नयी दिल्ली : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गत 04 मई को मणिपुर के कांगपोकपी जिले के बी फीनोम गांव में भीड़ द्वारा एक आदिवासी परिवार के पांच सदस्यों को पुलिस हिरासत से ले जाने की घटना में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग से संबंधित शिकायतों का संज्ञान लिया एवं मणिपुर सरकार को नोटिस जारी किया है।
इस घटना में कथित तौर पर, भीड़ दवारा दो महिलाओं को नग्न घुमाया गया, उनमें से एक के साथ बेरहमी से सामूहिक बलात्कार किया गया और परिवार के दो पुरुष सदस्यों, जिन्होंने महिलाओं की रक्षा करने की कोशिश की उनकी हत्या कर दी गयी ।आयोग ने मणिपुर के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर 04 सप्ताह के भीतर मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में घटनाओं के संबंध में दर्ज प्राथमिकी की जांच की स्थिति, पीड़ित महिलाओं और अन्य घायल व्यक्तियों की स्वास्थ्य स्थिति के साथ-साथ पीड़ित व्यक्तियों/परिवारों को दिया गया मुआवजा, यदि कोई हो, शामिल होना चाहिए।
मणिपुर को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही स्थगित
लोकसभा में शुक्रवार को मणिपुर में हिंसा और महिलाओं के साथ अत्याचार की घटनाओं पर तत्काल चर्चा कराने की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं हो सका और सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की, कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने मणिपुर की घटनाओं पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
श्री बिरला ने कहा कि उन्होंने विपक्षी दलों के कार्यस्थगन पर कोई व्यवस्था दी है क्या? उन्हाेंने कहा कि समस्याओं और मुद्दों का समाधान नारेबाजी से नहीं निकलेगा। इनका समाधान चर्चा और बातचीत से निकलेगा। विपक्ष का यह तरीका उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मणिपुर की घटनाओं को लेकर कुछ कहना चाहते हैं, उनकी बात सुन लीजिए।श्री सिंह ने कहा कि मणिपुर की घटनायें गंभीर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मणिपुर में महिलाओं के साथ बर्बरता करने वालों पर कठोर से कठोर से कार्रवाई करने की बात कह चुके हैं। उन्होंने कहा, “मैंने भी सर्वदलीय बैठक में कहा था कि सरकार मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है। वही बात मैं फिर से दोहराता हूं कि सरकार मणिपुर की घटनाओं पर चर्चा के लिए तैयार है।
सदन की कार्यवाही चलने दें। हम चाहते हैं कि मणिपुर पर चर्चा होनी चाहिए।”उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल ऐसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं कि मणिपुर की घटनाओं पर चर्चा न हो। ऐसा लगता है कि प्रतिपक्ष इसको लेकर गंभीर नहीं है।श्री बिरला ने इसके बाद फिर विपक्षी दलों से शाेरशराबा और हंगामा न करने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह रवैया उचित नहीं है। वह चाहते हैं कि सदन में मुद्दों पर चर्चा हो।लोकसभा अध्यक्ष के बार-बार आग्रह करने के बावजूद भी विपक्षी सदस्य शोरगुल करते रहे। इस पर श्री बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.(वार्ता)



