। अब तक के जांच में मिला है कि हिंसा वाले दिन बाहर से अतिरिक्त पुलिस बल के पहुंचने से पहले काफी तांडव मच चुका था और थर्रा देने वाली घटनाएं हुई थीं। उपद्रवियों की ओर कुल करीब 500 राउंड फायरिंग की गई जबकि उस दौरान मौके पर मौजूद सीमित पुलिस बल की ओर से कुल 120 राउंड ही जवाबी फायरिंग की गई।
उपद्रवियों के निशाने पर नल्हड़ मंदिर तो महज आतंक कायम करने का जरिया था लेकिन असल निशाने पर नूंह का साइबर थाना था। इसे सिर्फ इस तथ्य से समझा जा सकता है कि हिंसा के आरंभिक चरण में पुलिस की ओर से हुई जवाबी फायरिंग में से 105 फायरिंग साइबर थाने में मौजूद पुलिस वालों को अपने आत्मरक्षार्थ और परिसर के साथ ही सरकारी संपत्ति को बचाने के लिए की गई। अन्य 15 राउंड बाकी हिस्से में पुलिस की ओर से जवाबी फायरिंग में की गई। साइबर थाने को उपद्रवियों ने फूंककर राख करने की पूरी तैयारी की थी लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के कड़े जवाबी प्रतिकार ने उनके मसंूबों को पूरा नहीं होने दिया। फिर भी साइबर थाने को काफी नुकसान पहुंचा है।
एडीजीपी ममता सिंह की अगुवाई वाली टीम के अलावा जांच में जुटी अन्य टीमों के विश्लेषणात्मक ब्योरे के बारे में कोई भी तत्काल आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कह रहा। पाकिस्तानी कनेक्शन वाली बात की भी जांच जारी है और उसके लिए सोशल मीडिया पर अपलोड वीडियो खंगाले जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर अपलोड करीब तीन हजार वीडियो को सरसरी तौर पर भड़Þकाऊ मानते हुए जांच के दायरे में लिया गया जिनमें से करीब 700 को विशेष आपत्तिजनक न होने के चलते किनारे रखा गया है। अन्य पर काम जारी है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी एहसान मेवाती के अलावा मोनू मानेसर और बिट्टू बंजरगी पर काफी कुछ तथ्य मिले हैं। साथ ही शाहिद, आदिल खान मन्नाका और शायर गुरु घंटाल के भड़काऊ वीडियो का गंभीरता से विश्लेषण जारी है। इनमें से गुरु घंटाल को छोड़ अन्य के लोकेशन भी हर पल पुलिस के रडार पर हैं और उनके ट्रेसिंग अपडेट की जा रही है।



